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लावारिस मुर्दों के साथ भी नाइंसाफी
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:05 PM IST
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मृत देहअ
- फोटो : डेमो फोटो
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पांच दिनों से पोस्टमार्टम हाउस में सड़ रहा शव
पंचनामा तो दूर शिनाख्त के भी नहीं किए गए प्रयास
हवालात में कई दिनों तक अपराधियों को रोकने की बात तो पुलिस के लिए आम है, लेकिन यहां तो एक लावारिस शव पांच दिन से पोस्टमार्टम के इंतजार में सड़ रहा है। पुलिस को अब तक इसका पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराने की सुधि नहीं आई है।
जिले की पुलिस मुर्दों को लेकर भी संजीदा नहीं है। सदर कोतवाली की राजापुर चौकी पुलिस को पांच जून की रात ढाई बजे पीलीभीत-बस्ती मार्ग पर बेडनापुल के पास एक 30 वर्षीय युवक का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया। इसके बाद से पुलिस ने शव की सुधि नहीं ली। नियमानुसार पुलिस को अज्ञात शव का 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराकर अंत्येष्टि करानी चाहिए। इस समयावधि के बीच यदि शव की शिनाख्त हो जाती है तो पुलिस शव को परिवार वालों के हवाले कर देती है, लेकिन बेडनापुल से बरामद हुए शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाने के बाद पुलिस ने उधर मुड़कर नहीं देखा। शिनाख्त के भी कोई प्रयास नहीं किए। हालात यह हो गए हैं कि शव सड़गल चुका है। उसमें कीड़े पड़ चुके हैं। जिससे पोस्टमार्टम हाउस से उठ रही दुर्गंध से आवासीय कॉलोनी में रह रहे पुलिस वालों के अलावा आसपास के लोग काफी परेशान हैं।
नहीं मिलती कोई सरकारी इमदाद
35 वर्षों से लाशों को ढोने वाले कमरुद्दीन बताते हैं कि उन्हें कोई सरकारी इमदाद नहीं मिलती है। वह अपने पैसे से लावारिस शवों के कपड़े और पॉलिथीन का इंतजाम करते हैं। कभी कभार ही पुलिस वाले सहयोग करते हैं।
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मामला संज्ञान में आया है। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश सदर कोतवाली को दिए गए हैं। देरी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-एमपी सिंह, सीओ सिटी
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पंचनामा तो दूर शिनाख्त के भी नहीं किए गए प्रयास
हवालात में कई दिनों तक अपराधियों को रोकने की बात तो पुलिस के लिए आम है, लेकिन यहां तो एक लावारिस शव पांच दिन से पोस्टमार्टम के इंतजार में सड़ रहा है। पुलिस को अब तक इसका पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराने की सुधि नहीं आई है।
जिले की पुलिस मुर्दों को लेकर भी संजीदा नहीं है। सदर कोतवाली की राजापुर चौकी पुलिस को पांच जून की रात ढाई बजे पीलीभीत-बस्ती मार्ग पर बेडनापुल के पास एक 30 वर्षीय युवक का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया। इसके बाद से पुलिस ने शव की सुधि नहीं ली। नियमानुसार पुलिस को अज्ञात शव का 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराकर अंत्येष्टि करानी चाहिए। इस समयावधि के बीच यदि शव की शिनाख्त हो जाती है तो पुलिस शव को परिवार वालों के हवाले कर देती है, लेकिन बेडनापुल से बरामद हुए शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाने के बाद पुलिस ने उधर मुड़कर नहीं देखा। शिनाख्त के भी कोई प्रयास नहीं किए। हालात यह हो गए हैं कि शव सड़गल चुका है। उसमें कीड़े पड़ चुके हैं। जिससे पोस्टमार्टम हाउस से उठ रही दुर्गंध से आवासीय कॉलोनी में रह रहे पुलिस वालों के अलावा आसपास के लोग काफी परेशान हैं।
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नहीं मिलती कोई सरकारी इमदाद
35 वर्षों से लाशों को ढोने वाले कमरुद्दीन बताते हैं कि उन्हें कोई सरकारी इमदाद नहीं मिलती है। वह अपने पैसे से लावारिस शवों के कपड़े और पॉलिथीन का इंतजाम करते हैं। कभी कभार ही पुलिस वाले सहयोग करते हैं।
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मामला संज्ञान में आया है। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश सदर कोतवाली को दिए गए हैं। देरी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-एमपी सिंह, सीओ सिटी