{"_id":"6186c0acce2d8a681b4bdcdf","slug":"kayasthas-worshiped-chitragupta-and-pen-medicine-lakhimpur-news-bly4652016177","type":"story","status":"publish","title_hn":"कायस्थों ने की चित्रगुप्त और कलम-दवात की पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कायस्थों ने की चित्रगुप्त और कलम-दवात की पूजा
विज्ञापन
पूजन करते कायस्थ समाज के लोग।
बांकेगंज। कायस्थ समाज ने कुलजनक भगवान चित्रगुप्त की श्राद्धपूर्वक विधि-विधान से पूजा अर्चना की।
पौराणिक मान्यता के अनुसार चित्रगुप्त का प्राक्ट्य यम द्वितीया के दिन ब्रह्मा जी के शरीर से हुआ था। ब्रह्मा जी की काया से उत्पन्न होने के कारण उन्हें कायस्थ कहा गया। ब्रह्मा जी ने उन्हें चित्रगुप्त का नाम देकर मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखने के लिए यमराज के दरबार में नियुक्त किया। कायस्थ समाज इस दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ करते हैं।
बांकेगंज कस्बा में शनिवार को कायस्थ समाज के लोगों ने श्रद्धा के साथ चित्रगुप्त की पूजा की। कायस्थ कुल की उन्नति और समृद्धि की कामना की। कलम-दवात का पूजन कर जीविका के स्थायी बने रहने की कामना की। आरती के बाद प्रसाद बांटा गया। अरुण कुमार सक्सेना, पुनीत सक्सेना, शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सुशीला देवी आदि मौजूद रहीं। संवाद
विज्ञापन
पौराणिक मान्यता के अनुसार चित्रगुप्त का प्राक्ट्य यम द्वितीया के दिन ब्रह्मा जी के शरीर से हुआ था। ब्रह्मा जी की काया से उत्पन्न होने के कारण उन्हें कायस्थ कहा गया। ब्रह्मा जी ने उन्हें चित्रगुप्त का नाम देकर मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखने के लिए यमराज के दरबार में नियुक्त किया। कायस्थ समाज इस दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ करते हैं।
बांकेगंज कस्बा में शनिवार को कायस्थ समाज के लोगों ने श्रद्धा के साथ चित्रगुप्त की पूजा की। कायस्थ कुल की उन्नति और समृद्धि की कामना की। कलम-दवात का पूजन कर जीविका के स्थायी बने रहने की कामना की। आरती के बाद प्रसाद बांटा गया। अरुण कुमार सक्सेना, पुनीत सक्सेना, शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सुशीला देवी आदि मौजूद रहीं। संवाद
विज्ञापन