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मो. जुबैर को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
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पुलिस ने कस्टडी रिमांड मांगी तो जुबैर के वकील ने कोर्ट में दायर की जमानत अर्जी
पुलिस कस्टडी रिमांड और जुबैर की जमानत अर्जी पर 13 जुलाई को होगी सुनवाई
सीतापुर जेल में ज्यूडिशिएल रिमांड दाखिल होने के बाद जुबैर को ले जाया गया दिल्ली
लखीमपुर खीरी/ मोहम्मदी। अपने ट्वीट के जरिए समाज में वैमनस्यता फैलाने के दर्ज मामले में अल्ट न्यूज के सह संस्थापक मो. जुबैर के खिलाफ सोमवार को मोहम्मदी एसीजेएम कोर्ट ने सुनवाई की। इसके बाद अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उधर, पुलिस की तरफ से मांगी गई कस्टडी रिमांड व जुबैर की जमानत के लिए दाखिल अर्जी पर कोर्ट ने 13 जुलाई को सुनवाई नियत की है। उधर, सीतापुर जेल में ज्यूडिशिएल रिमांड दाखिल होने के बाद जुबैर को दिल्ली ले जाया गया है।
विवादित ट्वीट मामले में सीतापुर जेल में निरुद्ध मो. जुबैर की सोमवार को मोहम्मदी कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। एसीजेएम ज्योति श्रीवास्तव ने सुनवाई करते हुए उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा का आदेश दिया। चूंकि, जुबैर एक अन्य मामले में सीतापुर जेल में पहले से ही बंद था, ऐसे में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उसे अपनी ज्यूडीशिएल रिमांड में ले लिया है।
उधर, सीओ मोहम्मदी अरविंद वर्मा ने बताया कि ज्यूडिशियल रिमांड सीतापुर जेल में दाखिल हो चुकी है। बताया कि पूछताछ के लिए अदालत से उसकी पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी, जिस पर अदालत ने सुनवाई के लिए 13 जुलाई तिथि तय की है। अदालत के फैसले के बाद जुबैर की तरफ से मोहम्मदी कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई है। जमानत अर्जी पर भी 13 जुलाई को अदालत सुनवाई करेगी।
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जुबैर के खिलाफ बढ़ीं तीन धाराएं, तीन से पांच साल की हो सकती है सजा
लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी में दर्ज मुकदमे के मामले में मो. जुबैर के खिलाफ पुलिस ने तीन धाराएं 153 (बी), 505 (2) और 505 (1बी) बढ़ाई हैं। इंस्पेक्टर अंबर सिंह ने बताया कि जांच के दौरान जुबैर के खिलाफ धाराएं बढ़ाकर चार्जशीट दाखिल की गई है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने बताया 153 बी आईपीसी के तहत राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन या वक्तव्य शामिल होते हैं। ऐसे लांछन और वक्तव्य किसी धार्मिक उपासना स्थल में या धार्मिक कार्यों में भागीदारी कर रहे आयोजन में पढ़े जाते हैं तो 5 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने बताया आईपीसी 505 की उप धारा 1 बी और 505 की उप धारा दो के अधीन लोक शांति और सामाजिक शांति बिगड़ जाने के मामले में तीन वर्ष के कारावास व जुर्माना के भी प्रावधान हैं, जबकि 505 की उप धारा 2 के तहत विभिन्न वर्गों में शत्रुता घृणा या वैमनस्यता पैदा करना पैदा करने वाले ऐसे कथन शामिल हैं।
मोहम्मदी पहुंचे जुबैर के वकील ने दाखिल की जमानत अर्जी
मोहम्मदी। सोमवार को सुनवाई के दौरान एसीजेएम कोर्ट पहुंचे बचाव पक्ष के वकील हरजीत सिंह, कुलदीप सिंह और सुरेंद्र कुमार ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए ज्यूडीशिएल कस्टडी रिमांड का विरोध किया, लेकिन अदालत ने सुनवाई के बाद जब 14 दिन की ज्यूडीशिएल रिमाड मंजूर करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश पारित कर दिया तो आरोपियों की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिस पर सहायक अभियोजन अधिकारी ने विरोध करते हुए क्रिमिनल हिस्ट्री और केस डायरी मांगने के लिए समय मांगा। इस पर अदालत ने 13 जुलाई को सुनवाई की तारीख मुकर्रर कर दी।
