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क्रिटिकल व वरनेबल बूथों पर पैरामिलिट्री फोर्स की रहेगी निगरानी
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लखीमपुर खीरी। विधानसभा चुनाव के लिए इस बार 1645 पोलिंग सेंटरों पर 3172 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जिसमें से 610 पोलिंग बूथ को क्रिटिकल व वरनेबल (अति संवेदनशील) की श्रेणी में रखा गया है। इन बूथों पर मतदान के दौरान सबसे ज्यादा गड़बड़ी होने की आशंका जताई गई है, जिससे इन बूथों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। इन बूथों पर सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की जाएगी।
चुनाव के चौथे चरण में 23 फरवरी को आठ विधानसभा सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी मैदान मतदाताओं को लुभाने के लिए चौसर बिछ चुकी है। पिछले कुछ चुनावों से संवेदनशील व अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक क्रिटिकल व वरनेबल श्रेणी में रखे गए पोलिंग बूथों पर गड़बड़ी करके मतदान को प्रभावित किया जा सकता है।
पूर्व में इन स्थानों पर तनाव की स्थिति पैदा हो चुकी है। लिहाजा जिला प्रशासन ने ऐसे सभी पोलिंग बूथों को क्रिटिकल व वरनेबल श्रेणी में रखा है। एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि इन पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के लिए पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती की जाएगी। बूथों पर प्रेक्षक तैनात रहेंगे। सभी बूथों पर वेबकास्टिंग कराई जाएगी, जहां पर नेटवर्क की समस्या होगी वहां पर वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
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फर्जी मतदान को रोकने में मदद करेगी आशा और आंगनबाड़ी
पोलिंग बूथों पर फर्जी मतदान को रोकने के लिए प्रशासन के सामने चुनौती है, जिसके लिए वरी लिस्ट तैयार कराई गई है। तुरंत कार्रवाई के लिए क्यूआरटी टीमें गठित की गई हैं। यदि कोई हिजाब की आड़ में फर्जी मतदान करने का प्रयास किया जाता है, तो उनकी पहचान कराने के लिए उस क्षेत्र की आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोलिंग बूथों पर तैनात किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पीठासीन अधिकारी इनकी मदद ले सकता है।
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चुनाव के चौथे चरण में 23 फरवरी को आठ विधानसभा सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी मैदान मतदाताओं को लुभाने के लिए चौसर बिछ चुकी है। पिछले कुछ चुनावों से संवेदनशील व अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक क्रिटिकल व वरनेबल श्रेणी में रखे गए पोलिंग बूथों पर गड़बड़ी करके मतदान को प्रभावित किया जा सकता है।
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पूर्व में इन स्थानों पर तनाव की स्थिति पैदा हो चुकी है। लिहाजा जिला प्रशासन ने ऐसे सभी पोलिंग बूथों को क्रिटिकल व वरनेबल श्रेणी में रखा है। एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि इन पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के लिए पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती की जाएगी। बूथों पर प्रेक्षक तैनात रहेंगे। सभी बूथों पर वेबकास्टिंग कराई जाएगी, जहां पर नेटवर्क की समस्या होगी वहां पर वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
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फर्जी मतदान को रोकने में मदद करेगी आशा और आंगनबाड़ी
पोलिंग बूथों पर फर्जी मतदान को रोकने के लिए प्रशासन के सामने चुनौती है, जिसके लिए वरी लिस्ट तैयार कराई गई है। तुरंत कार्रवाई के लिए क्यूआरटी टीमें गठित की गई हैं। यदि कोई हिजाब की आड़ में फर्जी मतदान करने का प्रयास किया जाता है, तो उनकी पहचान कराने के लिए उस क्षेत्र की आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोलिंग बूथों पर तैनात किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पीठासीन अधिकारी इनकी मदद ले सकता है।