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सिलबट्टे से मारने के बाद फंदे से लटकाने वाले पति को उम्रकैद

Mon, 22 Nov 2021 02:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 22 Nov 2021 02:07 AM IST
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Life imprisonment to the husband who hanged himself after beating him with a cobweb
कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।) - फोटो : iStock
आठ गवाहों के मुकरने के बाद बेटी के बयान ने मां को दिलाया इंसाफ
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अदालत ने हत्यारोपी पति पर 52 हजार का जुर्माना भी लगाया
लखीमपुर खीरी। पत्नी को प्रताड़ित करने और सिर पर सिलबट्टा मारकर मौत के घाट उतारने के मामले में एडीजे अनिल कुमार ने हत्यारोपी पति को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यहां बता दें कि लगभग नौ साल चले इस मुकदमे में आठों गवाह अपने बयानों से मुकर गए। आखिर में बेटी के दिये बयानों ने मां को इंसाफ दिला दिया।

अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी सुनील सिंह तोमर ने अदालत में बताया कि नीमगांव थाने के ग्राम बिल्लाई निवासी काशीराम शुक्ल नेे अपनी पुत्री सीमा की शादी 28 फरवरी 2002 को थाना क्षेत्र के ही ग्राम मुकरेहटा निवासी आलोक तिवारी से की थी। पारिवारिक कलह के बीच धीरे-घीरे दस साल में चार बच्चे भी हुए। पांच अप्रैल 2012 को छोटे बच्चे के लिए दूध और चीनी लाने के लिए सीमा ने अपने पति आलोक तिवारी से कहा तो आलोक अपनी पत्नी से ही पैसे मांगने लगा। जब सीमा रुपये नहीं दे सकी तो आलोक उसे लात घूंसों से पीटने लगा। इसी दौरान वहीं पड़ा सिलबट्टा सीमा के सिर में मार दिया। मरणासन्न सीमा की गंभीर हालत के बावजूद गुस्से में उसके गले में रस्सी डालकर घसीटते हुए कमरे में खींच ले गया और फंदे से लटका दिया। हालांकि शादी के दस साल हो चुके थे, फिर भी सीमा के परिजन ने थाना नीमगांव में दहेज के लिए पुत्री को मार डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें पति आलोक के साथ ही अनुज, अनूप, शत्रोहन, रुचि, मनोज और रामसागर के साथ ही कन्हैया को भी नामजद किया था। पुलिस ने जांच के बाद केवल आलोक तिवारी को ही दोषी पाते हुए गिरफ्तार किया था और उसी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अदालत में पेश हुए गवाहों में आठ गवाहों ने पुलिस को दिए अपने बयानों से ही पल्ला झाड़ लिया। गवाहों के लगातार मुकरने से इंसाफ की उम्मीद टूटती जा रही थी, लेकिन मृतका की सात वर्षीय पुत्री आकांक्षा उर्फ नेहा तिवारी, जो मौके पर मौजूद थी, उसने अदालत में कहा कि पिता आलोक तिवारी ने किस तरह दूध और चीनी मंगाने पर उसकी माता सीमा देवी को मौत के घाट उतार दिया था। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के बयान भी पुत्री आकांक्षा के बयानों की पुष्टि कर रहे थे, लिहाजा अदालत ने सुनवाई के बाद आलोक तिवारी को अपनी पत्नी सीमा देवी की हत्या के मामले में दोषसिद्ध करते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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