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रकबा घटने पर भी बढ़ा चीनी का उत्पादन
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 11 May 2015 11:25 PM IST
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पेराई सत्र 2014-15 में जिले के किसानों ने गन्ने का रकबा नौ फीसदी कम किया था, लेकिन चीनी मिलों ने पिछले सत्र के मुकाबले 164 लाख कुंतल ज्यादा गन्ने की खरीद की है। इससे चीनी का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 16,94,938 कुंतल अधिक हुआ है, जिसमें गन्ने की बढ़ी रिकवरी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस पेराई सत्र में 2.39 लाख हेक्टेअर में गन्ना बुवाई हुई थी, जो पिछले वर्ष से नौ फीसदी कम थीं। पिछले वर्र्ष भुगतान पाने के कड़वे अनुभव के चलते किसानों ने गन्ने का रकबा घटाया था। इसके बावजूद चीनी मिलों ने 931.94 लाख कुंतल गन्ने की पेराई की है, जो पिछले वर्र्ष की तुलना में 164 लाख कुंतल ज्यादा है। लिहाजा जिले का चीनी उत्पादन 89 लाख 32 हजार 499 कुंतल रहा है, जो पिछले सत्र की तुलना में 16 लाख 94 हजार 938 कुंतल ज्यादा है।
पेराई क्षमता के मुताबिक गोला मिल ने सबसे अधिक 13 लाख 95 हजार 167 कुंतल चीनी का उत्पादन किया है। जबकि 12 लाख 17 हजार 549 कुंतल चीनी उत्पादन कर अजवापुर मिल दूसरे स्थान पर रही है। चीनी उत्पादन में वृद्धि के पीछे रिकवरी का भी असर माना जा रहा है, क्योंकि पिछले छह सत्रों के मुकाबले इस बार 9.58 फीसदी प्रति कुंतल चीनी की रिकवरी हुई है। जबकि पिछले सत्र में 9.44 फीसदी रही थी।
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जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि अधिकांश चीनी मिलों ने पेर्राई क्षमता के मुताबिक प्रदर्र्शन किया है। पिछले वर्र्ष अजवापुर मिल चीनी उत्पादन में पहले स्थान पर था, लेकिन इस बार गोला मिल ने पहला स्थान बरकरार रखा है। रिकवरी बढ़ने से भी उत्पादन अच्छा रहा है।
किसान वहीं का वहीं
इसके बावजूद किसानों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। क्योंकि अजवापुर को छोड़ आठ मिलों पर नौ अरब आठ करोड़ 56 लाख 31 हजार रुपये बकाया है। इससे किसानों को आर्थिक दिक्कतों का सामना इस बार भी करना पड़ रहा है।
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इस पेराई सत्र में 2.39 लाख हेक्टेअर में गन्ना बुवाई हुई थी, जो पिछले वर्ष से नौ फीसदी कम थीं। पिछले वर्र्ष भुगतान पाने के कड़वे अनुभव के चलते किसानों ने गन्ने का रकबा घटाया था। इसके बावजूद चीनी मिलों ने 931.94 लाख कुंतल गन्ने की पेराई की है, जो पिछले वर्र्ष की तुलना में 164 लाख कुंतल ज्यादा है। लिहाजा जिले का चीनी उत्पादन 89 लाख 32 हजार 499 कुंतल रहा है, जो पिछले सत्र की तुलना में 16 लाख 94 हजार 938 कुंतल ज्यादा है।
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पेराई क्षमता के मुताबिक गोला मिल ने सबसे अधिक 13 लाख 95 हजार 167 कुंतल चीनी का उत्पादन किया है। जबकि 12 लाख 17 हजार 549 कुंतल चीनी उत्पादन कर अजवापुर मिल दूसरे स्थान पर रही है। चीनी उत्पादन में वृद्धि के पीछे रिकवरी का भी असर माना जा रहा है, क्योंकि पिछले छह सत्रों के मुकाबले इस बार 9.58 फीसदी प्रति कुंतल चीनी की रिकवरी हुई है। जबकि पिछले सत्र में 9.44 फीसदी रही थी।
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जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि अधिकांश चीनी मिलों ने पेर्राई क्षमता के मुताबिक प्रदर्र्शन किया है। पिछले वर्र्ष अजवापुर मिल चीनी उत्पादन में पहले स्थान पर था, लेकिन इस बार गोला मिल ने पहला स्थान बरकरार रखा है। रिकवरी बढ़ने से भी उत्पादन अच्छा रहा है।
किसान वहीं का वहीं
इसके बावजूद किसानों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। क्योंकि अजवापुर को छोड़ आठ मिलों पर नौ अरब आठ करोड़ 56 लाख 31 हजार रुपये बकाया है। इससे किसानों को आर्थिक दिक्कतों का सामना इस बार भी करना पड़ रहा है।