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मंत्री के तेवर देख बोले डीएम..अवैध खनन पर आज से पूरी तरह पाबंदी
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लखीमपुर खीरी। जिला योजना समिति की बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए विभागों ने कुल पांच अरब 91 करोड़ 82 लाख रुपये परिव्यय के प्रस्ताव दिए हैं, जिनका प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया ने अनुमोदन करते हुए पास कर दिया। पिछले वर्ष 2019-20 में पांच अरब 35 करोड़ 60 लाख परिव्यय निर्धारित था, जिसके सापेक्ष इस वर्ष के प्रस्ताव में 56 करोड़ 22 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है। बैठक में अवैध खनन का मुद्दा उठाए जाने पर प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया ने अवैध खनन पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के निर्देश दिए, जिस पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने रविवार से अवैध खनन पर पूर्णत: रोक लगाने का आश्वासन दिया। कुछ अधिकारियों की विधायकों से शिकायतें मिलने पर उन्होंने अगली बार कार्रवाई करने की चेतावनी दी। साथ ही प्रभारी मंत्री ने नसीहत भरे अंदाज में कहा कि अधिकारी अधिकारवाद से मुक्त रहें, अपने कर्तव्यों के प्रति सजग हो जाएं। हम और अधिकारी जनता के सेवक हैं और जनता हमारी मालिक है, इस भाव के साथ अधिकारी जनता के काम करें। प्रभारी मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि जनता/गरीब को किसी अधिकारी ने सताया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
कलक्ट्रेट सभागार में प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीडीओ अरविंद सिंह ने पिछले वर्ष निर्धारित परिव्यय और उसके सापेक्ष मिले बजट एवं व्यय के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में लक्ष्य 535.60 करोड़ के सापेक्ष 404.36 करोड़ रुपये विभागों को मिले, जो कुल अनुमोदित परिव्यय का 75.55 प्रतिशत है। इसके सापेक्ष 93 प्रतिशत धनराशि व्यय हो चुकी है और शेष धनराशि भी मार्च तक व्यय कर ली जाएगी। इसके बाद डीएसटीओ राजेश कुमार सिंह ने कमान संभालते हुए विभागवार मिले प्रस्तावों के बारे में जानकारी दी। कृषि विभाग ने तिलहन की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 24 लाख का प्रस्ताव दिया है। वन के लिए 361.91 लाख, रोजगार के लिए 19054.25 लाख, संपर्क मार्गों के लिए 17769.66 लाख, पंचायत राज के जिउ 87.30 लाख, शिक्षा के लिए 1463.46 लाख, चिकित्सा के लिए 1096 लाख, छात्रवृत्तियों के लिए 228.63 लाख, पेंशन के लिए 490 लाख, पेयजल के लिए 138.85 लाख रुपये परिव्यय की व्यवस्था जिला योजना में की गई है। पशुपालन विभाग की चर्चा के दौरान प्रभारी मंत्री ने जर्सी गाय को इग्रोर करने के निर्देश सीवीओ दिए। साथ ही उन्होंने देशी भारतीय नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए कहा। नलकूप विभाग की चर्चा में सदर विधायक योगेश वर्मा ने गांवों में खराब नलकूप को सही न कराने की शिकायत करते हुए अधिकारियों पर काम न करने का आरोप लगाया, जिस पर प्रभारी मंत्री उखड़ गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी काम कैसे नहीं करेगा। आपने घोड़े की लगाम सही से नहीं पकड़ी। भूमाफिया पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश प्रभारी मंत्री ने दिए। बैठक में खीरी सांसद अजय मिश्रा, धौरहरा सांसद रेखा वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन नरेंद्र सिंह, विधायक अरविंद गिरि, मंजू त्यागी, बाला प्रसाद अवस्थी, शशांक वर्मा समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
यूपी के बाहर क्यों नहीं जा रहा ‘पराग’
प्रभारी मंत्री ने दुग्ध उत्पादन की समीक्षा के दौरान कहा कि छोटे से राज्य गुजरात का अमूल दूध-घी देश के हर राज्य में बिक रहा है, लेकिन बड़े राज्य यूपी का पराग दूध घी यूपी से बाहर नहीं जा पा रहा। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया ऐसा क्यों है। प्रभारी मंत्री के सवालों पर बैठक में सन्नाटा छा गया, संबंधित अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके तो सीडीओ अरविंद सिंह ने मोर्चा संभालते हुए प्रभारी मंत्री को बताया कि निघासन क्षेत्र में बंद पड़ी दुग्ध समितियों का संचालन 11 महिला स्वयं सहायता समूहों से कराया जा रहा है। अन्य ब्लॉकों में भी दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही है।
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क्या जनता को दुखी करने के लिए हैं वन अधिकारी..
