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सात दिनों में एक दाना भी धान नहीं खरीदा

Sat, 08 Oct 2016 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Sat, 08 Oct 2016 12:01 AM IST
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Money did not buy a single grain in seven days
grain - फोटो : amar ujala
नमी के मानक के फेर में फंसा किसान, केंद्रों पर बारदाना नहीं और न ही खातों में पैसा
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खरीफ सीजन में धान खरीद के लिए एक अक्तूबर से जिले में 82 सरकारी क्रय केंद्र बनाए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन सात दिन बाद भी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। क्रय केंद्रों पर सिर्फ बैनर टांग कर खानापूर्ति की गई है, जबकि कई केंद्रों पर कांटा-बांट नहीं पहुंचा और न ही बारदाना-पैसा है। वहीं मंडी में आढ़तियों के फड़ों पर धान की आवक दिन पर दिन बढ़ रही है, जहां किसानों से औने-पौने दामों (950 से 1150 रुपये प्रति क्विंटल तक) पर खरीद की जा रही है। 
पालिसी आने के बावजूद सरकारी तंत्र पर सुस्ती हावी है, क्योंकि क्रय केंद्रों पर जाने वाले किसानों को नमी अधिक होने की बात कहकर टरका दिया जाता है। लखीमपुर की राजापुर मंडी में चार क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन एक दाना धान की खरीद नहीं हुई है। एफसीआई के केंद्र पर कांटा-बांट नहीं पहुंचा है। वहीं कर्मचारी कल्याण निगम के केंद्र पर सिर्फ बैनर लगा है, कर्मचारी भी नहीं पहुंचे हैं। विपणन शाखा के दो केंद्रों के भी कमोवेश ऐसे ही हालात हैं, जहां धान में नमी अधिक (अधिकतम 17 के बजाय 25 फीसदी) होने की बात कही जा रही है। आला अफसरों की नाक के नीचे यह हाल है, तो ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उधर, मंडी में आढ़तियों के फड़ों पर एक अक्तूबर से अब तक 17,960 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। 
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धौरहरा। तहसील क्षेत्र में धान खरीद के लिए 17 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। अमर उजाला ने क्रय केंद्रों की पड़ताल की, तो 17 केंद्रों में से मात्र कस्बे का ही एक सहकारी संघ का केंद्र खुला मिला। शेष 16 केंद्रों पर बैनर तक नहीं लगे थे। केंद्र प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि अभी नया बारदाना और खातों में पैसा नहीं आया है। खरवहिया नंबर एक, कफारा बाजार, कटौली, खमरिया पंडित, ईसानगर, बदालीपुर, रसूलपुर, खरवहिया, रानीपुरवा, देवीपुरवा, मूसेपुर समेत 16 क्रय केंद्रों पर बैनर तक नहीं लगे थे। एसडीएम आलोक कुमार वर्मा ने बताया कि तहसीलदार को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
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गोला गोकर्णनाथ। कृषि उत्पादन मंडी समिति में खोले गए पांच क्रय केंद्रों पर एक सप्ताह बाद भी धान की खरीद निल है। केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। सिर्फ किसानों को रेट दिखाकर लुभाते बैनर लटके हैं। जानकारी करने पर मंडी के सभी केंद्रों पर प्रभारी नदारद मिले। चेकपोस्ट पर बैठे राजीव राठौर ने बताया कि धान की आवक शुरू हो गई है। एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि केंद्रों पर बारदाना उपलब्ध करा दिया गया है। बरसात और नमी के कारण धान की आवक कम है। मानक अनुरूप धान न मिलने से खरीदारी नहीं हो पा रही है।
बांकेगंज। कस्बा सहित ब्लाक क्षेत्र में अब तक सरकारी धान क्रय केंद्र नहीं खुला है। नवरात्र और दशहरा पर घर खर्च चलाने के लिए किसानों को औने-पौने दामों पर धान बेचना पड़ रहा है। 
पलियाकलां। मंडी में आवश्यक वस्तु निगम का एक, एसएफसी, केयूएसबी, पीसीएफ, अनुसूचित जनजाति सहकारी संघ का एक-एक क्रय केंद्र खोला जाना है। आवश्यक वस्तु निगम को छोड़कर अन्य किसी एजेंसी के बैनर भी नहीं लगे हैं। जिन केंद्रों पर बैनर और कांटे लग भी गए हैं, उन पर खरीद शुरू नहीं हो सकी है। 


दो दिन पहले ही पालिसी आई है, जिससे एजेंसियों की तैयारियों में कुछ देरी हुई। धान में तय मानक से नमी बहुत ज्यादा है, जिससे धान खरीदना संभव नहीं हो पा रहा है। 
-कौशल देव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी 
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