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किरन के परिवारीजनों को ढाढ़स बंधाया 

Wed, 20 Apr 2016 10:53 PM IST
ब्यूरो बांकेगंज।
ब्यूरो बांकेगंज। Updated Wed, 20 Apr 2016 10:53 PM IST
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Kiran 's far from being spartan comfort the Priwarijnon
डीएफओ पहुंचे ढाका गांव - फोटो : अमर उजाला

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बाघ के हमले में युवती की मौत का मामला
डीएफओ पहुंचे ढाका गांव, घटनास्थल का मुआयना किया

 डीएफओ साउथ नीरज कुमार दलबल समेत ढाका गांव पहुंचे। यहां उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया। साथ ही मृतक युवती के परिवारीजनों से मुलाकात उन्हें ढाढ़स बंधाते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। यहां बता दें कि 15 अप्रैल को गांव किनारे गेहूं की कटाई कर रही किरन नामक युवती पर बाघ ने हमला कर दिया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
बुधवार दोपहर डीएफओ साउथ दलबल समेत ढाका गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया। डीएफओ ने वहां मौजूद ग्रामीणों को बाघ के हमलों से बचाव की जानकारी देते हुए पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाया। इस दौरान डब्लूडब्लूएफ के परियोजना अधिकारी डॉ मुदित गुप्ता, दबीर हसन और जंतु वैज्ञानिक शारिक शफी ने ग्रामीणों को बाघ और अन्य वनय जीवों की आदतों की गूढ़ जानकारी दी। साथ ही गांव कि निकट बाघ की मौजूदगी और बाघ, बाघिन, तेंदुआ आदि के पदचिह्नों की पहचान बताई। इस मौके पर ग्राम प्रधान रामकिशुन, मोहम्मद जाबिर, राजकिशोर, साधू सिंह, हैप्पी, रेंजर मैलानी डीएस यादव, फारेस्टर ब्रजेश कुमार, वन रक्षक सुखपाल सिंह, बबलू, राम नरेश वर्मा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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डीएफओ के जाते ही बाघ ने मौजूदगी का अहसास कराया
डीएफओ के गांव से जाते ही दोपहर दो बजे के लगभग बरौछा नाले में मौजूद बाघ ने नीलगाय पर हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया। बरौंछा नाले में चर रहे पशुओं के रंभाने और बाघ की दहाड़ के बाद ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है।
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चाचापुर में खेतों तक फिर पहुंचा बाघ, लोगों में डर
एक युवती कर चुका है जख्मी

चाचापुर में एक युवती को हमला कर जख्मी करने के बाद बाघ एक बार फिर खेतों तक पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
नौ अप्रैल को ग्राम पंचायत सुआबोझ के गांव चाचापुर निवासी गिरजा की 20 वर्षीय पुत्री सुखिया पर बाघ ने उस समय हमला कर जख्मी कर दिया था, जब वह परिवारवालों के साथ जंगल से सटे खेत में गेहूं की कटाई कर रही थी। सुखिया के पिता गिरजा ने बताया कि मंगलवार को भी बाघ उनके घर के पास स्थित खेत में शाम को पहुंच गया। उस समय खेत में गेहूं की थ्रेशर से गहाई हो रही थी। जहां गहाई हो रही थी उससे कुछ दूरी पर ही बाघ ने सुखिया पर हमला बोला था। बाघ को देखकर गहाई कर रहे राम हरक, राम लखन, हरचैन, जीखू आदि के शोर मचाने पर बाघ वापस जंगल में चला गया। बाघ की आमद से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

जंगल से कुछ दूर है चाचापुर गांव
मैलानी। चाचापुर गांव मैलानी रेंज के जंगल से कुछ दूरी पर ही है तथा अधिकतर खेत जंगल से सटे हुए हैं या जंगल से कुछ ही दूरी पर हैं। लिहाजा बाघ की चहलकदमी से ग्रामीण अब अपने खेतों में काम करने से घबरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास खेतों तक पहुंच जाने वाले बाघ की वन विभाग को निगरानी करने की जरूरत है।


सुखिया को नहीं मिली इमदाद
मैलानी में बाघ के हमले से घायल युवती सुखिया को अब तक वन विभाग से कोई इमदाद नहीं मिली है। सुखिया के पिता गिरजा ने बताया कि वनकर्मी इमदाद देने के बजाय उल्टे उन्हें ही फंसाने की धमकी देते हुए कह रहे हैं कि ग्रामीणों ने जंगल में आग लगा दी है।
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