{"_id":"5e44572e8ebc3ee5dc1d8559","slug":"lakhimpur-mailani-railsewa-lakhimpur-news-bly395658433","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर- मैलानी के बीच रेल सेवा को हरी झंडी, अव्यवस्थाओं की पटरी पर दौड़ेगी उम्मीदों की रेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखीमपुर- मैलानी के बीच रेल सेवा को हरी झंडी, अव्यवस्थाओं की पटरी पर दौड़ेगी उम्मीदों की रेल
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लखीमपुर खीरी। रेलवे बोर्ड ने लखीमपुर-मैलानी के बीच रेलसेवा शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। लखीमपुर से लेकर मैलानी तक यात्री सुविधाओं का जायजा लेने के लिए समय समय पर डीआरएम से लेकर अन्य विभागीय अफसर भी आते रहे। मगर, उसके बावजूद लखीमपुर, फरधान, गोला एवं बांकेगंज स्टेशन पर यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं तक नहीं हैं। लखीमपुर स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर दो की फर्श बैठने के साथ फुट ओवरब्रिज एवं पानी की टंकी पर लगे पत्थर अभी से उखड़ने लगे हैं। फरधान और बांकेगंज स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर एक से दो पर जाने के लिए ओवरब्रिज तक नहीं है। ऐसे में यात्रियों को जान जोखिम में डालकर पटरियां लांघकर एक नंबर प्लेटफार्म से दो पर जाना होगा। हालांकि कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम के अधिकारी किसी भी प्रकार की अव्यवस्थाएं न होने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है यदि छिटपुट कमी हो तो भी उसे बुधवार तक दुरुस्त करा दिया जाएगा।
एफओबी न होना मुसाफिरों के लिए बनेगा मुसीबत
फरधान। ट्रेन संचालन शुरू होने को लेकर क्षेत्रवासियों में खुशी है। मगर, स्टेशन पर अव्यवस्थाएं होने से नाराजगी भी। लोगों का कहना है कि प्लेटफार्म नंबर एक से दो पर जाने के लिए ब्रिज नहीं बना। जबकि इनके बीच में तीन रेल लाइन हैं। ऐसे में दो नंबर प्लेटफार्म पर ट्रेन आने पर यात्रियों को तीन लाइनें लांघनी होंगी। ऐसे में सबसे अधिक दिक्कत परिवार वालों को होगी। खासकर महिलाएं किस तरह से बच्चों को लेकर प्लेटफार्म पर जाएंगी। इस पर रेलवे अधिकारियों को गौर करना चाहिए। हालांकि लोगों ने ब्रिज बनवाने की मांग डीआरएम से की थी, मगर, सिर्फ आश्वासन ही मिला।
जान जोखिम में डालकर जाना होगा प्लेटफार्म एक से दो पर
बांकेगंज। शुक्रवार से मैलानी लखीमपुर के बीच बड़ी लाइन की ट्रेनें दौड़ने लगेगीं। मगर, स्टेशन पर अव्यवस्थाओं का अंबार है। न तो स्टेशन पर बुजुर्ग, दिव्यांग, बच्चों के लिए एक नंबर से दो नंबर के प्लेटफार्म पर जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) बना है और न ही पाथवे। ऐसे में ट्रेनों में सफर करना यात्रियों के लिए किसी जोखिम से कम नहीं होगा। एक से दो नंबर के प्लेटफार्म पर जाने के लिए मुसाफिरों को लाइन लांघना होगी। ऐसे में कभी भी लाइन पर पड़े पत्थर मुसीबत बनेंगे। कार्यदायी संस्था ने प्रस्तावित होने के बाद भी फुट ओवर ब्रिज नहीं बनाया।
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प्लेटफार्म नंबर एक से दो पर यात्री कैसे जाएंगे। यह अधिकारियों को सोचना चाहिए। सबसे ज्यादा असुविधा महिलाओं को होगी।
- श्रष्टी पांडे, अधिवक्ता निवासी बौठा
दूसरे स्टेशन तक जाने के लिए रास्ता नही बना तो आए दिन बच्चे, बूढ़े और विकलांग लोगों को समस्याओ का सामान करना पड़ेगा। पटरियों पर गिर कर घायल भी हो सकते हैं।
- रामवती, ग्राम, प्रधान नरदवल
दो प्लेटफार्म तो बना दिए, लेकिन जाने के लिए पुल नहीं बनाया। ऐसे में यात्री पटरियां लांघने को मजबूर होंगे। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है।
- नितिन श्रीवास्तव निवासी गनेशपुर
एफओबी निर्माण के लिए डीआरएम को ज्ञापन दिया गया। उन्होंने निर्माण का आश्वासन भी दिया। ट्रेन चलने की तिथि तो तय हो गई। मगर, ब्रिज न बनने से यात्रियों को मुसीबत होगी।
- अवधेश चंद निवासी नरदवल
ट्रेन चलने से पहले ही टूट रहीं पटरियां
लखीमपुर खीरी। सीतापुर लखीमपुर के बीच ट्रेन संचालन शुरू हुए पांच माह ही बीते हैं। जबकि मैलानी तक शुक्रवार से ट्रेन संचालन शुरू होगा। मगर, रेल लाइन अभी से टूटने लगी हैं। खीरी ओयल के बीच जहां कुछ दिन पहले पटरियां चिटक गई थीं। तो वहीं देवकली फरधान के बीच बुधवार को। कार्यदायी संस्था के लोगों ने बुधवार को चार घंटे का ब्लॉक लेकर पटरियों का दुरुस्त करा दिया। इसको लेकर विभागीय लोगों का कहना है कि पटरियों का टूटना उनकी गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है। मगर, रेलपथ इंजीनियर सुरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि रेल लाइन बहुत नाजुक होती हैं। उतारते समय यदि पटरी गिर जाए तो उसमें निशान पड़ जाता है। जिस कारण टूटती हैं।
कार्यदायी संस्था को अव्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए कहा गया था। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो इसके बारे में लिखा पढ़ी की जाएगी।
- महेश चंद्र गुप्ता, पीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ
रेल संचालन बंद होने को लेकर लोग मायूस
पलियाकलां। मैलानी नानपारा रेलखंड पर 16 फरवरी से ट्रेन संचालन बंद होने के जारी रेलवे के फरमान से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मैलानी तक ब्राडगेज शुरू होने से उन्हें कोई फायदा नहीं है। उन्हें तो बस आदि से ही कष्टकारी सफर करना पड़ेगा। वहीं उन लोगों को भी झटका लगा है, जिन्होंने हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की, क्योंकि सुनवाई 17 फरवरी हो होनी है और ट्रेनें 16 फरवरी से ही चलनी बंद हो जाएगी।
ट्रेनें चलती रहीं इसके लिए वर्ष 2007 से ही कमेटी सक्रिय है। पीआईएल भी दायर है। 17 फरवरी को सुनवाई है। कोर्ट ने दस्तावेजों के साथ पेश होने को कहा है।
- बद्री विशाल गुप्ता मंत्री श्रीरामलीला कमेटी
कोर्ट में पीआईएल डाली थी, जिसको रामलीला कमेटी की पीआईएल में एकीकृत कर दिया गया है। 17 फरवरी ही सुनवाई की तिथि लगी है। -श्यामा प्रसंन सेन सदस्य पशु क्रूरता समिति
नानपारा रेलखंड बंद होने से व्यापारी मायूस
मैलानी। नानपारा रेलखंड बंद होने से व्यापारी मायूस है। अब तक उम्मीद लगाए थे कि हो सकता है कि जनप्रतिनिधयों के हस्तक्षेप से ऐसा न हो। मगर, रेलवे की ओर से प्रखंड बंद होने की 16 तारीख निश्चित करने से व्यापारियों को विश्वास हो गया है कि अब तो ट्रेन बंद ही होगी।
ट्रेने बंद होने से व्यापार प्रभावित होगा। कस्बे का कारोबार रेल एवं यात्रियों पर निर्भर है।
-अमित अरोरा, महामंत्री, व्यापार मंडल
कस्बे का व्यापार ट्रेन पर निर्भर है। इसके लिए सांसद को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा।
- अनिल अग्रवाल, कपड़ा व्यापारी
नानपारा रूट बंद होने का सीधा असर व्यवसाय पर पड़ेगा। इससे रोजी रोटी का संकट पैदा होगा।
- मुकेश कटियार, किराना व्यापारी, मैलानी
फल विक्रेताओं का कारोबार रेल यात्रियों पर ही निर्भर है। रूट बंद होने से हम लोगों का धंधा प्रभावित होगा।
- महावीर कश्यप, फल विक्रेता
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एफओबी न होना मुसाफिरों के लिए बनेगा मुसीबत
फरधान। ट्रेन संचालन शुरू होने को लेकर क्षेत्रवासियों में खुशी है। मगर, स्टेशन पर अव्यवस्थाएं होने से नाराजगी भी। लोगों का कहना है कि प्लेटफार्म नंबर एक से दो पर जाने के लिए ब्रिज नहीं बना। जबकि इनके बीच में तीन रेल लाइन हैं। ऐसे में दो नंबर प्लेटफार्म पर ट्रेन आने पर यात्रियों को तीन लाइनें लांघनी होंगी। ऐसे में सबसे अधिक दिक्कत परिवार वालों को होगी। खासकर महिलाएं किस तरह से बच्चों को लेकर प्लेटफार्म पर जाएंगी। इस पर रेलवे अधिकारियों को गौर करना चाहिए। हालांकि लोगों ने ब्रिज बनवाने की मांग डीआरएम से की थी, मगर, सिर्फ आश्वासन ही मिला।
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जान जोखिम में डालकर जाना होगा प्लेटफार्म एक से दो पर
बांकेगंज। शुक्रवार से मैलानी लखीमपुर के बीच बड़ी लाइन की ट्रेनें दौड़ने लगेगीं। मगर, स्टेशन पर अव्यवस्थाओं का अंबार है। न तो स्टेशन पर बुजुर्ग, दिव्यांग, बच्चों के लिए एक नंबर से दो नंबर के प्लेटफार्म पर जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) बना है और न ही पाथवे। ऐसे में ट्रेनों में सफर करना यात्रियों के लिए किसी जोखिम से कम नहीं होगा। एक से दो नंबर के प्लेटफार्म पर जाने के लिए मुसाफिरों को लाइन लांघना होगी। ऐसे में कभी भी लाइन पर पड़े पत्थर मुसीबत बनेंगे। कार्यदायी संस्था ने प्रस्तावित होने के बाद भी फुट ओवर ब्रिज नहीं बनाया।
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प्लेटफार्म नंबर एक से दो पर यात्री कैसे जाएंगे। यह अधिकारियों को सोचना चाहिए। सबसे ज्यादा असुविधा महिलाओं को होगी।
- श्रष्टी पांडे, अधिवक्ता निवासी बौठा
दूसरे स्टेशन तक जाने के लिए रास्ता नही बना तो आए दिन बच्चे, बूढ़े और विकलांग लोगों को समस्याओ का सामान करना पड़ेगा। पटरियों पर गिर कर घायल भी हो सकते हैं।
- रामवती, ग्राम, प्रधान नरदवल
दो प्लेटफार्म तो बना दिए, लेकिन जाने के लिए पुल नहीं बनाया। ऐसे में यात्री पटरियां लांघने को मजबूर होंगे। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है।
- नितिन श्रीवास्तव निवासी गनेशपुर
एफओबी निर्माण के लिए डीआरएम को ज्ञापन दिया गया। उन्होंने निर्माण का आश्वासन भी दिया। ट्रेन चलने की तिथि तो तय हो गई। मगर, ब्रिज न बनने से यात्रियों को मुसीबत होगी।
