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बाघ के हमले में बाल-बाल बचा ग्रामीण
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जमुनहां में कांबिंग कर बाघ करते वनकर्मी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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ममरी (लखीमपुर खीरी)। मोहम्मदी रेंज क्षेत्र में बुधवार सुबह खेत देख कर लौट रहे जमुनहा फार्म निवासी सरदार इंद्रजीत सिंह बाघ के हमले में बाल बाल बच गए। झाला वासियों के शोर मचाने पर बाघ कठिना नदी की झाड़ी में चला गया। बाघ के मौजूद होने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने भी की।
जमुनहा फार्म निवासी सरदार इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह वह खेत देख कर लौट रहे थे, इसी बीच गन्ने के खेत में मौजूद बाघ उनके सामने आ गया, जिसे सामने देख उनके होश उड़ गए। शोर मचाने पर प्रधान लखविंदर सिंह तमाम ग्रामीणों को साथ लेकर वहां पहुंच गए, जिनके शोर मचाने पर बाघ गन्ने के खेत में घुसकर कठिना नदी की झाड़ी में चला गया। सूचना पर वनकर्मियों की टीम, एसटीपीएफ जवानों के साथ पहुंचे फॉरेस्टर जगदीश वर्मा ने बताया कि चकरोड पर बाघ के पगचिह्न बने मिले हैं, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बाघ कठिना नदी की झाड़ी या फिर खेत में मौजूद है। वनकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ खेतों के आसपास काफी देर पेट्रोलिंग की। वन कर्मियों ने फार्म स्वामी और ग्रामीणों को खेतों में समूह बनाकर, हांका लगाते हुए जाने, सतर्क रहने, बाघ का घेराव न करने, आग का प्रबंध रखने की सलाह दी। जगदीश वर्मा ने बताया कि बाघ की निगरानी में टीम लगा दी गई है।
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जमुनहा फार्म निवासी सरदार इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह वह खेत देख कर लौट रहे थे, इसी बीच गन्ने के खेत में मौजूद बाघ उनके सामने आ गया, जिसे सामने देख उनके होश उड़ गए। शोर मचाने पर प्रधान लखविंदर सिंह तमाम ग्रामीणों को साथ लेकर वहां पहुंच गए, जिनके शोर मचाने पर बाघ गन्ने के खेत में घुसकर कठिना नदी की झाड़ी में चला गया। सूचना पर वनकर्मियों की टीम, एसटीपीएफ जवानों के साथ पहुंचे फॉरेस्टर जगदीश वर्मा ने बताया कि चकरोड पर बाघ के पगचिह्न बने मिले हैं, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बाघ कठिना नदी की झाड़ी या फिर खेत में मौजूद है। वनकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ खेतों के आसपास काफी देर पेट्रोलिंग की। वन कर्मियों ने फार्म स्वामी और ग्रामीणों को खेतों में समूह बनाकर, हांका लगाते हुए जाने, सतर्क रहने, बाघ का घेराव न करने, आग का प्रबंध रखने की सलाह दी। जगदीश वर्मा ने बताया कि बाघ की निगरानी में टीम लगा दी गई है।
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