फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Live staging of Khardushan massacre in Ramlila

Lakhimpur Kheri News: रामलीला में हुआ खरदूषण वध का जीवंत मंचन

Mon, 23 Oct 2023 12:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 23 Oct 2023 12:12 AM IST
विज्ञापन
Live staging of Khardushan massacre in Ramlila
-गोला की रामलीला में मंचन करते कलाकार।
लखीमपुर खीरी। 159वीं रामलीला कार्यक्रम में रविवार को खरदूषण वध लीला का मंचन किया गया है। जीवंत मंचन देखकर मौजूद शहरवासी भावविभोर हो गए।
विज्ञापन

ट्रस्ट के सरवराहकार विपुल सेठ ने बताया कि शूर्पणखा राम-लक्ष्मण के रूप को देखकर मोहित हो जाती है और विवाह की कामना से पंचवटी पहुंच जाती है। शूर्पणखा जब विवाह का प्रस्ताव रखती है तो भगवान श्रीराम मना कर देते हैं। आक्रोशित होकर शूर्पणखा मां सीता को मारने के लिए हमला कर देती है। इस पर लक्ष्मण खड्ग से शूर्पणखा की नाक काट देते हैं।
नाक कान कट जाने से क्रोधित होकर शूर्पणखा पंचवटी से भाग जाती है और भाई खर व दूषण को पूरी कहानी बताते हुए प्रतिशोध लेने को कहती है। इस पर खर और दूषण श्रीराम से बदला लेने के लिए आक्रमण कर देते हैं। श्रीराम अपने बाणों से खर और दूषण का वध कर देते हैं। यह लीला देखकर मौजूद दर्शक भाव विभोर हो जाते हैं।
विज्ञापन


राम-लक्ष्मण को वन जाते देख दर्शक हुए भाव विभोर
मोहमदी। रामलीला में राम वनवास जाने के बाद मंत्री सुमंत अयोध्या वापस आकर राजमहल में आते हैं तो राम-सीता लक्ष्मण को वन जाने की खबर सुनते ही राजा दशरथ प्राण त्याग देते है। यम मंचन देख दर्शकों की आंखें नम हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रामलीला में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी की जा रही थी। राज्याभिषेक से पहले महाराजा दशरथ से कैकेयी ने वर मांगा। जिसमें भरत को अयोध्या का राजा बनाया जाए और राम को 14 वर्षों के लिए बनवास दिए जाने की शर्त रखी। भगवान राम को वनवास की खबर सुनकर पूरा अयोध्या शोक में डूब गया। श्री राम के साथ उनकी पत्नी माता सीता भी वनवास के लिए चलने के जिद करने लगती हैं इस पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता को लेकर वनवास के निकल पड़े। संवाद
हनुमान ने कराई भगवान श्रीराम से सुग्रीव की मित्रता
गोला गोकर्णनाथ। नगर के श्री रामलीला महोत्सव में वृंदावन मथुरा के कलाकारों ने भगवान श्री राम सुग्रीव की मित्रता और बालि वध का भावपूर्ण मंचन किया।
रविवार की शाम कलाकारों ने मेला मैदान स्थित मंच पर सुग्रीव मित्रता और भगवान श्री राम द्वारा बालि का वध मंचन किया। कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि सीता जी की खोज में श्री राम और लक्ष्मण चल दिए और जंगल में पशु पक्षियों आदि से सीता के बारे में पूछने लगे। यह मार्मिक प्रसंग देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। ऋष्यमूक पर्वत के पास श्री हनुमान ने श्री राम और सुग्रीव की मित्रता कराई, तो भगवान श्री राम ने मित्र सुग्रीव के लिए दुष्ट बालि का वध कर किया। संवाद
ममरी में 30 अक्तूबर से होगा रामलीला मेले का आयोजन
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम अजान में श्री रामलीला महोत्सव की शुरुआत जड़ौरा स्टेट के जमींदार सेठ राम दत्त मिश्र ने अंग्रेजी हुकूमत में वर्ष 1935 में कराई थी। यहां का श्री रामलीला मेला 30 अक्टूबर से शुरू हो रहा है।

बुजुर्गों के अनुसार, जडौरा के सेठ रामदस्त मिश्रा अंग्रेजी हुकूमत में अजान स्टेट के जमींदार थे। उनके कोई संतान नहीं थी। मित्रों की सलाह पर पुत्र प्राप्ति की मनोकामना को लेकर साल 1935 में श्री रामलीला महोत्सव का शुभारंभ कराया। ईश्वर की कृपा से उनके घर पुत्र का जन्म हुआ। जिसका नाम उन्होंने उमाशंकर मिश्र रखा। अजान में इस मेले को लगते 88 वर्ष बीत रहे हैं। सेठ रामदत्त मिश्रा का निधन होने और जमींदारी प्रथा खत्म होने के बाद मेले की देखभाल मेला कमेटी के लोग करने लगे। तभी से यह मेला अब तक लगता चला आ रहा है। मेला कमेटी अध्यक्ष विपिन यादव ने बताया कि इस वर्ष मेले की शुरुआत 30 अक्टूबर से हो रही है। सात दिनों तक चलने वाले महोत्सव का समापन सात अक्टूबर को श्री राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न मिलन लीला मंचन के साथ किया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed