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जांच के घेरे में लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन, निर्माण ठप
अमर उजाला ब्यूरो/ लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 14 Apr 2017 11:22 PM IST
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निर्माण कार्य
- फोटो : अमर उजाला
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जांच के घेरे में लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन, निर्माण ठप
मशीनें हटने से नाउम्मीदी, राहगीरों को दिक्कत, कुछ भी बोलने से बच रहे लोनिवि अभियंता
- पिछली सरकार का है महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, अखिलेश यादव ने किया था शिलान्यास
- दिसंबर तक निर्माण पूरा कराने की घोषणा की थी, अप्रैल बीत रहा आधा काम भी नहीं हुआ
सपा सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन का निर्माण कार्य ठप हो गया है। मशीनें हटनी शुरू हुईं तो निर्माण बंद होने की चर्चाएं शुरू हो गईं। विभागीय सूत्रों की मानें तो भाजपा सरकार लंबित योजनाओं की जांच करवा रही है। जांच के भय से फोरलेन का काम फिलहाल बंद कर दिया गया है। हालांकि लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अशोक कुमार और इरफान अहमद इस बात को सिरे से खारिज करते हुए कहते हैं कि उत्तराखंड से पत्थर की निकासी बंद होने की वजह से काम बंद हुआ है, लेकिन अन्य कार्य भी बंद होने और मशीनें हटने की बाबत पूछे जाने पर वे चुप्पी साध लेते हैं।
बीते साल 20 जून को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन का शिलान्यास करते हुए कहा था कि तराई के लोगों को लखनऊ और दिल्ली से सीधे जोड़ने की मंशा से यह सड़क बनाई जा रही है। उन्होंने दिसंबर 2016 तक फोरलेन निर्माण को पूरा कराने का आश्वासन भी दिया था। उम्मीद थी कि यह सड़क बन जाएगी तो दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जिले की तरक्की के द्वार खुलेंगे और हाईवे के दोनों तरफ के गांवों की तस्वीर बदल जाएगी। लखीमपुर के एलआरपी चौराहे से सीतापुर के नेपालापुर तक 44.7 किलोमीटर दूरी के बीच निर्माण कार्य की लागत 342.40 करोड़ रुपये रखी गई थी। लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही फोरलेन के निर्माण की गति बेहद कम हो गई। इधर जैसे ही मुख्यमंत्री योगी ने लंबित योजनाओं की जांच के निर्देश दिए तो लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन का निर्माण पूरी तरह से ठप हो गया। जिले में सुगबुगाहट शुरू हो गई की जांच के खौफ में फोरलेन का काम बंद हो गया। यहां तक कि निर्माण में लगीं मशीनें भी हट गईं। फिलहाल निर्माण ठप होने से जहां राहगीरों को दिक्कत आ रही हैं, वहीं दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
निर्माण ठप होने की वजह नहीं बता पा रहे अभियंता
फिलहाल जांच के खौफ में निर्माण ठप होने की चर्चा को लोनिवि अभियंता सिरे से खारिज कर रहे हैं, किंतु सही वजह भी नहीं बता पा रहे हैं। इस बाबत लोनिवि निर्माण खंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता अशोक कुमार कहते हैं कि पत्थर नहीं मिल रहा है, इसलिए निर्माण में तेजी नहीं आ पा रही है, किंतु जब उनसे यह पूछा गया कि इस मार्ग पर 22 पुल और पुलियों सहित कई कार्य अधूरे हैं। इतना ही नहीं मशीनें भी उठकर चली गईं। कच्ची मिट्टी (पटाई आदि) के भी कार्य रोक दिए गए हैं? यह सब क्यों हो रहा है? इस पर वह चुप हो गए। सिर्फ इतना बोले, जल्दी ही काम शुरू होगा। जांच के सवाल पर उनका कहना है कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। इसी तरह लोनिवि राष्ट्रीय राज मार्ग के अधिशाषी अभियंता इरफान अहमद भी निर्माण कार्य ठप होने की बाबत स्पष्ट कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं।
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फोरलेन बनने से इन गांवों-कस्बों को मिलेगा फायदा
फोरलेन निर्माण होने से पिपरिया, बांसखेड़ा, चिमनी, बाबागंज, आधाचाट, वाजपेयी, डिम्हौरा, मोहम्मदाबाद, सरैंया, ढखवा, ओयल, सुंशी, उमरिया, मरखापुर, हरगांव, झरेखापुर, शाह, महोली, नेपालापुर की सूरत बदल जाएगी।
कम होगी दूरी, व्यापार को मिलेंगे नए आयाम
लखीमपुर-सीतापुर की दूरी अभी डेढ़ से दो घंटे में तय होती है। फोरलेन के निर्माण से यह दूरी महज 52 मिनट में तय हो जाएगी। जिले की सीमा नेपाल से मिली है। ऐसे में नेपाल से व्यापार सुगम होगा। लखनऊ की दूरी कम होने से शहर के बाजार में रौनक आएगी।
निर्माण ठप होने से हो रहीं दिक्कतें
आधे-अधूरे निर्माण की वजह से जगह-जगह जाम, कहीं गड्ढे तो कहीं बजरी पड़ी होने से दुर्घटनाएं हो रही है। पहली बार सफर कर रहे लोग अनजाने में चोटिल हो जा रहे है। हाईवे की पटाई में डाली गई रेत उड़कर खेतों और घरों में जा रही, जिससे हाईवे के किनारे के बाजारों में कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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वर्जन......
