{"_id":"58a703ea4f1c1b921ad848fc","slug":"inspired-to-send-school-child-laborers","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाल मजदूरों को स्कूल भेजने के लिए किया प्रेरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाल मजदूरों को स्कूल भेजने के लिए किया प्रेरित
अमर उजाला ब्यूरो मोहम्मदी।
Updated Fri, 17 Feb 2017 11:18 PM IST
विज्ञापन
उड़ान
- फोटो : अमर उजाला
- दून पब्लिक सीनियर सेकेंड्री स्कूल में हुआ ‘उड़ान’ कार्यक्रम
दून पब्लिक सीनियर सेकेंड्री स्कूल के द्वारा आयोजित ‘उड़ान’ कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के गांव रामपुर, रधोला, फत्तेपुर, जेवां, पलिया सहित कई गांवों में जाकर असहाय बच्चों, बाल मजदूरों तथा किन्हीं कारणों से स्कूल न जाने और पढ़ाई के प्रति उदासीन बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
दून पब्लिक स्कूल टीम ने उड़ान कार्यक्रम के तहत गांव रामपुर, रधोला, फत्तेपुर, जेवां, पलिया, शाहपुर राजा, बेला पहाड़ा, मूड़ा, सराय, नयागांव, बिचपरी सहित दर्जनों गांवों में जाकर बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। टीम प्रभारी अमनदीप कौर ने बच्चों से भेंट की और उनके अभिभावकों से कहा कि बचपन, इंसान की जिंदगी का सबसे हसीन समय होता है, बचपन में न किसी बात की चिंता और न ही कोई जिम्मेदारी बस हर समय अपनी मस्तियों में खोए रहना, खेलना-कूदना और पढ़ना, लेकिन सभी का बचपन ऐसा हो यह जरूरी है, इसलिये अपने बच्चे को अच्छा बचपन दें और इसके लिए यह पहला कर्तव्य है कि अपने बच्चे को स्कूल जरूर भेजे।
प्रबंधक डॉ. गुरुमेजर सिंह और टीम के कोऑर्डिनेटर ने कहा कि बच्चे भगवान का रूप हैं। उनसे कोई भी श्रम न करवाए बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें और उन्हें स्कूल भेजे। टीम के सदस्य संजय सक्सेना, सरफराज खान, शिवओम दीक्षित, करुनेद्र सिंह, आरती शुक्ला, रीतू अग्रवाल, सतनाम सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दून पब्लिक सीनियर सेकेंड्री स्कूल के द्वारा आयोजित ‘उड़ान’ कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के गांव रामपुर, रधोला, फत्तेपुर, जेवां, पलिया सहित कई गांवों में जाकर असहाय बच्चों, बाल मजदूरों तथा किन्हीं कारणों से स्कूल न जाने और पढ़ाई के प्रति उदासीन बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
दून पब्लिक स्कूल टीम ने उड़ान कार्यक्रम के तहत गांव रामपुर, रधोला, फत्तेपुर, जेवां, पलिया, शाहपुर राजा, बेला पहाड़ा, मूड़ा, सराय, नयागांव, बिचपरी सहित दर्जनों गांवों में जाकर बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। टीम प्रभारी अमनदीप कौर ने बच्चों से भेंट की और उनके अभिभावकों से कहा कि बचपन, इंसान की जिंदगी का सबसे हसीन समय होता है, बचपन में न किसी बात की चिंता और न ही कोई जिम्मेदारी बस हर समय अपनी मस्तियों में खोए रहना, खेलना-कूदना और पढ़ना, लेकिन सभी का बचपन ऐसा हो यह जरूरी है, इसलिये अपने बच्चे को अच्छा बचपन दें और इसके लिए यह पहला कर्तव्य है कि अपने बच्चे को स्कूल जरूर भेजे।
विज्ञापन
प्रबंधक डॉ. गुरुमेजर सिंह और टीम के कोऑर्डिनेटर ने कहा कि बच्चे भगवान का रूप हैं। उनसे कोई भी श्रम न करवाए बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें और उन्हें स्कूल भेजे। टीम के सदस्य संजय सक्सेना, सरफराज खान, शिवओम दीक्षित, करुनेद्र सिंह, आरती शुक्ला, रीतू अग्रवाल, सतनाम सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन