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होली के रंगों में सराबोर हुआ लखीमपुर
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 23 Mar 2016 10:47 PM IST
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हाोली
- फोटो : अमर उजाला
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होलिका दहन के साथ बुराइयां त्यागने का संकल्प, रंग में धुला आपसी राग-द्वेष
दोपहर तक सड़कों और गलियों में होलियारों ने खुब मचाया धमाल
रंगों का त्योहार होली पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह करीब साढ़े तीन बजे होलिका दहन के बाद लोगों ने होली की पूजा और परिक्रमा की। सुबह होते ही होलियारों की टोलियां सड़कों पर निकल पड़ीं। ढोलक की थापों पर होली गीत गाते होलियारों ने सड़कों पर खूब हुड़दंग किया। शहर में हर ओर रंग-गुलाल से सभी सराबोर दिखे। पूरा शहर होली की मस्ती में था। रंग खेलने के बाद लोग एक दूसरे के गले मिले और शुभकामनाएं दीं।
होलिका दहन के बाद लोग होली की आग घरों में लाए और घरों में महिलाओं ने श्रद्धा के साथ होली की पूजा की। यहां होली पूरी मस्ती से मनाई गई। बच्चे तो सुबह से ही रंग गुलाल और पिचकारियां लेकर छतों पर चढ़ गए। रास्ते से गुजरने वाले हर व्यक्ति पर रंगों की बौछार कर खुश हुए। बच्चों ने एक दूसरे को रंग से सराबोर कर दिया। रंग खेलने में बड़े भी पीछे नहीं रहे।
लोगों ने एक दूसरे के घरों में जाकर होली खेली और पकवानों का आनंद लिया। अलग-अलग मोहल्लों में युवाओं की टोलियां गाते बजाते रंग खेलने निकलीं। लोग रंग और गुलाल से इतना सराबोर थे कि एक दूसरे को पहचानने तक में दिक्कत हो रही थी। सड़कों पर होली गीतों के अलावा कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था और रंगों के अलावा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
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बुधवार को भी दोपहर तक सड़कों किनारे रंग, गुलाल और पिचकारियों की दुकानें सजी रहीं। इसके साथ ही पान की दुकानों के अलावा एक दुकान नहीं खुली। सड़कों पर ऑटो रिक्शा और साइकिल रिक्शा तक गायब थे। दोपहर तक या तो लोगों को पैदल निकलना पड़ा या फिर अपनी बाइक का सहारा लेना पड़ा। बस स्टेशनों पर बसों की संख्या न के बराबर रही। इससे लोगों को दिक्कत उठानी पड़ीं। ट्रेनों पर यात्रियों की संख्या काफी कम रही।
दोपहर बाद रंग थमा तो लोग रंग बिरंगे कपड़ों में होली मिलने निकल पड़े। लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर आपस में गले मिले और एक दूसरे को गुझिया और दूसरे पकवान खिलाकर होली की शुभकामनाएं दी। होली पर शुभकामनाएं देने का सिलसिला सोशल मीडिया और एसएमएस के जरिए देर रात तक जारी रहा।
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दोपहर तक सड़कों और गलियों में होलियारों ने खुब मचाया धमाल
रंगों का त्योहार होली पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह करीब साढ़े तीन बजे होलिका दहन के बाद लोगों ने होली की पूजा और परिक्रमा की। सुबह होते ही होलियारों की टोलियां सड़कों पर निकल पड़ीं। ढोलक की थापों पर होली गीत गाते होलियारों ने सड़कों पर खूब हुड़दंग किया। शहर में हर ओर रंग-गुलाल से सभी सराबोर दिखे। पूरा शहर होली की मस्ती में था। रंग खेलने के बाद लोग एक दूसरे के गले मिले और शुभकामनाएं दीं।
होलिका दहन के बाद लोग होली की आग घरों में लाए और घरों में महिलाओं ने श्रद्धा के साथ होली की पूजा की। यहां होली पूरी मस्ती से मनाई गई। बच्चे तो सुबह से ही रंग गुलाल और पिचकारियां लेकर छतों पर चढ़ गए। रास्ते से गुजरने वाले हर व्यक्ति पर रंगों की बौछार कर खुश हुए। बच्चों ने एक दूसरे को रंग से सराबोर कर दिया। रंग खेलने में बड़े भी पीछे नहीं रहे।
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लोगों ने एक दूसरे के घरों में जाकर होली खेली और पकवानों का आनंद लिया। अलग-अलग मोहल्लों में युवाओं की टोलियां गाते बजाते रंग खेलने निकलीं। लोग रंग और गुलाल से इतना सराबोर थे कि एक दूसरे को पहचानने तक में दिक्कत हो रही थी। सड़कों पर होली गीतों के अलावा कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था और रंगों के अलावा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
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बुधवार को भी दोपहर तक सड़कों किनारे रंग, गुलाल और पिचकारियों की दुकानें सजी रहीं। इसके साथ ही पान की दुकानों के अलावा एक दुकान नहीं खुली। सड़कों पर ऑटो रिक्शा और साइकिल रिक्शा तक गायब थे। दोपहर तक या तो लोगों को पैदल निकलना पड़ा या फिर अपनी बाइक का सहारा लेना पड़ा। बस स्टेशनों पर बसों की संख्या न के बराबर रही। इससे लोगों को दिक्कत उठानी पड़ीं। ट्रेनों पर यात्रियों की संख्या काफी कम रही।
दोपहर बाद रंग थमा तो लोग रंग बिरंगे कपड़ों में होली मिलने निकल पड़े। लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर आपस में गले मिले और एक दूसरे को गुझिया और दूसरे पकवान खिलाकर होली की शुभकामनाएं दी। होली पर शुभकामनाएं देने का सिलसिला सोशल मीडिया और एसएमएस के जरिए देर रात तक जारी रहा।