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कई बार यहां आए
लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 25 Dec 2014 12:33 AM IST
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लखीमपुर खीरी से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पुराना नाता रहा है। गोला में उनकी भांजी की ससुराल है। यही वजह रही कि वह लखीमपुर और गोला में तमाम बार आए। उनको भारत रत्न घोषित किए जाने से गोला गोकर्णनाथ समेत पूरे जिले में खुशी की लहर है।
पूर्व प्रधानमंत्री की भांजी मंजुला मिश्रा का विवाह गोला के गांव जड़ौरा निवासी प्रमोद कुमार मिश्र के साथ वर्ष 1969 में हुआ। मंजुला का निधन फरवरी 2011 में हो चुका है। प्रमोद बताते हैं कि फरवरी 2012 में वह अटलजी से मिले। उधर गोला के प्रमुख समाजसेवी वरुण अग्रवाल कहते हैं कि उनके पिता भारत भूषण अग्रवाल के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के काफी नजदीक थे। दोनाें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में साथ रहे। कभी राजनीतिक कारणों से तो कभी व्यक्तिगत कारणों से उनका अक्सर गोला आना होता था। जब वह गोला आते तो उनके यहां ही रुकते। वह इतना सरल स्वभाव के थे कि अपनी विशिष्टता जाहिर नहीं होने देते। घर आते ही कहते थे मेरे लिए कुछ अलग से न बनवाना जो खाना घर में बन रहा हो वही खाऊंगा। वरुण अग्रवाल बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी बेहद खुशमिजाज हैं। घर-परिवार में ऐसे घुलमिल जाते हैं कि लगता ही नहीं था कि वह कोई खास व्यक्ति हैं। उनको भारत रत्न घोषित किए जाने पर उन्हें बेहद खुशी है।
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पूर्व प्रधानमंत्री की भांजी मंजुला मिश्रा का विवाह गोला के गांव जड़ौरा निवासी प्रमोद कुमार मिश्र के साथ वर्ष 1969 में हुआ। मंजुला का निधन फरवरी 2011 में हो चुका है। प्रमोद बताते हैं कि फरवरी 2012 में वह अटलजी से मिले। उधर गोला के प्रमुख समाजसेवी वरुण अग्रवाल कहते हैं कि उनके पिता भारत भूषण अग्रवाल के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के काफी नजदीक थे। दोनाें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में साथ रहे। कभी राजनीतिक कारणों से तो कभी व्यक्तिगत कारणों से उनका अक्सर गोला आना होता था। जब वह गोला आते तो उनके यहां ही रुकते। वह इतना सरल स्वभाव के थे कि अपनी विशिष्टता जाहिर नहीं होने देते। घर आते ही कहते थे मेरे लिए कुछ अलग से न बनवाना जो खाना घर में बन रहा हो वही खाऊंगा। वरुण अग्रवाल बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी बेहद खुशमिजाज हैं। घर-परिवार में ऐसे घुलमिल जाते हैं कि लगता ही नहीं था कि वह कोई खास व्यक्ति हैं। उनको भारत रत्न घोषित किए जाने पर उन्हें बेहद खुशी है।
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