वन विभाग की समीक्षा में डीएफओ समीर वर्मा ने व्यय के आंकड़ों को बताने में दूरी की, तो प्रभारी मंत्री ने उन्हें आड़े हाथ लिया और कहा कि 20-25 दिन में दो करोड़ रुपये कैसे खर्च करोगे। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा शिकायतें वन विभाग की मिलती हैं। क्या जनता को दुखी करने के लिए वन अधिकारी यहां पर हैं।
अवैध खनन को लेकर छलका विधायक का दर्द
जिला योजना की बैठक में फल-फूल रहे अवैध खनन का मुद्दा उठा, तो सदर विधायक योगेश वर्मा का दर्द छलक गया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष होली के दिन अवैध खनन की वजह से ही पैर में गोली मारी गई थी। इस पर प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री के सख्त आदेश की याद दिलाते हुए डीएम से तुरंत रोक लगाने के लिए कहा। इससे सकते में आए डीएम ने कहा कि रविवार से जनपद में कहीं भी अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। अवैध खनन में लिप्त लोगों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
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कलक्ट्रेट सभागार में प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीडीओ अरविंद सिंह ने पिछले वर्ष निर्धारित परिव्यय और उसके सापेक्ष मिले बजट एवं व्यय के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में लक्ष्य 535.60 करोड़ के सापेक्ष 404.36 करोड़ रुपये विभागों को मिले, जो कुल अनुमोदित परिव्यय का 75.55 प्रतिशत है। इसके सापेक्ष 93 प्रतिशत धनराशि व्यय हो चुकी है और शेष धनराशि भी मार्च तक व्यय कर ली जाएगी। इसके बाद डीएसटीओ राजेश कुमार सिंह ने कमान संभालते हुए विभागवार मिले प्रस्तावों के बारे में जानकारी दी। कृषि विभाग ने तिलहन की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 24 लाख का प्रस्ताव दिया है। वन के लिए 361.91 लाख, रोजगार के लिए 19054.25 लाख, संपर्क मार्गों के लिए 17769.66 लाख, पंचायत राज के जिउ 87.30 लाख, शिक्षा के लिए 1463.46 लाख, चिकित्सा के लिए 1096 लाख, छात्रवृत्तियों के लिए 228.63 लाख, पेंशन के लिए 490 लाख, पेयजल के लिए 138.85 लाख रुपये परिव्यय की व्यवस्था जिला योजना में की गई है। पशुपालन विभाग की चर्चा के दौरान प्रभारी मंत्री ने जर्सी गाय को इग्रोर करने के निर्देश सीवीओ दिए। साथ ही उन्होंने देशी भारतीय नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए कहा। नलकूप विभाग की चर्चा में सदर विधायक योगेश वर्मा ने गांवों में खराब नलकूप को सही न कराने की शिकायत करते हुए अधिकारियों पर काम न करने का आरोप लगाया, जिस पर प्रभारी मंत्री उखड़ गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी काम कैसे नहीं करेगा। आपने घोड़े की लगाम सही से नहीं पकड़ी। भूमाफिया पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश प्रभारी मंत्री ने दिए। बैठक में खीरी सांसद अजय मिश्रा, धौरहरा सांसद रेखा वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन नरेंद्र सिंह, विधायक अरविंद गिरि, मंजू त्यागी, बाला प्रसाद अवस्थी, शशांक वर्मा समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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यूपी के बाहर क्यों नहीं जा रहा ‘पराग’
प्रभारी मंत्री ने दुग्ध उत्पादन की समीक्षा के दौरान कहा कि छोटे से राज्य गुजरात का अमूल दूध-घी देश के हर राज्य में बिक रहा है, लेकिन बड़े राज्य यूपी का पराग दूध घी यूपी से बाहर नहीं जा पा रहा। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया ऐसा क्यों है। प्रभारी मंत्री के सवालों पर बैठक में सन्नाटा छा गया, संबंधित अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके तो सीडीओ अरविंद सिंह ने मोर्चा संभालते हुए प्रभारी मंत्री को बताया कि निघासन क्षेत्र में बंद पड़ी दुग्ध समितियों का संचालन 11 महिला स्वयं सहायता समूहों से कराया जा रहा है। अन्य ब्लॉकों में भी दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही है।
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क्या जनता को दुखी करने के लिए हैं वन अधिकारी..
वन विभाग की समीक्षा में डीएफओ समीर वर्मा ने व्यय के आंकड़ों को बताने में दूरी की, तो प्रभारी मंत्री ने उन्हें आड़े हाथ लिया और कहा कि 20-25 दिन में दो करोड़ रुपये कैसे खर्च करोगे। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा शिकायतें वन विभाग की मिलती हैं। क्या जनता को दुखी करने के लिए वन अधिकारी यहां पर हैं।
अवैध खनन को लेकर छलका विधायक का दर्द
जिला योजना की बैठक में फल-फूल रहे अवैध खनन का मुद्दा उठा, तो सदर विधायक योगेश वर्मा का दर्द छलक गया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष होली के दिन अवैध खनन की वजह से ही पैर में गोली मारी गई थी। इस पर प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री के सख्त आदेश की याद दिलाते हुए डीएम से तुरंत रोक लगाने के लिए कहा। इससे सकते में आए डीएम ने कहा कि रविवार से जनपद में कहीं भी अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। अवैध खनन में लिप्त लोगों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।