{"_id":"5d5d99b68ebc3e6c381ee38c","slug":"jila-pancayt-lakhimpur-news-bly373177042","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला पंचायत सदस्य के इस्तीफे से भाजपा की अंदरूनी राजनीति गरमाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला पंचायत सदस्य के इस्तीफे से भाजपा की अंदरूनी राजनीति गरमाई
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में बुधवार को भाजपा की अंदरूनी राजनीति गरमा गई। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के वक्त की टीस पाले बैठे बोर्ड के सदस्य अनूप शुक्ला ने अध्यक्ष सुमन नरेंद्र सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, बैठक के दौरान ही वह सीडीओ को अपना इस्तीफा देकर बैठक से चले गए। शुक्ला ने फिलहाल आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं, इससे ज्यादा तो काम पिछले अध्यक्ष बंशीधर राज के कार्यकाल में हो गए थे।
जिला पंचायत सभागार में बुधवार दोपहर 12.30 बजे अध्यक्ष सुमन नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक शुरू हुई। अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने पिछले वर्ष हुई बैठक का कार्यवाही पढ़कर सुनाई। इसके बाद जिला पंचायत सदस्यों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं उठानी शुरू कीं। दो-चार सदस्य ही अपनी बात रख पाए थे कि अचानक भाजपा के पंचायत सदस्य अनूप शुक्ला अपनी सीट पर खड़े हो गए। बोले- मैं अपने क्षेत्र में काम नहीं करा पा रहा हूं। महोला पुल से चऔआपुर तक इंटरलॉकिंग सड़क का प्रस्ताव दिया था, मगर उसे भी मंजूर नहीं किया गया। ऐसे में जिला पंचायत सदस्य रहने का क्या फायदा। यह कहते हुए उन्होंने इस्तीफे की घोषणा करते हुए अपनी सीट छोड़ दी। फिर बैठक में मौजूद सीडीओ रवि रंजन के पास पहुंचकर डीएम के नाम संबोधित इस्तीफा सीडीओ को देकर सदन से बाहर चले गए। इस्तीफे में भी अनूप शुक्ला ने विकास कार्य न कराने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए सदन में सन्नाटा छा गया। हालांकि बाद में बैठक की कार्यवाही जारी रखते हुए जिला पंचायत के काम काज पर चर्चा की गई।
इस्तीफा या ड्रामा
अनूप शुक्ला इससे पहले भी एक बार इस्तीफा देकर सदन को हैरत में डाल चुके हैं। तब भी उन्होंने डीएम के नाम इस्तीफा लिखा था, जो नियम विरूद्ध होने से मंजूर नहीं किया गया। नियमता इस्तीफा जिला पंचायत अध्यक्ष के नाम संबोधित होना चाहिए। तभी उसे स्वीकार किया जा सकता है। दूसरी बार बुधवार को दिया गया इस्तीफा भी डीएम के नाम संबोधित है। इसलिए इस्तीफे की अहमियत साधारण पत्र से ज्यादा कुछ नहीं है।
विज्ञापन
अध्यक्ष पद के चुनाव से चली आ रही तनातनी
2017 में योगी सरकार बनने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए थे। इससे पहले सपा के बंशीधर राज जिला पंचायत अध्यक्ष थे। उस समय भाजपा के जिला पंचायत सदस्य अनूप शुक्ला ने अध्यक्ष पद पर अपनी दावेदारी पेश की थी, लेकिन हाईकमान ने ईंट भट्ठा व्यवसाई और पूर्व ब्लाक प्रमुख डॉ. नरेंद्र सिंह की पत्नी सुमन सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष को उम्मीदवार बनाकर जितवा दिया। तभी से दोनों के बीच तनातनी चली आ रही है।
विकास कार्य संबंधी समस्या है तो वह उसे बताएं। अनूप शुक्ला ने ऐसी कोई समस्या नहीं उठाई। उन्होंने डीएम के नाम संबोधित इस्तीफा दिया है, जिसे तकनीकी तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। -सुमन नरेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष
विज्ञापन
जिला पंचायत सभागार में बुधवार दोपहर 12.30 बजे अध्यक्ष सुमन नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक शुरू हुई। अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने पिछले वर्ष हुई बैठक का कार्यवाही पढ़कर सुनाई। इसके बाद जिला पंचायत सदस्यों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं उठानी शुरू कीं। दो-चार सदस्य ही अपनी बात रख पाए थे कि अचानक भाजपा के पंचायत सदस्य अनूप शुक्ला अपनी सीट पर खड़े हो गए। बोले- मैं अपने क्षेत्र में काम नहीं करा पा रहा हूं। महोला पुल से चऔआपुर तक इंटरलॉकिंग सड़क का प्रस्ताव दिया था, मगर उसे भी मंजूर नहीं किया गया। ऐसे में जिला पंचायत सदस्य रहने का क्या फायदा। यह कहते हुए उन्होंने इस्तीफे की घोषणा करते हुए अपनी सीट छोड़ दी। फिर बैठक में मौजूद सीडीओ रवि रंजन के पास पहुंचकर डीएम के नाम संबोधित इस्तीफा सीडीओ को देकर सदन से बाहर चले गए। इस्तीफे में भी अनूप शुक्ला ने विकास कार्य न कराने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए सदन में सन्नाटा छा गया। हालांकि बाद में बैठक की कार्यवाही जारी रखते हुए जिला पंचायत के काम काज पर चर्चा की गई।
विज्ञापन
इस्तीफा या ड्रामा
अनूप शुक्ला इससे पहले भी एक बार इस्तीफा देकर सदन को हैरत में डाल चुके हैं। तब भी उन्होंने डीएम के नाम इस्तीफा लिखा था, जो नियम विरूद्ध होने से मंजूर नहीं किया गया। नियमता इस्तीफा जिला पंचायत अध्यक्ष के नाम संबोधित होना चाहिए। तभी उसे स्वीकार किया जा सकता है। दूसरी बार बुधवार को दिया गया इस्तीफा भी डीएम के नाम संबोधित है। इसलिए इस्तीफे की अहमियत साधारण पत्र से ज्यादा कुछ नहीं है।
विज्ञापन
अध्यक्ष पद के चुनाव से चली आ रही तनातनी
2017 में योगी सरकार बनने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए थे। इससे पहले सपा के बंशीधर राज जिला पंचायत अध्यक्ष थे। उस समय भाजपा के जिला पंचायत सदस्य अनूप शुक्ला ने अध्यक्ष पद पर अपनी दावेदारी पेश की थी, लेकिन हाईकमान ने ईंट भट्ठा व्यवसाई और पूर्व ब्लाक प्रमुख डॉ. नरेंद्र सिंह की पत्नी सुमन सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष को उम्मीदवार बनाकर जितवा दिया। तभी से दोनों के बीच तनातनी चली आ रही है।
विकास कार्य संबंधी समस्या है तो वह उसे बताएं। अनूप शुक्ला ने ऐसी कोई समस्या नहीं उठाई। उन्होंने डीएम के नाम संबोधित इस्तीफा दिया है, जिसे तकनीकी तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। -सुमन नरेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष