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जुलूस निकाला, चक्का जाम कर सभा भी की
पलियाकलां।
Updated Mon, 23 Mar 2015 07:08 PM IST
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अखिल भारतीय वनजन श्रमजीवी मंच (एआइयूएफडब्ल्यूपी) के बैनर तले आदिवासी संगठनाें ने भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध में जुलूस निकाला और तहसील गेट के सामने धरना देकर एक घंटे तक चक्का जाम किया। इसके बाद सभी तहसील पहुंचे और वहां प्रधानमंत्री को संबाधित एक ज्ञापन सौंपा।
थारू आदिवासी और तराई क्षेत्र महिला मजदूर किसान मंच आदि कई संगठन दुधवा रोड स्थित एक धर्मशाला में एकत्र हुए और वहां से दुधवा तिराहा होते हुए तहसील तक एक जुलूस निकाला। जुलूस तहसील गेट पर पहुंच कर धरने में बदल गया और जुलूस में शामिल आदिवासी महिलाएं शृंखला बनाकर धरने पर बैठ गईं। यहां एक सभा हुई, जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रजनीश, वनाधिकार कानून समिति के रामचंदर राणा, रामचंद्र, बाबूराम, राम बहादुर राना, रामनाथ, पूनम, प्रताप सिंह आदि ने सभा को संबोधित किया। चक्काजाम करीब एक घंटे तक रहा, फिर जुलूस एसडीएम कार्यालय पहुंचा और वहां एसडीएम को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
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थारू आदिवासी और तराई क्षेत्र महिला मजदूर किसान मंच आदि कई संगठन दुधवा रोड स्थित एक धर्मशाला में एकत्र हुए और वहां से दुधवा तिराहा होते हुए तहसील तक एक जुलूस निकाला। जुलूस तहसील गेट पर पहुंच कर धरने में बदल गया और जुलूस में शामिल आदिवासी महिलाएं शृंखला बनाकर धरने पर बैठ गईं। यहां एक सभा हुई, जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रजनीश, वनाधिकार कानून समिति के रामचंदर राणा, रामचंद्र, बाबूराम, राम बहादुर राना, रामनाथ, पूनम, प्रताप सिंह आदि ने सभा को संबोधित किया। चक्काजाम करीब एक घंटे तक रहा, फिर जुलूस एसडीएम कार्यालय पहुंचा और वहां एसडीएम को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
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