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‘मछुआ समुदाय के विकास में केंद्र बना रोड़ा’
लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 16 Jul 2015 05:59 PM IST
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प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने एक बार फिर मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति में शामिल करने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की संस्तुति के बाद भी केेंद्र सरकार इसमें रोड़ा बनी हुई है और मुख्यधारा से जोड़ने से कतरा रही है। केंद्र के इस रवैये से प्रदेश में रह रहे मछुआ समुदाय के दो करोड़ की आबादी का जीवन स्तर नहीं बदल पा रहा है। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को मछुआ समाज के एक लाख लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर रैली कर लोकसभा का घेराव करेंगे।
राज्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से कहा कि प्रदेश सरकार ने अप्रैल और जून 2015 में केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी थी कि मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति के समान आरक्षण का लाभ दिया जाए, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने इसे नकार दिया। इससे पहले कांग्रेस ने राजनीतिक नफा-नुकसान को देखते हुए आरक्षण का लाभ देने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि 1931 की जनगणना में मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति में शामिल किया गया है। तब से लेकर आज तक किसी ने मछुआ समुदाय का दर्द नहीं समझा। जिसकी वजह से इनके शैक्षणिक स्तर में भारी गिरावट आ रही है। सरकारी नौकरियों में मछुआ समुदाय की संख्या नगण्य होती जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दलित बिरादरी में 66 जातियां शामिल हैं। इनमें मछुआ समाज भी शामिल है। जबकि अनुसूचित जाति का नाम आने पर सिर्फ दलित समाज का ही ध्यान मानस पटल पर उभरता है। दलित समाज और उसकी उपजातियों को आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस दुर्व्यवस्था के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन होगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। इस दौरान मत्स्य निगम के चेयरमैन राजपाल कश्यप, सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, उत्तम वर्मा, चंदन लाल, संजीव वर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
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मुलायम सिंह के कसीदे पढ़े
राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने कहा कि प्रदेश में मछुआ समुदाय को उनकी मूल जाति का प्रमाण पत्र नहीं जारी होता था, लेकिन मुलायम सिंह यादव ने केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये को देखते हुए नया शासनादेश जारी किया। जिसके बाद मछुआ समुदाय को मूल जाति का प्रमाण पत्र जारी होने लगा।
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डॉक्टरों की कमी के बावजूद सुधरी व्यवस्था
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है। इसके बावजूद गरीब के मुफ्त इलाज और दवा देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पिछली बसपा सरकार पर अव्यवस्थाओं का ठीकरा फोड़ा और कहा कि अब अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा देकर बाहरी दवाओं पर कमीशन खोरी रोकी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 67 हजार मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था है, जल्द ही सरकार सात हजार बेड बढ़ाने जा रही है। साथ ही जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए सीएमओ से शासन को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।
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राज्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से कहा कि प्रदेश सरकार ने अप्रैल और जून 2015 में केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी थी कि मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति के समान आरक्षण का लाभ दिया जाए, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने इसे नकार दिया। इससे पहले कांग्रेस ने राजनीतिक नफा-नुकसान को देखते हुए आरक्षण का लाभ देने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि 1931 की जनगणना में मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति में शामिल किया गया है। तब से लेकर आज तक किसी ने मछुआ समुदाय का दर्द नहीं समझा। जिसकी वजह से इनके शैक्षणिक स्तर में भारी गिरावट आ रही है। सरकारी नौकरियों में मछुआ समुदाय की संख्या नगण्य होती जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दलित बिरादरी में 66 जातियां शामिल हैं। इनमें मछुआ समाज भी शामिल है। जबकि अनुसूचित जाति का नाम आने पर सिर्फ दलित समाज का ही ध्यान मानस पटल पर उभरता है। दलित समाज और उसकी उपजातियों को आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस दुर्व्यवस्था के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन होगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। इस दौरान मत्स्य निगम के चेयरमैन राजपाल कश्यप, सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, उत्तम वर्मा, चंदन लाल, संजीव वर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
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मुलायम सिंह के कसीदे पढ़े
राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने कहा कि प्रदेश में मछुआ समुदाय को उनकी मूल जाति का प्रमाण पत्र नहीं जारी होता था, लेकिन मुलायम सिंह यादव ने केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये को देखते हुए नया शासनादेश जारी किया। जिसके बाद मछुआ समुदाय को मूल जाति का प्रमाण पत्र जारी होने लगा।
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डॉक्टरों की कमी के बावजूद सुधरी व्यवस्था
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है। इसके बावजूद गरीब के मुफ्त इलाज और दवा देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पिछली बसपा सरकार पर अव्यवस्थाओं का ठीकरा फोड़ा और कहा कि अब अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा देकर बाहरी दवाओं पर कमीशन खोरी रोकी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 67 हजार मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था है, जल्द ही सरकार सात हजार बेड बढ़ाने जा रही है। साथ ही जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए सीएमओ से शासन को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।