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मनोज अग्रवाल, कमलपाल कौर समेत कई की सपा से बाय-बाय
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 27 Jan 2017 11:22 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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जिलाध्यक्ष ने दावा किया, पार्टी से निकाले गए हैं ये लोग
अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन मनोज अग्रवाल और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कमलपाल कौर समेत कई लोगों का नाता चुनाव के बीच सपा से टूट गया है। इन नेताओं का कहना है कि पार्टी में उपेक्षा का माहौल होने के कारण उन्होंने सपा छोड़ दिया है, हालांकि जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल दावा कर रहे हैं कि गुरुवार सुबह इन नेताओं को पार्टी से निकाल दिया गया है। सपा से अलग होने के बाद इन नेताओं ने अभी किसी दूसरी पार्टी की सदस्यता नहीं ली है।
सपा से अलग होने वालों में कमलपाल के प्रतिनिधि मोंटी पाल और हर्षिता गुप्ता भी शामिल हैं। चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि वह साढ़े चार साल पहले बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए थे लेकिन उन्हें कभी भी पार्टी में सम्मान नहीं मिला। दो दिन पहले जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिले में आए तब भी उन्हें कोई जिम्मेदारी तक नहीं दी गई। इसी से आहत होकर उन्होंने सपा से इस्तीफा दे दिया है। जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष कमल पाल कौर, उनके प्रतिनिधि मोंटी पाल और हर्षिता गुप्ता ने भी सम्मान न दिए जाने को पार्टी छोड़ने की वजह बताया है। उधर सपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि इन लोगों को पार्टी विरोधी कार्यों के कारण निकाला गया है। चुनाव के बीच हुए इस घटनाक्रम को सपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
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अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन मनोज अग्रवाल और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कमलपाल कौर समेत कई लोगों का नाता चुनाव के बीच सपा से टूट गया है। इन नेताओं का कहना है कि पार्टी में उपेक्षा का माहौल होने के कारण उन्होंने सपा छोड़ दिया है, हालांकि जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल दावा कर रहे हैं कि गुरुवार सुबह इन नेताओं को पार्टी से निकाल दिया गया है। सपा से अलग होने के बाद इन नेताओं ने अभी किसी दूसरी पार्टी की सदस्यता नहीं ली है।
सपा से अलग होने वालों में कमलपाल के प्रतिनिधि मोंटी पाल और हर्षिता गुप्ता भी शामिल हैं। चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि वह साढ़े चार साल पहले बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए थे लेकिन उन्हें कभी भी पार्टी में सम्मान नहीं मिला। दो दिन पहले जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिले में आए तब भी उन्हें कोई जिम्मेदारी तक नहीं दी गई। इसी से आहत होकर उन्होंने सपा से इस्तीफा दे दिया है। जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष कमल पाल कौर, उनके प्रतिनिधि मोंटी पाल और हर्षिता गुप्ता ने भी सम्मान न दिए जाने को पार्टी छोड़ने की वजह बताया है। उधर सपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि इन लोगों को पार्टी विरोधी कार्यों के कारण निकाला गया है। चुनाव के बीच हुए इस घटनाक्रम को सपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
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