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‘सरकारी नीतियों से बढ़ रही समस्याएं’
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 10 Feb 2017 10:39 PM IST
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चुनाव
- फोटो : demo pic
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- सीपीआईएम उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव पहुंचे खीरी
सीपीआईएम उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव डॉ. हीरालाल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दो मुद्दे सबसे अहम हैं। पहला आम जनजीवन से जुड़े मुद्दे और दूसरा आम आदमी की एकता का सवाल। आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। महंगाई, मूल्यवृद्धि, बेरोजगारी, किसानों की तबाही, शिक्षा, स्वास्थ्य की समस्याएं सीधे तौर पर सरकारों की नीतियों के कारण विकराल रूप लेती जा रही हैं। वह बेहजम में एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि ताजा उदाहरण नोटबंदी का है। मोदी सरकार ने कहा था कि यह कालाधन बाहर लाने के लिए और आतंकवाद की फंडिंग रोकने के लिए है। यह झूठ और जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा था। असली मकसद तो आम आदमी के जेब से पैसा छीन कर पूंजीपतियों को देना था। किसानों के लिए उत्पादन का डेढ़ गुना दाम देने, दो करोड़ लोगों को हर साल रोजगार देने का वादा रद्दी की टोकरी में फेंक दिया गया। उन्होंने कहा कि आज की बड़ी जरूरत है कि इन जनविरोधी नीतियों का विरोध किया जाए। जरूरी यह भी है कि विधानसभा के मंच से भी जनता के मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए जाएं।
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सीपीआईएम उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव डॉ. हीरालाल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दो मुद्दे सबसे अहम हैं। पहला आम जनजीवन से जुड़े मुद्दे और दूसरा आम आदमी की एकता का सवाल। आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। महंगाई, मूल्यवृद्धि, बेरोजगारी, किसानों की तबाही, शिक्षा, स्वास्थ्य की समस्याएं सीधे तौर पर सरकारों की नीतियों के कारण विकराल रूप लेती जा रही हैं। वह बेहजम में एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि ताजा उदाहरण नोटबंदी का है। मोदी सरकार ने कहा था कि यह कालाधन बाहर लाने के लिए और आतंकवाद की फंडिंग रोकने के लिए है। यह झूठ और जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा था। असली मकसद तो आम आदमी के जेब से पैसा छीन कर पूंजीपतियों को देना था। किसानों के लिए उत्पादन का डेढ़ गुना दाम देने, दो करोड़ लोगों को हर साल रोजगार देने का वादा रद्दी की टोकरी में फेंक दिया गया। उन्होंने कहा कि आज की बड़ी जरूरत है कि इन जनविरोधी नीतियों का विरोध किया जाए। जरूरी यह भी है कि विधानसभा के मंच से भी जनता के मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए जाएं।
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