फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   In Palia, Sharda is above the danger mark, while in Dhaurhara, an alert has been issued to the villagers.

पलिया में शारदा खतरे के निशान से ऊपर तो धौरहरा में ग्रामीणों को अलर्ट जारी

Sat, 09 Jul 2022 12:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jul 2022 12:17 AM IST
विज्ञापन
In Palia, Sharda is above the danger mark, while in Dhaurhara, an alert has been issued to the villagers.
शारदा का जलस्तर मापती मशीन।
बनबसा डैम से शारदा में एक लाख 30 हजार क्यूसेक पानी आया
विज्ञापन

बनबसा डैम से छोड़े गए पानी ने ग्रामीणों की और बढ़ाई मुश्किल
लखीमपुर खीरी। मौसम की बेरुखी से जहां जिले में बारिश न होने से किसान परेशान हैं। उनकी फसलें सूखती जा रही हैं तो वहीं शारदा नदी के बढ़े जलस्तर ने नदी किनारे बसे किसानों के माथे पर बल ला दिए हैं।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश की वजह से बनबसा डैम से शारदा नदी में एक लाख 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पलिया में शारदा नदी जहां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, वहीं धौरहरा क्षेत्र में नदी किनारे बसे ग्रामीणों को अलर्ट जारी करते हुए उन्हें सावधान किया गया है।
विज्ञापन

पिछले साल की तरह बाढ़ की विभीषिका न झेलें इसके लिए प्रशासन हर तैयारी से निपटने की कोशिश कर रहा है। अधिकारियों का दावा है कि बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि, हर बार की तरह मौके पर ऐसी कोई तैयारी काम आएगी, अभी इसमें संदेह है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले साल शारदा नदी ने मिटा दिया था कई गांवों का अस्तित्व
धौरहरा। तहसील क्षेत्र में पिछले साल बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई थी, जिससे कई गांवों का अस्तित्व ही मिट गया था, लिहाजा तहसील प्रशासन पिछले साल की घटनाओं से सबक लेते हुए शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि घाघरा में 80 हजार और शारदा में 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है कि वह जागरूक रहें। नदी में जलस्तर बढ़ने से न तो नदी पार करें और न ही नाव आदि का बढ़ी नदी में उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में हैं क्योंकि इतना पानी अभी नदी के पेट में ही है और उसके बाहर निकलने की फिलहाल संभावना नहीं है। अगर बनबसा डैम से पानी और रिलीज हुआ तो पानी नदी के बाहर आ सकता है, इसलिये नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को लेखपाल और पुलिस के माध्यम से सूचना भेजकर अलर्ट किया गया है, जिससे बाढ़ आने पर वह वहां से सकुशल निकल सकें।
बता दें कि पिछले वर्ष घाघरा नदी में आई बाढ़ से बाछेपारा समेत कई गांवों का अस्तित्व ही मिट गया था, जिसमें मोटे बाबा गांव, गोड़ियन पुरवा, बिनजहा,धारी दासपुरवा, गुलरिया तालुके अमेठी, सुजानपुर शामिल हैं। नदी किनारे बसे गांवों को समय रहते अलर्ट किया गया है। एसडीएम का कहना है कि अभी हालात काबू में हैं लेकिन अगर और पानी रिलीज होगा तो नदी से पानी बाहर आ सकता है और खतरा बढ़ सकता है।
खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है शारदा नदी
पलियाकलां। बनबसा बैराज से बीती रात व शुक्रवार की दोपहर को छोड़े गए पानी के चलते शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है और नदी एक बार फिर से खतरे के निशान को पार कर गई है।
शुक्रवार की दोपहर 12 बजे करीब 37 हजार क्यूसेक की रिलीजिंग होने के बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 154.100 सेंटीमीटर से 23 सेंटीमीटर ऊपर 154.330 पर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर फिर पानी भर गया है, जबकि बोझवा की ठोकर नंबर एक के पास अभी भी पानी भरा हुआ है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले गांवों के ग्रामीणों में भी अफरातफरी मच गई है। बीती रात 12 बजे बनबसा बैराज सेशारदा व घाघरा नदियों में जलस्तर बढ़ा है। जल आयोग के मुताबिक, बनबसा बैराज से रात की रिलीजिंग का पानी नदी में आया है। रोजाना आयोग की तरफ से नदी का जलस्तर हर घंटे पर चेक किया जाता है। संवाद

पिछले साल कट गया था मिलपुरवा-श्रीनगर शारदा तटबंध
महेवागंज। सिंचाई विभाग ने मिलपुरवा-श्रीनगर शारदा तटबंध मरम्मत का कार्य हाल ही में पूरा किया है। जियो बैग के साथ ही मिट्टी पटान कर लगभग 2400 मीटर तटबंध को मजबूती देने का प्रयास किया गया है। विभाग का दावा है कि संभावित बाढ़ में भी तटबंध को नुकसान पहुंचने की गुंजाइश न के बराबर है। आलम यह है कि बरसात का सीजन चालू होने के बाद भी तटबंध मरम्मत का कार्य किया जाता रहा। ग्रामीणों के मुताबिक करीब सप्ताह भर पूर्व श्रीनगर गांव के पूरब तटबंध पर मिट्टी का ताजा पटान किया गया। इससे तटबन्ध की मजबूती का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। हांलाकि पिछले वर्ष करसौर के पास बाढ़ तटबंध कट गया था, जबकि इससे काफी समय पहले गौरा और खगईपुरवा गांव के पास पानी के दबाव में तटबंध कट चुका है। शारदा नगर सिचाई विभाग खंड के अधिशासी अभियंता जयप्रकाश ने बताया कि पिछले काफी समय से तटबंध मरम्मत का कार्य चल रहा था। तटबंध से नदी काफी दूर है। ईई ने बताया कि मरम्मत और मजबूती में कोई लापरवाही नही बरती गई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed