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लखीमपुर खीरी : जिला अस्पताल से दोनों शव लेकर चले गए किसान

Mon, 04 Oct 2021 01:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 04 Oct 2021 01:35 AM IST
सार

किसानों के आक्रोश को लेकर देखते हुए इमरजेंसी स्टाफ शवों को नहीं पहुंचा सका मोर्चरी तक।

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Lakhimpur Kheri: The farmers went away with both the bodies from the district hospital
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

निघासन की हिंसा में घायल तीन लोगों को लेकर साथी किसान रविवार शाम जिला अस्पताल पहुंचे। वहां पर डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे लखनऊ रेफर कर दिया। साथी किसान दोनो शवों का पोस्टमार्टम कराए बिना ही साथ लेकर चले गए। किसानों का कहना था कि राकेश टिकैत के आने के बाद ही आगे कुछ होगा। किसानों के आक्रोश को लेकर देखते इमरजेंसी स्टाफ शवों को मोर्चरी में बंद कराने का जहमत नहीं उठा सका।

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रविवार को हुई हिंसा में 25 वर्षीय लवप्रीत सिंह पुत्र सतनाम सिंह निवासी चौखड़ा फार्म, किसान संयुक्त मोर्चा गजरौला के सदस्य तजिंदर सिंह विर्क सहित एक अज्ञात अधेड को लेकर साथी किसान जिला अस्पताल पहुंचे। अज्ञात अधेड सहित लवप्रीत सिंह को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तजिंदर सिंह की हालत नाजुक होने के चलते उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने मृतकों के शव मोर्चरी में रखवाने का प्रयास किया। 
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मगर, साथी किसान दोनो शवों को साथ लेकर घटनास्थल की ओर लेकर निकल गए। बताते हैं कि किसान नेता राकेश सिंह टिकैत के आने के बाद साथी किसान शवों का पोस्टमार्टम और दाह संस्कार करने को तैयार हैं। उधर, घायल तजिंदर सिंह विर्क को भी साथी इलाज के लिए लखनऊ की बजाय उत्तराचंल लेकर गए है। घटना की सूचना पर सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल सहित भाकपा माले की कृष्णा अधिकारी ने जिला अस्पताल पहुंचकर किसानों को ढांढस बंधाया।

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तिकुनिया की घटना से आक्रोशित किसानों ने असम हाईवे किया जाम

तिकुनिया की घटना के बाद पीलीभीत जनपद के किसानों में भी आक्रोश पनप गया है। पूरनपुर में देर शाम कई स्थानों पर असम हाईव को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, मगर किसान हाथों में लाठी डंडा लेकर असम हाईवे पर धरना देकर बैठ गए। सूचना मिलने पर एसपी ने भी कैप कर किसानों से वार्ता के प्रयास शुरू कर दिए हैं। हाईवे पर धरना के चलते दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई हैं।

लखीपुर की घटना की जानकारी होते ही क्षेत्र के किसानों में आक्रोश फैल गया है। शाम करीब साढ़़े छह बजे असम हाइवे के बंडा चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में किसानों ने लाठी डंडा लेकर धरना देकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी पर सीओ, कोतवाल और पीएससी मौके पर पहुंच गई। आक्रोशित किसान भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। हालांकि किसानों से हाईवे को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया है। चौराहे के आस पास भाजपा नेताओं के लगे होर्डिग भी फाड़ डालने। 

इसके अलावा गड़वाखेड़ा, कड़ेरचौड़ा में भी किसानों ने हाईवे को अपनी गिरफ्त में ले लिया था। सूचना पर पहुंच एसपी निदेश कुमार ने आक्रोशित किसानों से वार्ता करनी चाही, मगर किसान वार्ता करने को तैयार नहीं हुए। किसानों का कहना था कि तिकुनिया में मारे गए किसानों के हत्यारोपियों को तत्काल गिफ्तारी हो। लगातार किसानों की संख्या धरना स्थल पर बढ़ती जा रही थी। हालात बेकाबू होते देख, एसपी ने भी फोर्स अलर्ट कर दिया था। देर रात तक किसानों का धरना जारी रहा।

पूरनपुर में जाम लगाने वाले किसानों से वार्ता की जा रही है। अगर कानून व्यवस्था बिगड़ती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लगातार अलर्ट है। पब्लिक को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। 
- दिनेश कुमार, एसपी पीलीभीत

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