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मलेरिया भी पसार रहा पांव, अब तक 24 लोगों में मिले लक्षण
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शिव कॉलोनी में भरा पानी
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। कोरोना महामारी के बीच संक्रामक रोगों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। मौसम में बदलाव और बारिश से जलभराव ने मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। जगह-जगह पानी भरा होने से मच्छर पनपने लगे हैं। इससे मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। हालांकि अब तक डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है। इसके विपरीत मलेरिया ने अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दी हैं। इसका प्रमाण मलेरिया विभाग की ओर से लिए गए सैंपलों की जांच में 24 लोगों का मलेरिया पॉजिटिव मिलना है। यह आंकड़ा इस साल 31 अगस्त तक का है।
सामान्य वायरल फीवर
किसी भी वायरस की वजह से होने वाला बुखार वायरल होता है। यह विशेषकर मौसम बदलने के दौरान होने वाली बीमारी है। मौसम जब बदलता है तो तापमान के उतार चढ़ाव के कारण हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और शरीर जल्दी वायरस के संक्रमण का शिकार हो जाता है। डॉ. विजय कुमार वर्मा बताते हैं कि वायरल के लक्षण सामान्य रूप से होने वाले बुखार की तरह है, लेकिन इसको नजरंदाज करना घातक हो सकता है। इलाज में लापरवाही करने से वायरस पनपने की आशंका रहती है। यह हवा और पानी से फैलने वाला संक्रमण है। बारिश के मौसम में यह ज्यादा होता है।
बचाव
खाने में उबली हुई और हरी सब्जियां खाएं। दूषित पानी और भोजन का प्रयोग न करें। पानी उबालकर हल्का गुनगुना पियें। वायरल पीड़ित के संपर्क में जाने से बचें। मौसम बदलने पर पौष्टिक भोजन लें। रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन करते हुए अच्छी जीवन शैली अपनाएं।
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डेंगू
डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है। मादा एडीज खासकर दिन में काटती है। डेंगू बारिश के मौसम या फिर इसके बाद जुलाई से अक्तूबर के महीनों में ज्यादा फैलता है। क्योंकि यह मौसम मच्छर पनपने के लिए अनुकूल होता है। यह मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता है। इसके काटने के करीब पांच दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखने लगते है। बीमारी पनपने में तीन से दस दिन का समय लगता है।
लक्षण
ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार आना, सिर मांसपेशियों के साथ जोड़ो में दर्द होना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों का दबाने या फिर हिलाने से बढ़ जाता है। कमजोरी लगने के साथ भूख न लगना। मुंह का स्वाद खराब होने के साथ जी मिचलाना।
मलेरिया
मलेरिया मादा एनाफ्लीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर रुके हुए साफ पानी में प्रजनन करता है। मलेरिया के रोगी को ठंड और कंपकंपी के साथ तेज बुखार आता है। यह एक दो दिन के अंतराल में हो सकता है। शरीर में दर्द रहता है।
बचाव
घर और इसके आसपास पानी न जमा होंने दें। कूलर एवं पानी की टंकी हर सप्ताह खाली कर सुखाएं। शरीर को पूरा ढकने वाले कपड़े पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। बुखार आने पर खून की जांच कराएं
वर्ष, सैंपल लिए गए मलेरिया डेंगू
2018 49454 187 दो
2019 60713 209 तीन
2020 915 24 शून्य
.....
बरसात के दौरान जलभराव होता है। इसमें मच्छर पनपते हैं। जो मलेरिया, डेंगू आदि का कारण बनते हैं। बीमारियों से बचने के लिए साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। घर एवं आसपास पानी न इकट्ठा न होने दें। रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखकर बीमारियों से बचा जा सकता है, जिसके लिए स्वच्छ एवं पौष्टिक आहार जरूरी है।
-डॉ. विजय प्रकाश वर्मा, आयुर्वेद चिकित्सक, जिला अस्पताल
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सामान्य वायरल फीवर
किसी भी वायरस की वजह से होने वाला बुखार वायरल होता है। यह विशेषकर मौसम बदलने के दौरान होने वाली बीमारी है। मौसम जब बदलता है तो तापमान के उतार चढ़ाव के कारण हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और शरीर जल्दी वायरस के संक्रमण का शिकार हो जाता है। डॉ. विजय कुमार वर्मा बताते हैं कि वायरल के लक्षण सामान्य रूप से होने वाले बुखार की तरह है, लेकिन इसको नजरंदाज करना घातक हो सकता है। इलाज में लापरवाही करने से वायरस पनपने की आशंका रहती है। यह हवा और पानी से फैलने वाला संक्रमण है। बारिश के मौसम में यह ज्यादा होता है।
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बचाव
खाने में उबली हुई और हरी सब्जियां खाएं। दूषित पानी और भोजन का प्रयोग न करें। पानी उबालकर हल्का गुनगुना पियें। वायरल पीड़ित के संपर्क में जाने से बचें। मौसम बदलने पर पौष्टिक भोजन लें। रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन करते हुए अच्छी जीवन शैली अपनाएं।
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डेंगू
डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है। मादा एडीज खासकर दिन में काटती है। डेंगू बारिश के मौसम या फिर इसके बाद जुलाई से अक्तूबर के महीनों में ज्यादा फैलता है। क्योंकि यह मौसम मच्छर पनपने के लिए अनुकूल होता है। यह मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता है। इसके काटने के करीब पांच दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखने लगते है। बीमारी पनपने में तीन से दस दिन का समय लगता है।
लक्षण
ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार आना, सिर मांसपेशियों के साथ जोड़ो में दर्द होना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों का दबाने या फिर हिलाने से बढ़ जाता है। कमजोरी लगने के साथ भूख न लगना। मुंह का स्वाद खराब होने के साथ जी मिचलाना।
मलेरिया
मलेरिया मादा एनाफ्लीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर रुके हुए साफ पानी में प्रजनन करता है। मलेरिया के रोगी को ठंड और कंपकंपी के साथ तेज बुखार आता है। यह एक दो दिन के अंतराल में हो सकता है। शरीर में दर्द रहता है।
बचाव
घर और इसके आसपास पानी न जमा होंने दें। कूलर एवं पानी की टंकी हर सप्ताह खाली कर सुखाएं। शरीर को पूरा ढकने वाले कपड़े पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। बुखार आने पर खून की जांच कराएं
वर्ष, सैंपल लिए गए मलेरिया डेंगू
2018 49454 187 दो
2019 60713 209 तीन
2020 915 24 शून्य
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बरसात के दौरान जलभराव होता है। इसमें मच्छर पनपते हैं। जो मलेरिया, डेंगू आदि का कारण बनते हैं। बीमारियों से बचने के लिए साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। घर एवं आसपास पानी न इकट्ठा न होने दें। रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखकर बीमारियों से बचा जा सकता है, जिसके लिए स्वच्छ एवं पौष्टिक आहार जरूरी है।
-डॉ. विजय प्रकाश वर्मा, आयुर्वेद चिकित्सक, जिला अस्पताल