लखीमपुर नगर पालिका: नवनिर्वाचित अध्यक्ष इरा श्रीवास्तव समेत 30 सभासदों ने ली शपथ, बताई पांच साल की योजनाएं
नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने कहा कि शहर को ठीक और सुधारने के लिए जनता ने पांच वर्षों का समय दिया है। हर क्षण जनता का है, जिसे जनता को समर्पित किया जाएगा।
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लखीमपुर नगर पालिका समेत ओयल, निघासन, सिंगाही और बरबर नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्षों ने शुक्रवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। लखीमपुर में हुए मुख्य कार्यक्रम में सदर एसडीएम श्रद्धा सिंह ने पालिका अध्यक्ष इरा श्रीवास्तव समेत सभी 30 सभासदों को शपथ दिलाई। इस दौरान अध्यक्ष इरा श्रीवास्तव ने शपथ ग्रहण के बाद कहा कि अगले कुछ महीने में शहर का नया स्वरुप दिखाई देगा।
डॉ. इरा श्रीवास्तव ने कहा कि शहर को ठीक और सुधारने के लिए जनता ने पांच वर्षों का समय दिया है। हर क्षण जनता का है, जिसे जनता को समर्पित किया जाएगा। कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी का जीतना इतना आसान नहीं होता है। पिछले कार्यकाल में किये गये विकास कार्यों और जनता के प्यार का प्रतिफल मुझे मिला है। मन में किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए, सभी मिलकर काम करेंगे और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। संबोधन के बाद नगर पालिका पहुंची डॉ. इरा का कर्मचारियों ने रेड कारपेट बिछाकर स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने विधिवत चार्ज लिया।
अध्यक्ष के सामने ये होंगी चुनौती
अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव के सामने सबसे बड़ी चुनौती नगर पालिका को घाटे से उभारने की है। इसके अलावा कर्मचारियों का बकाया ईपीएफ दिलाने के लिए उन्हें काफी मेहनत और रणनीति बनानी होगी। क्योंकि कई बार नोटिसें जारी होने के बाद भी कार्यदाई संस्था के पदाधिकारियों ने मसले को हल्के में लिया। लिहाजा कर्मचारी आज भी ईपीएफ पाने के लिए परेशान दिखाई दे रहा है। उधर, शहर में बजबजाती नालियां और सड़कों पर लगे कूड़े के ढेर का निस्तारण भी बड़ी चुनौती है।
पांच साल की बताई योजनाएं
1. सफाई व्यवस्था: शहर में नालों की साफ सफाई और जलनिकासी की समस्या को दूर करना।
2. शहर में सामुदायिक केन्द्र बनाना।
3.पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित करना।
4.पिकनिक स्पाट और तालाबों का सौन्दर्यीकरण करना।
5. शहर में विभिन्न जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था करना।
ईओ के कमरे में बैठेंगी अध्यक्ष
नगर पालिका परिसर में कुछ साल पहले लाखों रूपयों खर्च करते हुए अध्यक्ष के लिए वातानुकूलित कक्ष का निर्माण कराया गया था, लेकिन यह कक्ष नवनियुक्ति अध्यक्ष डा. इरा को रास नहीं आया। हाल यह हुआ कि उन्होंने अपना कक्ष छोड़कर ईओ के कक्ष और कुर्सी पर कब्जा जमा लिया । अब वह ईओ के कक्ष में बैठकर नगर पालिका का कामकाज देखेंगी। बाकायदा कक्ष के बाहर नेमप्लेट लगाई गई है। फिलहाल ईओ के कक्ष में अध्यक्ष का कब्जा होने की चर्चाएं पूरे नगर पालिका में थी।
सिर्फ नाम की हेल्प लाइन
शहर वासियों को लेकर बनाई गई नगर पालिका की हेल्पलाइन महज नाम की ही साबित हो रही है। करीब आठ महीने पहले पालिका दफ्तर में एक कार्यालय और एक कर्मचारी के साथ हेल्पलाइन की स्थापना की गई थी। 24 घंटे चलने वाली इस हेल्पलाइन की निगरानी एक कर्मचारी के भरोसे है। मुख्य रुप से सबसे ज्यादा शिकायतें गंदगी और जलभराव की आईं।
रोजाना औसतन 8-10 शिकायतें हर रोज आती हैं। इनमें बिजली और उधड़ी सड़क व टूटे नालों की शिकायतें होती हैं। इनमें गंदगी और जलभराव की शिकायतों का निस्तारण हुआ, लेकिन निर्माण व बिजली संबधी शिकायतें पेंडिंग रहती हैं। तैनात कर्मचारी का कहना है कि इन दोनों समस्याओं का निस्तारण तो समय पर कर दिया जाता है लेकिन निर्माण और बिजली की शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। क्योंकि बजट न होने की वजह से कई बार शिकायतों के निस्तारण में काफी समय लग जा रहा है।