बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में तितलियों और मेंढक पर लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं शोध करेंगे।
टाइगर रिजर्व की समृद्ध जैव विविधता वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए हमेशा से ही अध्ययन का विषय रहा है। दुधवा का वातावरण और यहां की पारिस्थितिकी कुछ इस कदर अनुकूल है कि देश के हर हिस्से में पाए जाने वाले लगभग सभी वन्यजीव आसानी से यहां पनप सकते हैं। यहां जलचर, नभचर और थलचर तीनों तरह के प्राणियों का प्राकृतवास है। हजारों प्रजाति के कीड़े मकोड़े भी यहां मिलते हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी बी. प्रभाकर ने बताया कि अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रोजेक्ट टाइगर) / मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक सुनील चौधरी से लविवि में जीव विज्ञान में शोध कर रहे छात्र प्रशांत त्रिपाठी एवं छात्रा ज्योति को तितलियों और मेंढक पर शोध करने की अनुमति मिल गई है। दोनों 23 जून 2023 से अप्रैल 2024 तक दुधवा नेशनल पार्क,किशनपुर सेंक्चुरी और कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में भ्रमण कर शोध कार्य करेंगे।

दुधवा के जंगल में फूल का रस लेती तितली।