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ढाई माह में 41 क्रय केंद्रों पर सिर्फ 768.39 मीट्रिक टन गेहूं खरीद

Thu, 16 Jun 2022 12:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2022 12:20 AM IST
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In two and a half months, only 768.39 metric tonnes of wheat was purchased at 41 purchasing centers
सूने पड़े गेहूं केंद्र।
अधिकारी बोले, लक्ष्य का केवल .41 फीसदी हुई गेहूं की खरीद
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अब तक 92 क्रय केंद्रों का तो खाता भी नहीं खुला
गेहूं खरीद की अवधि 15 दिन बढ़ाकर 30 जून हुई
लखीमपुर खीरी। जनपद में सरकारी गेहूं खरीद की निर्धारित अवधि 15 जून 2022 तक सिर्फ 768.39 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हो पाई है, जो कुल लक्ष्य 1.88 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष 0.41 प्रतिशत है। यह नाममात्र की खरीद सिर्फ 41 क्रय केंद्रों पर हुई, जबकि 92 क्रय केंद्रों का ढाई माह के दौरान खाता भी नहीं खुल सका है। कम खरीद होने के कारण सरकारी क्रय केंद्रों के खुलने की अवधि 15 जून से बढ़ाकर 30 जून 2022 कर दी गई है।
रबी क्रय वर्ष 2022-23 में जनपद में कुल 133 गेहूं क्रय केंद्र एक अप्रैल 2022 से खोले गए, जिसमें से 41 क्रय केंद्रों पर ही नाममात्र की गेहूं खरीद हो पाई है, जबकि सरकार ने जनपद में 1.88 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया था। इस बार पिछले सालों के मुकाबले बेहद खराब रहे, क्योंकि सरकार द्वारा घोषित एमएसपी 2015 रुपये प्रति क्विंटल के सापेक्ष बाजार गेहूं का बाजार भाव अधिक रहा, जिससे किसान क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचने के लिए नहीं गए और उन्होंने बाजार में व्यापारियों के हाथों गेहूं बेचना फायदेमंद समझा। सिर्फ 132 किसानों ने 41 क्रय केंद्रों पर 768.39 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है, जो लक्ष्य 1.88 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष 0.41 प्रतिशत है। वहीं पिछले वर्ष 2021 में 15 जून तक 1,45,580.56 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इस वर्ष क्रय एजेंसियों की खरीद को देखें तो खाद्य विभाग के 20 क्रय केंद्रों पर 465.21 एमटी, पीसीएफ के छह क्रय केंद्रों पर 59 एमटी, पीसीयू के 12 क्रय केंद्रों पर 228.78 एमटी, एफसीआई के तीन क्रय केंद्रों पर 15.40 एमटी गेहूं खरीदा जा सका है, जबकि यूपीएसएस के एक भी क्रय केंद्र पर खरीद नहीं हो पाई है। अब सरकार द्वारा बढ़ाई अवधि यानी 15 दिनों में भी गेहूं खरीद में कोई खास प्रगति होने की उम्मीद बेहद कम है, क्योंकि अब गेहूं की आवक भी कम हो चुकी है तो वहीं बाजार के रेट अब भी एमएसपी से ज्यादा बने हुए हैं।
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बाजार में गेहूं का रेट एमएसपी से अधिक होने के कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं। मोबाइल क्रय केंद्र चालू किए गए, लेकिन इसका भी असर नहीं दिखा है। सरकारी क्रय केंद्रों के बजाय किसान व्यापारियों के पास गेहूं बेच रहे हैं, क्योंकि सरकार की भी मंशा है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। हालांकि सरकार ने सरकारी क्रय केंद्रों के खुलने की समय अवधि 30 जून 2022 तक बढ़ा दी है।
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- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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