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खीरीः खेत की पैमाइश में चक हटने से क्षुब्ध किसान ने लगाई फांसी
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किसान राजेंद्र प्रसाद वर्मा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
जेब में निकला सुसाइड नोट, पुत्र ने लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ थाने में दी तहरीर
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रोशननगर (लखीमपुर खीरी)। हैदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बाबरपुर में चकबंदी अधिकारियों द्वारा खेत के चक की पैमाइश झाबर में कर दिए जाने से क्षुब्ध किसान ने मंगलवार की सुबह घर के समीप बाग में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की जेब से सुसाइड नोट भी मिला है। मृतक के पुत्र ने लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
बाबरपुर निवासी मृतक राजेंद्र प्रसाद वर्मा (50) के पुत्र विकास पटेल ने थाना हैदराबाद में दी तहरीर में कहा है कि उसके पिता से खेत की पैमाइश के लिए चकबंदी लेखपाल विजय प्रकाश मिश्रा, राजस्व निरीक्षक विजय श्रीवास्तव ने 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। रिश्वत देने से असमर्थता जाहिर करने पर लेखपाल और कानूनगो ने नाराज होकर 24 मई को पैमाइश कर खेत को गांव के किनारे से हटाकर दक्षिण झाबर में निकाल दिया।
इससे राजेंद्र प्रसाद को मानसिक आघात एवं सदमा लगा, जिसके बाद उन्होंने 25 मई की सुबह चार बजे बाग में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके पास निकले सुसाइड नोट में लिखा है कि पुलिस द्वारा उनके परिवार को परेशान न किया जाए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मृतक के पुत्र द्वारा लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जाने से राजस्व कर्मचारियों में खलबली मची है।
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बाबरपुर निवासी मृतक राजेंद्र प्रसाद वर्मा (50) के पुत्र विकास पटेल ने थाना हैदराबाद में दी तहरीर में कहा है कि उसके पिता से खेत की पैमाइश के लिए चकबंदी लेखपाल विजय प्रकाश मिश्रा, राजस्व निरीक्षक विजय श्रीवास्तव ने 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। रिश्वत देने से असमर्थता जाहिर करने पर लेखपाल और कानूनगो ने नाराज होकर 24 मई को पैमाइश कर खेत को गांव के किनारे से हटाकर दक्षिण झाबर में निकाल दिया।
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इससे राजेंद्र प्रसाद को मानसिक आघात एवं सदमा लगा, जिसके बाद उन्होंने 25 मई की सुबह चार बजे बाग में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके पास निकले सुसाइड नोट में लिखा है कि पुलिस द्वारा उनके परिवार को परेशान न किया जाए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मृतक के पुत्र द्वारा लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जाने से राजस्व कर्मचारियों में खलबली मची है।
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पारिवारिक कलह के चलते किसान ने आत्महत्या की है। सुसाइड नोट में लेखपाल, कानूनगो का नाम नहीं है। अभी किसान के खेत की पैमाइश नहीं हुई थी, कुछ दिनों बाद पैमाइश होनी थी। गोला के चकबंदी अधिकारी संजय अवस्थी को मामले की जांच सौंपी गई हैं, जिसके पूरे होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। - ओमप्रकाश अंजोर, चकबंदी अधिकारी बंदोबस्त