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Lakhimpur Kheri News: स्थानांतरण न रोका गया तो नौ सितंबर से होगा धरना-प्रदर्शन
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सीतापुर मार्ग स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के लिए एकत्र हुए बिजली संविदा कर
लखीमपुर खीरी। बिजली विभाग में काम कर रहे संविदा कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। इस मामले पर कर्मचारियों का कहना है कि विभाग द्वारा किए गए स्थानांतरण पर रोक लगाई जाए।
बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले एकत्र होकर सभी कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में जाकर ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि इतना कम वेतन पाने वाले कर्मचारी बाहर जाकर काम करने में असमर्थ हैं, इसलिए स्थानांतरण पर रोक लगाई जाए।
ऐसा न होने पर हड़ताल कर आंदोलन किया जाएगा। जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा आदेश में कहा गया था कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे संविदा उपकेंद्र परिचालकों के स्थान पर सैनिक कल्याण निगम से उपकेंद्र परिचालकों को तैनात किया जाए।
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इसके अलावा एक ही सब स्टेशन, फीडर पर तीन वर्ष या अधिक समय से कार्य कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाय। उन्होंने कहा कि इन आदेशों के खिलाफ संगठन ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। जिसमें न्यायालय द्वारा संघ के पक्ष में फैसला सुनाया था। बाद में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा उक्त आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय इलाहाबाद के लखनऊ पीठ में स्पेशल अपील दाखिल की गई।
यह मामला अभी कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद भी आउटसोर्स कर्मचारियों का स्थानांतरण करने का आदेश निर्गत किया गया है। जिला मंत्री अमित मिश्रा ने कहा कि लाइन का कार्य करने वाले कर्मचारियों को मानक के अनुरूप सुरक्षा उपकरण नहीं दिया गया है, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं।
ज्ञापन देने वालों में जिला उपाध्यक्ष राम बहादुर, अंकित राजवंशी, मुनेश चंद्र, विकास तिवारी, पंकज अवस्थी, विक्रम गांधी, बहाउद्दीन, प्रदीप दीक्षित विजय वर्मा आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले एकत्र होकर सभी कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में जाकर ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि इतना कम वेतन पाने वाले कर्मचारी बाहर जाकर काम करने में असमर्थ हैं, इसलिए स्थानांतरण पर रोक लगाई जाए।
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ऐसा न होने पर हड़ताल कर आंदोलन किया जाएगा। जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा आदेश में कहा गया था कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे संविदा उपकेंद्र परिचालकों के स्थान पर सैनिक कल्याण निगम से उपकेंद्र परिचालकों को तैनात किया जाए।
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इसके अलावा एक ही सब स्टेशन, फीडर पर तीन वर्ष या अधिक समय से कार्य कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाय। उन्होंने कहा कि इन आदेशों के खिलाफ संगठन ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। जिसमें न्यायालय द्वारा संघ के पक्ष में फैसला सुनाया था। बाद में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा उक्त आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय इलाहाबाद के लखनऊ पीठ में स्पेशल अपील दाखिल की गई।
यह मामला अभी कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद भी आउटसोर्स कर्मचारियों का स्थानांतरण करने का आदेश निर्गत किया गया है। जिला मंत्री अमित मिश्रा ने कहा कि लाइन का कार्य करने वाले कर्मचारियों को मानक के अनुरूप सुरक्षा उपकरण नहीं दिया गया है, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं।
ज्ञापन देने वालों में जिला उपाध्यक्ष राम बहादुर, अंकित राजवंशी, मुनेश चंद्र, विकास तिवारी, पंकज अवस्थी, विक्रम गांधी, बहाउद्दीन, प्रदीप दीक्षित विजय वर्मा आदि कर्मचारी मौजूद रहे।