लखीमपुर खीरी: नवोदय विद्यालय के छात्र ने छात्रावास में फंदे पर लटककर जान दी, नहीं मिला सुसाइड नोट
प्रधानाचार्य मीनाक्षी गुप्ता ने बताया कि आशीष ने मंगलवार को सुबह 11 बजे तक की पढ़ाई की थी। इंटरवेल होने पर कक्षा के अन्य विद्यार्थी तो विद्यालय परिसर में बैठकर धूप सेंकने लगे और आशीष ने छात्रावास में जाकर आत्म हत्या कर ली।
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बीसलपुर क्षेत्र के गांव शिवपुरी नवदिया स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के 11वीं कक्षा के छात्र आशीष ने मंगलवार को दोपहर छात्रावास में फंदे से लटककर आत्म हत्या कर ली है। आशीष (16) लखीमपुर के थाना मोहम्मदी के गांव पूरबी लखपेड़ा निवासी था। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने आशीष के दोस्तों और उसके पिता से अलग-अलग बातचीत की लेकिन आत्महत्या की वजह साफ नहीं हुई। सिर्फ इतना जरूर पता लगा कि जब आशीष दोस्तों के पास से यह कह कर गया था कि उसकी तबीयत थोड़ी खराब है वह अभी थोड़ी देर में आएगा। जब नहीं लौटा तो दोस्त तलाशते हुए हॉस्टल पहुंचे जहां उसकी लाश पंखे के कुंडे से लटकी हुई मिली।
लखीमपुर के थाना मोहम्मदी के गांव पूरबी लखपेड़ा निवासी संजय वर्मा मोहम्मदी के गन्ना कृषक महाविद्यालय में लिपिक हैं। उनका पुत्र आशीष शिवपुरी नवदिया के जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 11 में पढ़ता था।
खाई थी सिर दर्द की दवाई
आशीष छात्रावास की उस डारमेट्री में रहता था जिसकी क्षमता 25 की पर इस समय पांच ही विद्यार्थी रह रहे थे। जिस वक्त उसने फंदा लगाया उस समय वे विद्यार्थी भी कक्षाओं में थे। उसकी तबीयत कुछ खराब थी। आशीष ने दूसरे पीरियड में दिन में करीब नौ बजे स्टाफ नर्स से सिर दर्द की बात कही और इसके बाद दवाई ली। फिर थोड़ी धूप में बैठा और उसके बाद क्लास भी अडेंड की लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद छात्रावास में पंखा टांगने के लिए लगाए गए कुंडे से नायलोन की रस्सी का फंदे से उसकी लाश लटकी हुई मिली।
प्रधानाचार्य मीनाक्षी गुप्ता ने बताया कि आशीष ने मंगलवार को सुबह 11 बजे तक की पढ़ाई की थी। इंटरवेल होने पर कक्षा के अन्य विद्यार्थी तो विद्यालय परिसर में बैठकर धूप सेंकने लगे और आशीष ने छात्रावास में जाकर आत्महत्या कर ली। रुटीन के हिसाब से कक्षा के अन्य सभी विद्यार्थी 11.15 बजे पुस्तकालय में पहुंच गए। आशीष नहीं पहुंचा। आशीष ने अपनी क्लास भी नहीं अटेंड की।
छठे पीरियड में सहपाठी अजय ने देखा शव
उन्होंने बताया कि छठे पीरियड के बाद सहपाठी अजय कुमार छात्रावास ने उसे तलाशा तो छात्रावास में उसका शव लटका दिखा। अजय के पसीने छूट गए और वह चीखता हुआ प्रधानाचार्य के पास करीब 12.20 बजे पहुंचा। इसके बाद विद्यार्थी, स्टाफ के लोग मौके पर पहुंच गए।
प्रधानाचार्य ने पुलिस और आशीष के परिजनों को जानकारी दी। सीओ प्रशांत सिंह ने कोतवाल नरेश त्यागी के साथ मौका मुआयना किया। परिजन अपराह्न पौने चार बजे विद्यालय पहुंच गए। पुलिस ने शव उतारा और सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और निशान लिए। एसपी दिनेश कुमार पी ने पिता और परिजनों और सहपाठियों से अलग अलग जानकारी हासिल की। घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने उसकी कापी किताबें खंगाली लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। इसलिए आत्महत्या की वजह रहस्य है।
परिजन बोले- पुलिस ने नहीं करने दी पूरी वीडियोग्राफी
मृतक के परिजनों ने कोतवाली पुलिस द्वारा बिना अपनी सहमति के शव उतारे जाने पर कड़ी नाराजगी जताई और सीओ प्रशांत सिंह से शिकायत की। परिजनों का कहना था कि वे लोग घटना स्थल की वीडियो बना रहे थे। वे लोग वीडियो पूरी बना भी नहीं पाए कि उससे पहले ही कोतवाली पुलिस ने शव फंदे से उतार लिया और शव को सील कर दिया। सीओ ने परिजनों को बताया कि पुलिस द्वारा की गई वीडियोग्राफी एवं अन्य सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही परिजनों की मौजूदगी में ही शव को फंदे से उतारा।
आशीष ने सितंबर 2021 में लिया था विद्यालय में प्रवेश
आशीष ने पिछले साल सितंबर में नवोदय विद्यालय में कक्षा 11 में प्रवेश लिया था। इस बीच कोरोना संक्रमण और भीषण सर्दी के कारण विद्यालय में अवकाश हो जाने के कारण अन्य विद्यार्थियों की तरह आशीष भी अपने घर गया था। आशीष तीन फरवरी को विद्यालय आया था। आशीष काफी खुशमिजाज छात्र था। उसने स्टाफ अथवा उनसे कभी भी किसी प्रकार की कोई दिक्कत होने की शिकायत नहीं की।
- मीनाक्षी गुप्ता प्रधानाचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय बीसलपुर