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Lakhimpur Kheri News: जुए में 25 हजार हारने के बाद रचा अपहरण का नाटक
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फरधान। ऑनलाइन जुए में 25 हजार रुपये हारने के बाद गांव रसूलपुर निवासी युवक ने खुद के अपहरण का नाटक रच डाला। युवक दुकान से लखनऊ भाग गया और परिजनों को खुद का अपहरण हो जाने की जानकारी दी। गुमशुदगी लिखने के बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर लोकेशन ट्रेस कर युवक को लखनऊ से बरामद कर लिया है।
थाना क्षेत्र के कस्बा नकहा चौराहे पर रसूलपुर निवासी एक व्यक्ति की परचून की दुकान है। उनका 23 साल का बेटा शुक्रवार की देर शाम दुकान पर बैठा हुआ था। अचानक उठकर उसने पड़ोसी दुकानदार को अभी आने की बात कही और चला गया। इसके बाद वह दुकान पर नहीं आया। परिजन किसी अनहोनी के डर से उसकी खोज करने लगे। रात नौ बजे परिजनों ने थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज करा दी।
गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस और परिजन खोजने में लगे थे। रात करीब 11 बजे उसने ने अपने पिता को फोन कर बताया कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है। उसे लखनऊ के एक कमरे में बंद किए हुए हैं। जानकारी होने पर पुलिस और परिजन लखनऊ पहुंच गए। इसी बीच उसने कई बार फोन बंद भी कर लिया। इससे उसकी लोकेशन मिलने में पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफी खोजबीन के बाद वह लखनऊ में छोटे इमामबाड़ा के पास बैठा मिला। उसकी जेब से चार हजार रुपये भी मिले। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि अपने दुकान पर बैठे-बैठे उसने पंद्रह हजार रुपये की ऑनलाइन खरीदारी की। बाद में 25 हजार रुपये का ऑनलाइन जुआ खेला, जो हार गया। परिजनों की डांट के डर से दुकान छोड़कर लखनऊ भाग आया। परिजनों को गुमराह करने के लिए अपहरण होने का नाटक किया। प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि जुए में रुपये हारने के डर से लखनऊ चला गया था। अपहरण होने का नाटक बनाया था। उसे परिजनों को सौंप दिया गया है।
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थाना क्षेत्र के कस्बा नकहा चौराहे पर रसूलपुर निवासी एक व्यक्ति की परचून की दुकान है। उनका 23 साल का बेटा शुक्रवार की देर शाम दुकान पर बैठा हुआ था। अचानक उठकर उसने पड़ोसी दुकानदार को अभी आने की बात कही और चला गया। इसके बाद वह दुकान पर नहीं आया। परिजन किसी अनहोनी के डर से उसकी खोज करने लगे। रात नौ बजे परिजनों ने थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज करा दी।
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गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस और परिजन खोजने में लगे थे। रात करीब 11 बजे उसने ने अपने पिता को फोन कर बताया कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है। उसे लखनऊ के एक कमरे में बंद किए हुए हैं। जानकारी होने पर पुलिस और परिजन लखनऊ पहुंच गए। इसी बीच उसने कई बार फोन बंद भी कर लिया। इससे उसकी लोकेशन मिलने में पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफी खोजबीन के बाद वह लखनऊ में छोटे इमामबाड़ा के पास बैठा मिला। उसकी जेब से चार हजार रुपये भी मिले। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि अपने दुकान पर बैठे-बैठे उसने पंद्रह हजार रुपये की ऑनलाइन खरीदारी की। बाद में 25 हजार रुपये का ऑनलाइन जुआ खेला, जो हार गया। परिजनों की डांट के डर से दुकान छोड़कर लखनऊ भाग आया। परिजनों को गुमराह करने के लिए अपहरण होने का नाटक किया। प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि जुए में रुपये हारने के डर से लखनऊ चला गया था। अपहरण होने का नाटक बनाया था। उसे परिजनों को सौंप दिया गया है।
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