- अवधेश चंद निवासी नरदवल
ट्रेन चलने से पहले ही टूट रहीं पटरियां
लखीमपुर खीरी। सीतापुर लखीमपुर के बीच ट्रेन संचालन शुरू हुए पांच माह ही बीते हैं। जबकि मैलानी तक शुक्रवार से ट्रेन संचालन शुरू होगा। मगर, रेल लाइन अभी से टूटने लगी हैं। खीरी ओयल के बीच जहां कुछ दिन पहले पटरियां चिटक गई थीं। तो वहीं देवकली फरधान के बीच बुधवार को। कार्यदायी संस्था के लोगों ने बुधवार को चार घंटे का ब्लॉक लेकर पटरियों का दुरुस्त करा दिया। इसको लेकर विभागीय लोगों का कहना है कि पटरियों का टूटना उनकी गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है। मगर, रेलपथ इंजीनियर सुरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि रेल लाइन बहुत नाजुक होती हैं। उतारते समय यदि पटरी गिर जाए तो उसमें निशान पड़ जाता है। जिस कारण टूटती हैं।
कार्यदायी संस्था को अव्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए कहा गया था। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो इसके बारे में लिखा पढ़ी की जाएगी।
- महेश चंद्र गुप्ता, पीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ
रेल संचालन बंद होने को लेकर लोग मायूस
पलियाकलां। मैलानी नानपारा रेलखंड पर 16 फरवरी से ट्रेन संचालन बंद होने के जारी रेलवे के फरमान से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मैलानी तक ब्राडगेज शुरू होने से उन्हें कोई फायदा नहीं है। उन्हें तो बस आदि से ही कष्टकारी सफर करना पड़ेगा। वहीं उन लोगों को भी झटका लगा है, जिन्होंने हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की, क्योंकि सुनवाई 17 फरवरी हो होनी है और ट्रेनें 16 फरवरी से ही चलनी बंद हो जाएगी।
ट्रेनें चलती रहीं इसके लिए वर्ष 2007 से ही कमेटी सक्रिय है। पीआईएल भी दायर है। 17 फरवरी को सुनवाई है। कोर्ट ने दस्तावेजों के साथ पेश होने को कहा है।
- बद्री विशाल गुप्ता मंत्री श्रीरामलीला कमेटी
कोर्ट में पीआईएल डाली थी, जिसको रामलीला कमेटी की पीआईएल में एकीकृत कर दिया गया है। 17 फरवरी ही सुनवाई की तिथि लगी है। -श्यामा प्रसंन सेन सदस्य पशु क्रूरता समिति
नानपारा रेलखंड बंद होने से व्यापारी मायूस
मैलानी। नानपारा रेलखंड बंद होने से व्यापारी मायूस है। अब तक उम्मीद लगाए थे कि हो सकता है कि जनप्रतिनिधयों के हस्तक्षेप से ऐसा न हो। मगर, रेलवे की ओर से प्रखंड बंद होने की 16 तारीख निश्चित करने से व्यापारियों को विश्वास हो गया है कि अब तो ट्रेन बंद ही होगी।
ट्रेने बंद होने से व्यापार प्रभावित होगा। कस्बे का कारोबार रेल एवं यात्रियों पर निर्भर है।
-अमित अरोरा, महामंत्री, व्यापार मंडल
कस्बे का व्यापार ट्रेन पर निर्भर है। इसके लिए सांसद को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा।
- अनिल अग्रवाल, कपड़ा व्यापारी
नानपारा रूट बंद होने का सीधा असर व्यवसाय पर पड़ेगा। इससे रोजी रोटी का संकट पैदा होगा।
- मुकेश कटियार, किराना व्यापारी, मैलानी
फल विक्रेताओं का कारोबार रेल यात्रियों पर ही निर्भर है। रूट बंद होने से हम लोगों का धंधा प्रभावित होगा।
- महावीर कश्यप, फल विक्रेता