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Lakhimpur Kheri News: काली माता का मंदिर शारदा नदी में समाया, शिव मंदिर पर खतरा
Tue, 06 Oct 2026 12:34 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:34 AM IST
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रुरासुल्तानपुर में शारदानदी में समाता मंदिर। स्रोत: ग्रामीण
बिजुआ। रूरा सुल्तानपुर गांव में शारदा नदी की कटान लगातार जारी है। सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे काली माता का मंदिर नदी में समा गया। अब पास के प्राचीन शिव मंदिर पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीणों के अनुसार, अब तक चार मंदिर, 13 घर, दर्जनों पेड़ और कई एकड़ फसल नदी में समा चुकी है। प्राचीन वीर बाबा स्थान पर कभी कई मंदिर थे, जो एक-एक कर नदी में समा गए। अब केवल प्राचीन शिव मंदिर बचा है। यह नदी के मुहाने पर पहुंच चुका है। ग्रामीणों को आशंका है कि कटान नहीं रुका तो यह मंदिर भी नदी में समा सकता है।
कटान के चलते कई परिवारों ने समय रहते मकान तोड़कर ईंट और सामान निकाल लिया। कुछ परिवारों का घरेलू सामान नदी में बह गया। पीपल, गूलर, आम और शीशम के बड़े पेड़ भी जड़ समेत बह गए। गन्ने और धान की फसल नष्ट होने से किसानों को नुकसान हुआ है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कटान की सूचना कई बार बाढ़ खंड और तहसील प्रशासन को दी गई, लेकिन स्थायी कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया। अधिकारियों ने डूब क्षेत्र बताते हुए कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों ने गांव को बचाने की गुहार लगाई।
सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता करण पाल ने बताया कि रूरा सुल्तानपुर डूब क्षेत्र घोषित है। डूब क्षेत्र के लोगों को काफी समय पहले क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया जा चुका है।
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ग्रामीणों के अनुसार, अब तक चार मंदिर, 13 घर, दर्जनों पेड़ और कई एकड़ फसल नदी में समा चुकी है। प्राचीन वीर बाबा स्थान पर कभी कई मंदिर थे, जो एक-एक कर नदी में समा गए। अब केवल प्राचीन शिव मंदिर बचा है। यह नदी के मुहाने पर पहुंच चुका है। ग्रामीणों को आशंका है कि कटान नहीं रुका तो यह मंदिर भी नदी में समा सकता है।
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कटान के चलते कई परिवारों ने समय रहते मकान तोड़कर ईंट और सामान निकाल लिया। कुछ परिवारों का घरेलू सामान नदी में बह गया। पीपल, गूलर, आम और शीशम के बड़े पेड़ भी जड़ समेत बह गए। गन्ने और धान की फसल नष्ट होने से किसानों को नुकसान हुआ है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कटान की सूचना कई बार बाढ़ खंड और तहसील प्रशासन को दी गई, लेकिन स्थायी कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया। अधिकारियों ने डूब क्षेत्र बताते हुए कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों ने गांव को बचाने की गुहार लगाई।
सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता करण पाल ने बताया कि रूरा सुल्तानपुर डूब क्षेत्र घोषित है। डूब क्षेत्र के लोगों को काफी समय पहले क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया जा चुका है।