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Lakhimpur Kheri News: जिले में लंपी वायरस के मामले बढ़े, अलर्ट मोड पर पशु चिकित्सा विभाग
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लखीमपुर खीरी। जिले में लंपी वायरस के अबतक कुल 24 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 10 पशु उपचार से स्वस्थ हो चुके हैं। लंपी की रोकथाम के लिए पशु चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। पशुओं की जांच और टीकाकरण के लिए 55 टीमें गठित की गईं हैं। इसके अलावा आठ मोबाइल वेटनरी यूनिट भी लगाई गईं हैं।
जिले में लंपी स्किन डिसीज के अब तक 24 मामले सामने आए हैं। इनमें पलिया में सबसे ज्यादा तीन मामले आए हैं। इलाज से अबतक दस पशुओं को स्वस्थ किया जा चुका है। 14 मामले अभी सक्रिय हैं। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने लंपी वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गाेवंशों में बीमारी की रोकथाम के लिए अलर्ट मोड पर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि नेपाल से उत्तर प्रदेश के रास्ते में पड़ने वाली सीमा की चेकपोस्ट और पुलों पर निगरानी की जाए। साथ ही गोवंश और भैंसों को अंतरराष्ट्रीय और अंतरजनपदीय परिवहन पर लगए प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए।
डीएम ने गोवंश और महिषवंशी पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए पशु मेला, पशु हाट और पशु पैठ, जहां गोवंश और महिषवंशीय पशुओं की खरीद फरोख्त होती है, उस पर 31 अक्टूबर तक प्रतिबंध लगा दिया है। इस बीच गोआश्रय स्थलों में भी नए गोवंशी पशुओं को संरक्षित नहीं किया जाएगा। यह प्रतिबंध नगर निकाय, जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, कान्हा गोशालाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के जरिए संचालित होने वाली गोशालाओं पर भी लागू होगा।
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पशुओं के टीकाकरण के लिए जिले में 55 टीमें गठित की गईं हैं। जिले में उपलब्ध 12 मोबाइल वेटनरी यूनिट में से आठ को टीकाकरण कार्य में लगाया गया है। जिले में 1,38,200 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। अब तक किसी गोआश्रय स्थल में लंपी का कोई केस नहीं मिला है। - सोमदेव सिंह चौहान, जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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जिले में लंपी स्किन डिसीज के अब तक 24 मामले सामने आए हैं। इनमें पलिया में सबसे ज्यादा तीन मामले आए हैं। इलाज से अबतक दस पशुओं को स्वस्थ किया जा चुका है। 14 मामले अभी सक्रिय हैं। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने लंपी वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गाेवंशों में बीमारी की रोकथाम के लिए अलर्ट मोड पर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि नेपाल से उत्तर प्रदेश के रास्ते में पड़ने वाली सीमा की चेकपोस्ट और पुलों पर निगरानी की जाए। साथ ही गोवंश और भैंसों को अंतरराष्ट्रीय और अंतरजनपदीय परिवहन पर लगए प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए।
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डीएम ने गोवंश और महिषवंशी पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए पशु मेला, पशु हाट और पशु पैठ, जहां गोवंश और महिषवंशीय पशुओं की खरीद फरोख्त होती है, उस पर 31 अक्टूबर तक प्रतिबंध लगा दिया है। इस बीच गोआश्रय स्थलों में भी नए गोवंशी पशुओं को संरक्षित नहीं किया जाएगा। यह प्रतिबंध नगर निकाय, जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, कान्हा गोशालाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के जरिए संचालित होने वाली गोशालाओं पर भी लागू होगा।
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पशुओं के टीकाकरण के लिए जिले में 55 टीमें गठित की गईं हैं। जिले में उपलब्ध 12 मोबाइल वेटनरी यूनिट में से आठ को टीकाकरण कार्य में लगाया गया है। जिले में 1,38,200 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। अब तक किसी गोआश्रय स्थल में लंपी का कोई केस नहीं मिला है। - सोमदेव सिंह चौहान, जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी