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दो विभागों की जंग में कामकाज ठप
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 12 Jul 2016 11:13 PM IST
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अब ग्राम्य विकास महापरिषद आंदोलन की राह पर
13 से 23 जुलाई तक करेंगे विरोध प्रदर्शन
ग्राम्य विकास और पंचायत राज के बीच बढ़ा टकराव
आवास योजना के पात्रों को पूरा नहीं हो सका सर्वे
ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण से मुक्त होने के लिए पंचायत राज विभाग के विरोध प्रदर्शन के बाद दोनों विभागों के बीच टकराव की जमीन तैयार हो गई है। अपनी मांग को लेकर आंदोलन तेज करने के लिए पंचायत राज महासंघ ने व्यापक पैमाने पर रणनीति बनाई है, जिसके जवाब में ग्राम्य विकास महापरिषद ने भी मोर्चेबंदी करते हुए आंदोलन का खाका तैयार किया है। बीडीओ समेत ग्राम्य विकास के अधिकारियों ने मंगलवार को डीएम और सीडीओ को ज्ञापन देकर प्रांतीय आह्वान पर 13 से 23 जुलाई 2016 तक विभिन्न तरीकों से आंदोलन करने का एलान किया है।
उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महापरिषद ने खंड स्तरीय विकास प्रशासन के सुदृढ़ीकरण के लिए चौदहवें वित्त आयोग के अनुदान विषयक शासनादेश को जारी न करने पर रोष जताया है। महापरिषद जिला कार्यकारिणी के अध्यक्ष एके सिंह ने कहा है कि ग्राम्य विकास की अन्य मांगों के संबंध में शासन देरी कर रहा है, जिससे प्रांतीय संगठन के आह्वान पर आंदोलन करने का निर्णय किया गया हैै। इसकी शुरुआत बुधवार से प्रत्येक ब्लाक और जनपद मुख्यालय पर सहभागी संगठनों के साथ गेट मीटिंग की जाएगी, जिसमें पंचायत राज विभाग के वास्तविक उद्देश्यों, बीडीओ, सीडीओ और डीएम के संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी। 14 से 18 जुलाई 2016 तक विरोध स्वरूप अधिकारी और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। 19 जुलाई 2016 को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी विरोध करेंगे। 21 से 23 जुलाई 2016 तक मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण के लिए ब्लाक और जिला मुख्यालय पर अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराकर कार्य बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन देने वाले अधिकारियों में बीडीओ भूषण कुमार, रचना गुप्ता, जिला मंत्री अनुज अवस्थी शामिल रहे।
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लखनऊ में बैठक कर तय होगी आगे की रणनीति
इस आंदोलन के दौरान ग्राम्य विकास महापरिषद की मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के संकेत अधिकारियों ने दिए हैं। अध्यक्ष एके सिंह ने बताया कि 24 जुलाई 2016 को प्रांतीय कार्यकारिणी की लखनऊ में बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति पर निर्णय किया जाएगा। मसलन सभी अधिकारी और कर्मचारी अनिश्चिकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।
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डीडीओ और पीडी देंगे आंदोलन को धार
महापरिषद ने आंदोलन को धार देने के लिए जिला विकास अधिकारी और परियोजना निदेशक को पत्र लिखा है, जिसमें प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की गई हैै।
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आवास लाभार्थियों को झटका
दो विभागों के बीच चल रही रस्साकसी से कई योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हुआ है, जिससे लाभार्थियों को झटका लगा है। मसलन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रता सूची के सर्वे का कार्य सभी ब्लाकों को 30 जून तक पूरा करना था, जिसके बाद जिले को लक्ष्य आवंटित होना है। जुलाई का पहला पखवाड़ा बीतने को है, लेकिन अभी 50 फीसदी सर्वे पूरा नहीं हो पाया है। पीडी दिनेश सिंह नेे इस संबंध में सभी बीडीओ को नोटिस भेजी है। वहीं बीडीओ का तर्क है कि ब्लाकों में एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैैं।
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13 से 23 जुलाई तक करेंगे विरोध प्रदर्शन
ग्राम्य विकास और पंचायत राज के बीच बढ़ा टकराव
आवास योजना के पात्रों को पूरा नहीं हो सका सर्वे
ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण से मुक्त होने के लिए पंचायत राज विभाग के विरोध प्रदर्शन के बाद दोनों विभागों के बीच टकराव की जमीन तैयार हो गई है। अपनी मांग को लेकर आंदोलन तेज करने के लिए पंचायत राज महासंघ ने व्यापक पैमाने पर रणनीति बनाई है, जिसके जवाब में ग्राम्य विकास महापरिषद ने भी मोर्चेबंदी करते हुए आंदोलन का खाका तैयार किया है। बीडीओ समेत ग्राम्य विकास के अधिकारियों ने मंगलवार को डीएम और सीडीओ को ज्ञापन देकर प्रांतीय आह्वान पर 13 से 23 जुलाई 2016 तक विभिन्न तरीकों से आंदोलन करने का एलान किया है।
उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महापरिषद ने खंड स्तरीय विकास प्रशासन के सुदृढ़ीकरण के लिए चौदहवें वित्त आयोग के अनुदान विषयक शासनादेश को जारी न करने पर रोष जताया है। महापरिषद जिला कार्यकारिणी के अध्यक्ष एके सिंह ने कहा है कि ग्राम्य विकास की अन्य मांगों के संबंध में शासन देरी कर रहा है, जिससे प्रांतीय संगठन के आह्वान पर आंदोलन करने का निर्णय किया गया हैै। इसकी शुरुआत बुधवार से प्रत्येक ब्लाक और जनपद मुख्यालय पर सहभागी संगठनों के साथ गेट मीटिंग की जाएगी, जिसमें पंचायत राज विभाग के वास्तविक उद्देश्यों, बीडीओ, सीडीओ और डीएम के संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी। 14 से 18 जुलाई 2016 तक विरोध स्वरूप अधिकारी और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। 19 जुलाई 2016 को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी विरोध करेंगे। 21 से 23 जुलाई 2016 तक मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण के लिए ब्लाक और जिला मुख्यालय पर अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराकर कार्य बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन देने वाले अधिकारियों में बीडीओ भूषण कुमार, रचना गुप्ता, जिला मंत्री अनुज अवस्थी शामिल रहे।
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लखनऊ में बैठक कर तय होगी आगे की रणनीति
इस आंदोलन के दौरान ग्राम्य विकास महापरिषद की मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के संकेत अधिकारियों ने दिए हैं। अध्यक्ष एके सिंह ने बताया कि 24 जुलाई 2016 को प्रांतीय कार्यकारिणी की लखनऊ में बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति पर निर्णय किया जाएगा। मसलन सभी अधिकारी और कर्मचारी अनिश्चिकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।
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डीडीओ और पीडी देंगे आंदोलन को धार
महापरिषद ने आंदोलन को धार देने के लिए जिला विकास अधिकारी और परियोजना निदेशक को पत्र लिखा है, जिसमें प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की गई हैै।
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आवास लाभार्थियों को झटका
दो विभागों के बीच चल रही रस्साकसी से कई योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हुआ है, जिससे लाभार्थियों को झटका लगा है। मसलन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रता सूची के सर्वे का कार्य सभी ब्लाकों को 30 जून तक पूरा करना था, जिसके बाद जिले को लक्ष्य आवंटित होना है। जुलाई का पहला पखवाड़ा बीतने को है, लेकिन अभी 50 फीसदी सर्वे पूरा नहीं हो पाया है। पीडी दिनेश सिंह नेे इस संबंध में सभी बीडीओ को नोटिस भेजी है। वहीं बीडीओ का तर्क है कि ब्लाकों में एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैैं।