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डीटीआर में रखी जा रही प्रवासी पक्षियों के व्यवहार पर निगाह

Sat, 11 Dec 2021 12:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 12:20 AM IST
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Monitoring the behavior of migratory birds being kept in DTR
जलाशय में कलरव करते पक्षी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
पीटीआर में मृत मिले पक्षियों की अब तक नहीं आई जांच रिपोर्ट
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बांकेगंज। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के शारदा सागर डैम में मृत पक्षियों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। हालांकि बर्ड फ्लू की आशंका के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) में प्रवासी पक्षियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। निगरानी टीमों से कहा गया है कि यदि इनमें कुछ भी अस्वाभाविक मिलता है तो इसकी सूचना तत्काल वनाधिकारियों को दें।
बीते दिनों पीटीआर के शारदा सागर डैम में सैकड़ों की संख्या में प्रवासी पक्षी मृत पाए गए थे। जांच के लिए शव बरेली स्थित आईवीआरआई भेजे गए थे, जिसकी रिपोर्ट पीटीआर प्रशासन को अब तक नहीं मिली है। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी संजय पाठक ने दुधवा समेत जंगल के अंदर और बाहरी इलाकों में स्थित जलाशयों, झीलों, वेटलैंड समेत नदियों में आने वाले प्रवासी परिंदों की सुरक्षा के अलर्ट जारी करते हुए उनकी लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।
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एफडी के निर्देश पर गठित वन कर्मियों की टीमें और दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर पिछले दो दिनों से किशनपुर सेंक्चुरी के झादीताल, बांकेताल समेत अन्य जलाशयों और वेटलैंड में मौजूद प्रवासी परिंदों की गतिविधियों और व्यवहार पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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दुनिया के सबसे बड़े सैलानी हैं प्रवासी पक्षी
डीटीआर के पूर्व एफडी, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में (आईजी फॉरेस्टर) और दिल्ली जू के निदेशक रमेश कुमार पांडेय का कहना है पक्षी दुनिया के सबसे बड़े सैलानी हैं। ठंडे देशों से हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर हजारों की संख्या में पक्षी तराई में आते है और सैलानियों की तरह चार माह प्रवास कर अपने वतन लौट जाते हैं। यह पक्षी आठ हजार मीटर तक की ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं। यहां आकर यह प्रजनन के साथ अपना और बच्चों का पोषण करते हैं।

मेहमान पक्षियों की सुरक्षा के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। निगरानी के दौरान पक्षियों की गतिविधियां और व्यवहार सामान्य है। वन कर्मियों की टीमें बारी-बारी से प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा में जुटी हैं।
- संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व
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