फोरलेन का निर्माण बंद होने की जानकारी नहीं है। लोनिवि अभियंताओं को निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे। जांच के भय में काम न करने की मनमानी मिली तो संबंधित निर्माण कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
- आकाशदीप, डीएम
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मशीनें हटने से नाउम्मीदी, राहगीरों को दिक्कत, कुछ भी बोलने से बच रहे लोनिवि अभियंता
- पिछली सरकार का है महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, अखिलेश यादव ने किया था शिलान्यास
- दिसंबर तक निर्माण पूरा कराने की घोषणा की थी, अप्रैल बीत रहा आधा काम भी नहीं हुआ
सपा सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन का निर्माण कार्य ठप हो गया है। मशीनें हटनी शुरू हुईं तो निर्माण बंद होने की चर्चाएं शुरू हो गईं। विभागीय सूत्रों की मानें तो भाजपा सरकार लंबित योजनाओं की जांच करवा रही है। जांच के भय से फोरलेन का काम फिलहाल बंद कर दिया गया है। हालांकि लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अशोक कुमार और इरफान अहमद इस बात को सिरे से खारिज करते हुए कहते हैं कि उत्तराखंड से पत्थर की निकासी बंद होने की वजह से काम बंद हुआ है, लेकिन अन्य कार्य भी बंद होने और मशीनें हटने की बाबत पूछे जाने पर वे चुप्पी साध लेते हैं।
बीते साल 20 जून को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन का शिलान्यास करते हुए कहा था कि तराई के लोगों को लखनऊ और दिल्ली से सीधे जोड़ने की मंशा से यह सड़क बनाई जा रही है। उन्होंने दिसंबर 2016 तक फोरलेन निर्माण को पूरा कराने का आश्वासन भी दिया था। उम्मीद थी कि यह सड़क बन जाएगी तो दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जिले की तरक्की के द्वार खुलेंगे और हाईवे के दोनों तरफ के गांवों की तस्वीर बदल जाएगी। लखीमपुर के एलआरपी चौराहे से सीतापुर के नेपालापुर तक 44.7 किलोमीटर दूरी के बीच निर्माण कार्य की लागत 342.40 करोड़ रुपये रखी गई थी। लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही फोरलेन के निर्माण की गति बेहद कम हो गई। इधर जैसे ही मुख्यमंत्री योगी ने लंबित योजनाओं की जांच के निर्देश दिए तो लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन का निर्माण पूरी तरह से ठप हो गया। जिले में सुगबुगाहट शुरू हो गई की जांच के खौफ में फोरलेन का काम बंद हो गया। यहां तक कि निर्माण में लगीं मशीनें भी हट गईं। फिलहाल निर्माण ठप होने से जहां राहगीरों को दिक्कत आ रही हैं, वहीं दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
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निर्माण ठप होने की वजह नहीं बता पा रहे अभियंता
फिलहाल जांच के खौफ में निर्माण ठप होने की चर्चा को लोनिवि अभियंता सिरे से खारिज कर रहे हैं, किंतु सही वजह भी नहीं बता पा रहे हैं। इस बाबत लोनिवि निर्माण खंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता अशोक कुमार कहते हैं कि पत्थर नहीं मिल रहा है, इसलिए निर्माण में तेजी नहीं आ पा रही है, किंतु जब उनसे यह पूछा गया कि इस मार्ग पर 22 पुल और पुलियों सहित कई कार्य अधूरे हैं। इतना ही नहीं मशीनें भी उठकर चली गईं। कच्ची मिट्टी (पटाई आदि) के भी कार्य रोक दिए गए हैं? यह सब क्यों हो रहा है? इस पर वह चुप हो गए। सिर्फ इतना बोले, जल्दी ही काम शुरू होगा। जांच के सवाल पर उनका कहना है कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। इसी तरह लोनिवि राष्ट्रीय राज मार्ग के अधिशाषी अभियंता इरफान अहमद भी निर्माण कार्य ठप होने की बाबत स्पष्ट कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं।
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फोरलेन बनने से इन गांवों-कस्बों को मिलेगा फायदा
फोरलेन निर्माण होने से पिपरिया, बांसखेड़ा, चिमनी, बाबागंज, आधाचाट, वाजपेयी, डिम्हौरा, मोहम्मदाबाद, सरैंया, ढखवा, ओयल, सुंशी, उमरिया, मरखापुर, हरगांव, झरेखापुर, शाह, महोली, नेपालापुर की सूरत बदल जाएगी।
कम होगी दूरी, व्यापार को मिलेंगे नए आयाम
लखीमपुर-सीतापुर की दूरी अभी डेढ़ से दो घंटे में तय होती है। फोरलेन के निर्माण से यह दूरी महज 52 मिनट में तय हो जाएगी। जिले की सीमा नेपाल से मिली है। ऐसे में नेपाल से व्यापार सुगम होगा। लखनऊ की दूरी कम होने से शहर के बाजार में रौनक आएगी।
निर्माण ठप होने से हो रहीं दिक्कतें
आधे-अधूरे निर्माण की वजह से जगह-जगह जाम, कहीं गड्ढे तो कहीं बजरी पड़ी होने से दुर्घटनाएं हो रही है। पहली बार सफर कर रहे लोग अनजाने में चोटिल हो जा रहे है। हाईवे की पटाई में डाली गई रेत उड़कर खेतों और घरों में जा रही, जिससे हाईवे के किनारे के बाजारों में कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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वर्जन......
फोरलेन का निर्माण बंद होने की जानकारी नहीं है। लोनिवि अभियंताओं को निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे। जांच के भय में काम न करने की मनमानी मिली तो संबंधित निर्माण कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
- आकाशदीप, डीएम