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Lakhimpur Kheri News: खेलो इंडिया मगर कैसे... एक भी खेल मैदान नहीं
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लोकेंद्र प्रताप सिंह
मोहम्मदी। खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए भारत सरकार खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रम चला रही है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते मोहम्मदी के खिलाड़ी खेल मैदान के अभाव के चलते प्रैक्टिस ही नहीं कर पा रहे हैं। साढ़े तीन लाख की आबादी वाला मोहम्मदी कस्बा खेलों के संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। इस वजह से यहां के खिलाड़ी चमक नहीं पा रहे हैं।
मोहम्मदी क्षेत्र कभी पहलवानी के लिए मशहूर था। दूर-दूर तक मोहम्मदी का नाम था, लेकिन संसाधनों के अभाव में यह नाम गुम हो गया। खेलकूद के प्रति हमेशा उत्साहित रहने वाले युवाओं में संसाधन के अभाव में मायूसी देखने को मिल रही है। शिक्षा के लिए युवाओं के लिए इंटर कॉलेज-डिग्री कॉलेज हैं, लेकिन वहां भी खेल के मैदान नहीं हैं। जन प्रतिनिधियों की उदासीनता युवाओं का भविष्य खराब रही है। हालांकि संसाधन न होने के बावजूद बैडमिंटन खिलाड़ी हरिशंकर शुक्ला अपनी टीम के साथ कई स्तर पर खेल चुके हैं। वालीबॉल खिलाड़ी शमीम खां, अनवर सिद्दीकी, सुशील दीक्षित प्रदेश स्तर तक नाम कमा चुके हैं। केहुआ निवासी रवि सिंह कबड्डी में शानदार प्रदर्शन करने पर प्रदेश स्तर पर खेल चुके हैं। संवाद
फोटो: 6
वह कबड्डी के खिलाड़ी रहे हैं। करीब 10 साल पहले कबड्डी खेल में मंडल टीम में चयन हुआ था और लखनऊ खेलने गए थे। हमारी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। संसाधन न मिलने से खेल क्षेत्र में आग नहीं बढ़ सका। खेल मैदान हो तो काफी प्रतिभाएं निकलेंगी।
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-रवि सिंह, कबड्डी खिलाड़ी
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स्टेडियम की व्यवस्था हो जाए और खिलाड़ियों के लिए सरकार ध्यान दें तो अच्छे खिलाड़ी निकल कर अपना नाम रोशन कर सकते हैं। लेकिन कोई भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं देता है। संसाधनों के अभाव में खेल प्रतिभाएं गुम होती जा रही है।
-दीपेंद्र सिंह, निवासी केहुआ
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मोहम्मदी क्षेत्र में खेल मैदान बन जाए तो काफी अच्छे खिलाड़ी निखर सकते हैं। क्षेत्र में खिलाड़ी तो बहुत हैं, लेकिन खेलने के संसाधन न होने पर प्रतिभाएं नहीं निखर पा रहीं हैं।
-फरहान मलिक, पूर्वी लखपेड़ा
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स्टेडियम के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। स्टेडियम बनाए जाने का मुद्दा हमारे संज्ञान में है, काफी प्रयास भी किए गए हैं। जल्द ही इस पर काम होगा।
-लोकेंद्र प्रताप सिंह, विधायक मोहम्मदी
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मोहम्मदी क्षेत्र कभी पहलवानी के लिए मशहूर था। दूर-दूर तक मोहम्मदी का नाम था, लेकिन संसाधनों के अभाव में यह नाम गुम हो गया। खेलकूद के प्रति हमेशा उत्साहित रहने वाले युवाओं में संसाधन के अभाव में मायूसी देखने को मिल रही है। शिक्षा के लिए युवाओं के लिए इंटर कॉलेज-डिग्री कॉलेज हैं, लेकिन वहां भी खेल के मैदान नहीं हैं। जन प्रतिनिधियों की उदासीनता युवाओं का भविष्य खराब रही है। हालांकि संसाधन न होने के बावजूद बैडमिंटन खिलाड़ी हरिशंकर शुक्ला अपनी टीम के साथ कई स्तर पर खेल चुके हैं। वालीबॉल खिलाड़ी शमीम खां, अनवर सिद्दीकी, सुशील दीक्षित प्रदेश स्तर तक नाम कमा चुके हैं। केहुआ निवासी रवि सिंह कबड्डी में शानदार प्रदर्शन करने पर प्रदेश स्तर पर खेल चुके हैं। संवाद
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वह कबड्डी के खिलाड़ी रहे हैं। करीब 10 साल पहले कबड्डी खेल में मंडल टीम में चयन हुआ था और लखनऊ खेलने गए थे। हमारी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। संसाधन न मिलने से खेल क्षेत्र में आग नहीं बढ़ सका। खेल मैदान हो तो काफी प्रतिभाएं निकलेंगी।
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-रवि सिंह, कबड्डी खिलाड़ी
स्टेडियम की व्यवस्था हो जाए और खिलाड़ियों के लिए सरकार ध्यान दें तो अच्छे खिलाड़ी निकल कर अपना नाम रोशन कर सकते हैं। लेकिन कोई भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं देता है। संसाधनों के अभाव में खेल प्रतिभाएं गुम होती जा रही है।
-दीपेंद्र सिंह, निवासी केहुआ
मोहम्मदी क्षेत्र में खेल मैदान बन जाए तो काफी अच्छे खिलाड़ी निखर सकते हैं। क्षेत्र में खिलाड़ी तो बहुत हैं, लेकिन खेलने के संसाधन न होने पर प्रतिभाएं नहीं निखर पा रहीं हैं।
-फरहान मलिक, पूर्वी लखपेड़ा
स्टेडियम के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। स्टेडियम बनाए जाने का मुद्दा हमारे संज्ञान में है, काफी प्रयास भी किए गए हैं। जल्द ही इस पर काम होगा।
-लोकेंद्र प्रताप सिंह, विधायक मोहम्मदी

लोकेंद्र प्रताप सिंह

लोकेंद्र प्रताप सिंह

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