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साक्षात्कार से पहले ही कर लिया लाभार्थियों का चयन

Sat, 20 Aug 2016 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी। Updated Sat, 20 Aug 2016 10:41 PM IST
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Interviews have already selected beneficiaries
job - फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में हुई धांधली
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फर्जी डिस्पैच नंबर से बैंकों  में भेजे लोनिंग के प्रस्ताव
सीडीओ ने जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए फाइल डीएम को भेजी

उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में लाभार्थियों के चयन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी गई है। साक्षात्कार प्रक्रिया होने से पहले ही लाभार्थियों का चयन कर लिया गया, जिसके बाद आनन-फानन में जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बैंकों को लोनिंग प्रस्ताव भी भेज दिए। कागजी खानापूर्ति के लिए 17 जून 2016 को विकास भवन सभागार में जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने सीडीओ की अध्यक्षता में साक्षात्कार कराकर आठ जुलाई 2016 को सूची जारी की। उधर, इसकी भनक लगने पर सीडीओ अमित सिंह बंसल ने मामले की स्वयं जांच की, तो परत दर परत कलई खुलकर सामने आ गई। सीडीओ ने जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अनिल रामेंद्र मिश्रा को दोषी पाते हुए कार्रवाई के लिए डीएम के पास फाइल भेज दी है। 
वित्तीय वर्ष 2016-17 में मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत 33 लाभार्थियों के चयन का लक्ष्य निर्धारित हैं। मई-जून में लाभार्थियों से आवेदन पत्र मांगे गए थे, जिस पर 325 लोगों ने आवेदन किया था। लाभार्थियों का साक्षात्कार 17 जून 2016 को विकास भवन सभागार में हुआ, जिसमें 278 अभ्यर्थी शामिल हुए। इनमें 60 का चयन करते हुए 60 अन्य अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अनिल रामेंद्र मिश्रा इधर सीडीओ की आंख में धूल झोंकने का प्रयास करते रहे, जबकि अंदरखाने फर्जी डिस्पैच नंबर से छह अभ्यर्थियों के लोनिंग प्रस्ताव साक्षात्कार होने से पहले ही बैंकों को भेज दिए गए। सूत्रों से फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर सीडीओ ने स्वयं कमान संभालते हुए प्रकरण की गहनता से जांच की, तो परतें उधड़कर सामने आ गईं। ज्यादातर मामले इलाहाबाद बैंक, एसबीआई शाखाओं से जुड़े थे। खुलासा होने पर सीडीओ ने संबंधित बैंकों से लोनिंग की फाइलें वापस मंगा ली और दोषी पाए गए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए फाइल डीएम के पास भेज दी।
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इन लाभार्थियों के पहले भेजे गए प्रस्ताव
सिंगहा निवासी श्याम बिहारी मिश्रा की लोनिंग फाइल इलाहाबाद बैंक ममरी, बेलाबोझी निवासी कौशल किशोर की पंजाब नेशनल बैंक सिकंद्राबाद, लखीमपुर निवासी अभिषेक कुमार वर्मा की बैंक आफ बड़ौदा लखीमपुर, कठरियनपुरवा निवासी राजेंद्र सिंह की इलाहाबाद बैंक ढखेरवा, मूर्तिहा निवासी शादनाम खां की यूनियन बैंक आफ इंडिया और दुबहा निवासी उजला देवी की फाइल इलाहाबाद बैंक शाखा छेदुईपतिया भेजी गई थी। जांच में सभी के डिस्पैच नंबर फर्जी 
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इनके भी डिस्पैच नंबर फर्जी 
बांसी निवासी गंगोत्री शुक्ला, व्सूरमा निवासी लालराम, मसानखंब निवासी नंदगोपाल, जगन्नाथपुर निवासी शारदा प्रसाद, गोला के मोहल्ला पूर्वी दीक्षिताना निवासी पल्लवी राजपूत, सुथना बरसोला निवासी शालू गर्ग और प्राची गोयल की लोनिंग फाइलों पर डाले गए डिस्पैच नंबर फर्जी पाए गए हैं। 

तीसरी बार पोस्टिंग, 12 साल से ज्यादा कार्यकाल
प्रकरण में दोषी पाए गए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अनिल रामेंद्र मिश्रा की जिले में तीसरी बार इसी साल पोस्टिंग हुई थी। इससे पहले अगस्त 2002 से जून 2007 तक और जुलाई 2008 से जून 2015 तक इनका कार्यकाल इसी कार्यालय में रहा है। 


जांच में दोषी पाए गए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के खिलाफ विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है। यह कार्रवाई मुख्य कार्यपालक अधिकारी खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड लखनऊ द्वारा की जाएगी। फाइल डीएम के पास भेज दी है। 
-अमित सिंह बंसल, सीडीओ
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