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मिर्ची ने चार साल पहले जरायम की दुनिया में रखा था कदम
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जिला अस्पताल में भर्ती मिर्ची।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
तीन बार कर चुका है पुलिस पार्टी पर हमला, सिंगाही में डकैती से की थी शुरुआत
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निघासन। दुबला पतला छरहरी काया का 25 साला हिस्स्ट्रीशीटर तौकीर उर्फ मिर्ची ने महज चार साल पहले ही जरायम की दुनिया में कदम रखा था। मिर्ची अब तक तीन बार पुलिस पार्टी पर हमला कर चुका है। गनीमत रही कि उसकी फायरिंग में किसी पुलिस वाले की जान नहीं गई। बताया जाता है कि सिंगाही थाने के गांव सिंगहा में सबसे पहले डकैती की घटना को अंजाम देकर उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। वहीं, पुलिस भी उसको बदमाश बनाने में कभी तमंचा, कभी असलहा फैक्ट्री तो कभी बाइक चोरी में उसका चालान भेजती रही।
आज से चार वर्ष पहले 2017 में तौकीर उर्फ मिर्ची अपने साथियों मासूम, भल्ला, जगुदत्त, राजू गुप्ता, पेद्दी, जिब्राइल और मकसूद के साथ पहली डकैती डाली थी, जिसमें पुलिस ने सामान सहित उसका चालान किया था। जेल से छूटने के बाद चोरी के आरोप में धौरहरा कोतवाली से उसका चालान गया था, जहां 2018 में पुलिस ने मुठभेड़ दिखाते हुए तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। इसी वर्ष पुलिस ने उसके पास से तालकटोरा से चोरी हुई एक बाइक बरामद कर उसका चालान भेजा था।
2018 में भी उसने पढुआ चौकी इंचार्ज पर हमला बोला था। उसके बाद 2020 में पुलिस ने अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए उसका एक बार फिर चालान भेज दिया। बीती 24 मई को पढुआ चौकी इंचार्ज अशोक कुमार जब उसे पकड़ने के लिये गए तो उसने फिर फायरिंग कर दी, जिसमें सिपाही सौरभ समेत चार लोग घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास संग कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, 25 मई को घेराबंदी करने गई पुलिस टीम पर हमला बोलकर प्रभारी निरीक्षक डीके सिंह पर फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि बुलेट प्रूफ जैकेट होने के कारण वह बच गए, लेकिन उन्होंने तमंचा बरामदगी और पुलिस मुठभेड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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आज से चार वर्ष पहले 2017 में तौकीर उर्फ मिर्ची अपने साथियों मासूम, भल्ला, जगुदत्त, राजू गुप्ता, पेद्दी, जिब्राइल और मकसूद के साथ पहली डकैती डाली थी, जिसमें पुलिस ने सामान सहित उसका चालान किया था। जेल से छूटने के बाद चोरी के आरोप में धौरहरा कोतवाली से उसका चालान गया था, जहां 2018 में पुलिस ने मुठभेड़ दिखाते हुए तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। इसी वर्ष पुलिस ने उसके पास से तालकटोरा से चोरी हुई एक बाइक बरामद कर उसका चालान भेजा था।
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2018 में भी उसने पढुआ चौकी इंचार्ज पर हमला बोला था। उसके बाद 2020 में पुलिस ने अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए उसका एक बार फिर चालान भेज दिया। बीती 24 मई को पढुआ चौकी इंचार्ज अशोक कुमार जब उसे पकड़ने के लिये गए तो उसने फिर फायरिंग कर दी, जिसमें सिपाही सौरभ समेत चार लोग घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास संग कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, 25 मई को घेराबंदी करने गई पुलिस टीम पर हमला बोलकर प्रभारी निरीक्षक डीके सिंह पर फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि बुलेट प्रूफ जैकेट होने के कारण वह बच गए, लेकिन उन्होंने तमंचा बरामदगी और पुलिस मुठभेड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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