जुबैर के वकील हरजीत सिंह ने बताया कि सुदर्शन चैनल के पत्रकार ने यह आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था कि उनके चैनल की न्यूज को ट्वीट करते हुए एक विशेष समुदाय के लोगों को भड़काया गया है। इससे हिंसा भड़क सकती है। कहा कि आगे जुबैर व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होंगे। संवाद
टल सकती है 13 जुलाई की सुनवाई
लखीमपुर खीरी। अल्ट न्यूज के संपादक मोहम्मद जुबेर के खिलाफ पुलिस कस्टडी रिमांड मांगने वाली अर्जी पर एसीजेएम मोहम्मदी अदालत ने 13 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। इसी बीच जिला जज मुकेश मिश्र ने 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर अतिरिक्त अवकाश घोषित किया है। ऐसे में मोहम्मद जुबैर के मामले में 13 जुलाई को सुनवाई आगे बढ़ सकती है।
जुबैर के खिलाफ मुकदमा लिखवाने पर जान से मारने की धमकी का आरोप
मोहम्मदी। मई 2021 में जुबैर के खिलाफ मुकदमा लिखवाने वाले पत्रकार आशीष कुमार कटियार ने जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए मोहम्मदी पुलिस को तहरीर दी है।
पत्रकार आशीष कुमार कटियार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि सोमवार सुबह वह पेशी पर जा रहे थे। इसी दौरान दो बाइक सवारों ने उन्हें रोककर जान से मारने की धमकी दी और मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। आशीष कटियार ने मामले में पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। सीओ अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि कोतवाल अंबर सिंह को तहरीर मिली है। जांच कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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पुलिस कस्टडी रिमांड और जुबैर की जमानत अर्जी पर 13 जुलाई को होगी सुनवाई
सीतापुर जेल में ज्यूडिशिएल रिमांड दाखिल होने के बाद जुबैर को ले जाया गया दिल्ली
लखीमपुर खीरी/ मोहम्मदी। अपने ट्वीट के जरिए समाज में वैमनस्यता फैलाने के दर्ज मामले में अल्ट न्यूज के सह संस्थापक मो. जुबैर के खिलाफ सोमवार को मोहम्मदी एसीजेएम कोर्ट ने सुनवाई की। इसके बाद अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उधर, पुलिस की तरफ से मांगी गई कस्टडी रिमांड व जुबैर की जमानत के लिए दाखिल अर्जी पर कोर्ट ने 13 जुलाई को सुनवाई नियत की है। उधर, सीतापुर जेल में ज्यूडिशिएल रिमांड दाखिल होने के बाद जुबैर को दिल्ली ले जाया गया है।
विवादित ट्वीट मामले में सीतापुर जेल में निरुद्ध मो. जुबैर की सोमवार को मोहम्मदी कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। एसीजेएम ज्योति श्रीवास्तव ने सुनवाई करते हुए उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा का आदेश दिया। चूंकि, जुबैर एक अन्य मामले में सीतापुर जेल में पहले से ही बंद था, ऐसे में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उसे अपनी ज्यूडीशिएल रिमांड में ले लिया है।
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उधर, सीओ मोहम्मदी अरविंद वर्मा ने बताया कि ज्यूडिशियल रिमांड सीतापुर जेल में दाखिल हो चुकी है। बताया कि पूछताछ के लिए अदालत से उसकी पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी, जिस पर अदालत ने सुनवाई के लिए 13 जुलाई तिथि तय की है। अदालत के फैसले के बाद जुबैर की तरफ से मोहम्मदी कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई है। जमानत अर्जी पर भी 13 जुलाई को अदालत सुनवाई करेगी।
