{"_id":"585d4fa14f1c1bfd65e39240","slug":"late-night-wander-in-the-fog-can-be-harmful","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहरे में देर रात तक घूमना हो सकता है हानिकारक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोहरे में देर रात तक घूमना हो सकता है हानिकारक
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 23 Dec 2016 10:50 PM IST
विज्ञापन
घने कोहरे
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निमोनिया और हार्टअटैक का रहता है खतरा
इस समय शाम होते ही कोहरा गिरना शुरू हो जाता है। कोहरे के चलते तापमान में भी गिरावट आई है। डॉक्टरों की माने तो कोहरे में बहुत देर तक घूमना हानिकारक हो सकता है। निमोनिया और हार्टअटैक का भी खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि यह कोई निश्चित नहीं है कि ठंड और कोहरे का प्रकोप कितने समय में होता है। कुछ लोगों में ठंड सहन करने की क्षमता अधिक होती है और कुछ में कम होती है। यह व्यक्ति के रहन सहन, खानपान और दैनिक दिनचर्या पर भी निर्भर करता है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति ज्यादा देर तक ठंड और कोहरे में रहता तो धीरे-धीरे उसके शरीर का तापमान कम होता जाएगा, जिससे उसे निमोनिया हो सकता है तथा ठंड से नसें सिकुड़ने से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी है कि यदि बाहर निकलें तो पर्याप्त कपड़े पहन कर। जिला अस्पताल के डॉक्टर सुजीत कुमार ने बताया कि गर्म वातावरण से यदि ठंड में निकलें तो गर्म कपडे़ जरूर पहनेें। गर्म वातावरण के बाद यदि अचानक ठंड का वातावरण मिलता है तो शरीर के लिए यह स्थिति असहज होती है। ऐसे में हार्टअटैक की आशंका ज्यादा रहती है।
---------
क्षय रोग के प्रति किया जागरूक
गोला गोकर्णनाथ। भारत विकास परिषद के तत्वावधान में लगे शिविर में लोगों को क्षय रोग के प्रति जागरूक किया गया।
सीएचसी में लगे क्षय रोग जागरूकता शिविर में आरएनटीसीपी प्रदीप वर्मा, एसटीएलएस लालाराम वर्मा और टीवीएचबी नितिन मिश्रा ने क्षय रोग से बचाव के तरीके, संक्रमण का कारण, इलाज का कोर्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि टीबी एक संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है। इलाज के साथ संक्रमण से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति को खांसते समय मुंह पर रुमाल रखना चाहिए। सीएचसी पर टीबी का पूरा कोर्स उपलब्ध है। नियमित इलाज से क्षय रोग पूणर्त: ठीक हो जाता है। इस मौके पर राजेश गिरि, सौरभ दीक्षित, गुरदेव शर्मा, राजेश कश्यप, बरातीलाल, जयशंकर अवस्थी, शकील अहमद, मोहम्मद शलीम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस समय शाम होते ही कोहरा गिरना शुरू हो जाता है। कोहरे के चलते तापमान में भी गिरावट आई है। डॉक्टरों की माने तो कोहरे में बहुत देर तक घूमना हानिकारक हो सकता है। निमोनिया और हार्टअटैक का भी खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि यह कोई निश्चित नहीं है कि ठंड और कोहरे का प्रकोप कितने समय में होता है। कुछ लोगों में ठंड सहन करने की क्षमता अधिक होती है और कुछ में कम होती है। यह व्यक्ति के रहन सहन, खानपान और दैनिक दिनचर्या पर भी निर्भर करता है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति ज्यादा देर तक ठंड और कोहरे में रहता तो धीरे-धीरे उसके शरीर का तापमान कम होता जाएगा, जिससे उसे निमोनिया हो सकता है तथा ठंड से नसें सिकुड़ने से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी है कि यदि बाहर निकलें तो पर्याप्त कपड़े पहन कर। जिला अस्पताल के डॉक्टर सुजीत कुमार ने बताया कि गर्म वातावरण से यदि ठंड में निकलें तो गर्म कपडे़ जरूर पहनेें। गर्म वातावरण के बाद यदि अचानक ठंड का वातावरण मिलता है तो शरीर के लिए यह स्थिति असहज होती है। ऐसे में हार्टअटैक की आशंका ज्यादा रहती है।
विज्ञापन
---------
क्षय रोग के प्रति किया जागरूक
गोला गोकर्णनाथ। भारत विकास परिषद के तत्वावधान में लगे शिविर में लोगों को क्षय रोग के प्रति जागरूक किया गया।
सीएचसी में लगे क्षय रोग जागरूकता शिविर में आरएनटीसीपी प्रदीप वर्मा, एसटीएलएस लालाराम वर्मा और टीवीएचबी नितिन मिश्रा ने क्षय रोग से बचाव के तरीके, संक्रमण का कारण, इलाज का कोर्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि टीबी एक संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है। इलाज के साथ संक्रमण से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति को खांसते समय मुंह पर रुमाल रखना चाहिए। सीएचसी पर टीबी का पूरा कोर्स उपलब्ध है। नियमित इलाज से क्षय रोग पूणर्त: ठीक हो जाता है। इस मौके पर राजेश गिरि, सौरभ दीक्षित, गुरदेव शर्मा, राजेश कश्यप, बरातीलाल, जयशंकर अवस्थी, शकील अहमद, मोहम्मद शलीम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन