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आठों सीटों पर भाजपा को जिताने वाले खीरी को मंत्रिमंडल में नहीं मिली जगह

Sat, 26 Mar 2022 01:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2022 01:28 AM IST
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Kheri, who won the BJP in eight seats, did not get a place in the cabinet
neta - फोटो : amar ujala
आजादी के बाद से अब जिले के आठ विधायक प्रदेश सरकार में रह चुके हैं मंत्री
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भाजपा सरकार बनने की खुशी तो मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से लोग हुए मायूस
लखीमपुर खीरी। लगातार दूसरी बार आठों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों को जिताकर विधायक बनाने वाले खीरी जिले को प्रदेश सरकार में नुमाइंदगी नहीं मिल पाई है। जिले की आठों सीटें जीतने पर यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि इस बार जिले के कम से कम एक विधायक को मंत्रिमंडल में जरूर जगह मिलेगी, लेकिन मंत्रिमंडल गठन के बाद सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया। धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी को छोड़कर बाकी सभी विधायक दूसरी बार विधायक बने हैं। इनमें कई विधायक युवा और ऊर्जा से भरपूर हैं तो कई अनुभवी भी हैं।
चुनाव परिणाम आने के बाद से ही युवा होने के नाते निघासन विधायक शशांक वर्मा, गोला विधायक अरविंद गिरि और पलिया विधायक रोमी साहनी के मंत्री बनने के कयास लगाए जा रहे थे। मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह पुराने भाजपाई हैं। उनका परिवार संघ से जुड़ा रहा है। वह भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रहे। इस नाते संभावित मंत्रियों में उनका नाम भी काफी चर्चा में था। मंत्रिमंडल का गठन हुआ तो जिले का पत्ता पूरी तरह साफ हो गया।
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आजादी के बाद से अब तक प्रदेश मंत्रिमंडल में जिले के सात विधायक मंत्री रह चुके हैं। सबसे पहले 1969 में श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनकर विधायक बने कांग्रेस के बंशीधर मिश्र चंद्रभानु गुप्त मंत्रिमंडल में मंत्री बने। इसके बाद लखीमपुर सदर सीट से चुनाव जीतकर कांग्रेस के जफर अली नकवी वीपी सिंह मंत्रिमंडल में वन राज्यमंत्री फिर गृह राज्यमंत्री बने। 1985 में वह लखनऊ चौक से चुनाव जीतकर विधायक बने और नरायनदत्त तिवारी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री बने। 1985 में पैला क्षेत्र से विधायक चुने गए छेदालाल चौधरी कुछ समय तक कैबिनेट मंत्री रहे।
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भाजपा सरकार में जिले से सिर्फ एक विधायक को मंत्री बनने का मिला मौका
वर्ष 1991 में कल्याण सिंह के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार में हैदराबाद विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक रामकुमार वर्मा कैबिनेट मंत्री बने। 1997 में जब फिर कल्याण सिंह के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी तो रामकुमार वर्मा लोकनिर्माण विभाग में कैबिनेट मंत्री बनाए गए। 1996 में रामकुमार वर्मा निघासन विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इस तरह भाजपा सरकार में अभी तक सिर्फ एक ही विधायक को मंत्री बनने का मौका मिला है। पिछली बार भी जिले के किसी विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिल सका था। 1996 में लोकतांत्रिक कांग्रेस से चुनाव जीतकर विधायक बने धौरहरा के राजा सरस्वती प्रताप सिंह को भाजपा सरकार में होमगार्ड और स्टांप विभाग में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। मंत्री रहते ही उनका निधन हो गया था।

बसपा ने एक और सपा ने बनाए थे दो मंत्री
2002 में मायावती की बसपा सरकार बनने पर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनी गईं माया प्रसाद को कैबिनेट मंत्री बनाया गया, जबकि वर्ष 2002 में मुलायम सिंह के नेतृत्व में जब सपा सरकार बनी तो जिले के मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक बंशीधर राज को परिवहन राज्यमंत्री बनाया गया था। वहीं धौरहरा विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक यशपाल चौधरी को लघु सिंचाई मंत्री बनाया गया था, लेकिन मंत्रिमंडल का आकार बड़ा हो जाने के कारण इन दोनों को कुछ महीनों बाद ही हटाकर आयोगों का अध्यक्ष बना दिया गया था।
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