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जुबैर के खिलाफ बढ़ीं तीन धाराएं, तीन से पांच साल की हो सकती है सजा
लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी में दर्ज मुकदमे के मामले में मो. जुबैर के खिलाफ पुलिस ने तीन धाराएं 153 (बी), 505 (2) और 505 (1बी) बढ़ाई हैं। इंस्पेक्टर अंबर सिंह ने बताया कि जांच के दौरान जुबैर के खिलाफ धाराएं बढ़ाकर चार्जशीट दाखिल की गई है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने बताया 153 बी आईपीसी के तहत राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन या वक्तव्य शामिल होते हैं। ऐसे लांछन और वक्तव्य किसी धार्मिक उपासना स्थल में या धार्मिक कार्यों में भागीदारी कर रहे आयोजन में पढ़े जाते हैं तो 5 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने बताया आईपीसी 505 की उप धारा 1 बी और 505 की उप धारा दो के अधीन लोक शांति और सामाजिक शांति बिगड़ जाने के मामले में तीन वर्ष के कारावास व जुर्माना के भी प्रावधान हैं, जबकि 505 की उप धारा 2 के तहत विभिन्न वर्गों में शत्रुता घृणा या वैमनस्यता पैदा करना पैदा करने वाले ऐसे कथन शामिल हैं।
मोहम्मदी पहुंचे जुबैर के वकील ने दाखिल की जमानत अर्जी
मोहम्मदी। सोमवार को सुनवाई के दौरान एसीजेएम कोर्ट पहुंचे बचाव पक्ष के वकील हरजीत सिंह, कुलदीप सिंह और सुरेंद्र कुमार ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए ज्यूडीशिएल कस्टडी रिमांड का विरोध किया, लेकिन अदालत ने सुनवाई के बाद जब 14 दिन की ज्यूडीशिएल रिमाड मंजूर करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश पारित कर दिया तो आरोपियों की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिस पर सहायक अभियोजन अधिकारी ने विरोध करते हुए क्रिमिनल हिस्ट्री और केस डायरी मांगने के लिए समय मांगा। इस पर अदालत ने 13 जुलाई को सुनवाई की तारीख मुकर्रर कर दी।
जुबैर के वकील हरजीत सिंह ने बताया कि सुदर्शन चैनल के पत्रकार ने यह आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था कि उनके चैनल की न्यूज को ट्वीट करते हुए एक विशेष समुदाय के लोगों को भड़काया गया है। इससे हिंसा भड़क सकती है। कहा कि आगे जुबैर व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होंगे। संवाद
टल सकती है 13 जुलाई की सुनवाई
लखीमपुर खीरी। अल्ट न्यूज के संपादक मोहम्मद जुबेर के खिलाफ पुलिस कस्टडी रिमांड मांगने वाली अर्जी पर एसीजेएम मोहम्मदी अदालत ने 13 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। इसी बीच जिला जज मुकेश मिश्र ने 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर अतिरिक्त अवकाश घोषित किया है। ऐसे में मोहम्मद जुबैर के मामले में 13 जुलाई को सुनवाई आगे बढ़ सकती है।
जुबैर के खिलाफ मुकदमा लिखवाने पर जान से मारने की धमकी का आरोप
मोहम्मदी। मई 2021 में जुबैर के खिलाफ मुकदमा लिखवाने वाले पत्रकार आशीष कुमार कटियार ने जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए मोहम्मदी पुलिस को तहरीर दी है।
पत्रकार आशीष कुमार कटियार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि सोमवार सुबह वह पेशी पर जा रहे थे। इसी दौरान दो बाइक सवारों ने उन्हें रोककर जान से मारने की धमकी दी और मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। आशीष कटियार ने मामले में पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। सीओ अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि कोतवाल अंबर सिंह को तहरीर मिली है। जांच कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। संवाद