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Lakhimpur Kheri News: अनुबंधित ढाबों के अलावा बस रोकी तो चालक-परिचालक पर होगी कार्रवाई
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लखीमपुर खीरी/ मैगलगंज। क्षेत्रीय प्रबंधक हरदोई की हिदायत का चालकों पर कोई असर नहीं है। चालक बसों को मैगलगंज के पास मनचाहे ढाबों के पास रोक ले रहे हैं। अब ऐसे चालकों-परिचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक हरदोई ने सीतापुर, लखीमपुर, गोला, कन्नौज व हरदोई के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र जारी कर निगम की बसों को अनुबंधित ढाबों पर ही रोके जाने की हिदायत दी थी। निर्देशों के अनदेखी पर चालक परिचालक के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। इस पत्र में लखनऊ-सीतापुर-बरेली रूट के अनुबंधित ढाबों का जिक्र किया गया। साथ ही मनचाहे ढाबों पर बस खड़ी करने से संबंधित शिकायतों के बारे में भी बताया गया।
आरएम ने कहा कि बसों का ठहराव अनुबंधित ढाबों पर ही किया जाए। अनदेखी करने वालों कर्मियों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाए। बस चालकों से अनुबंधित ढाबे की पार्किंग रसीद भी ली जाए। आरएम के निर्देशों के बाद भी चालक मैगलगंज के पास बसों को मनमाने तरीके से खड़ा कर रहे हैं। जहां मन होता है बस रोक देते हैं। शुक्रवार की शाम भी कई बसें अलग-अलग ढाबों पर नजर आईं, जबकि इस रूट पर महज दो अनुबंधित ढाबे ही हैं।
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यात्री होते परेशान, चालक-परिचालक नहीं देते ध्यान
मनमाने तरीके से ढाबों पर बस खड़ी किए जाने से यात्रियाें को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बस कितनी देर तक खड़ी रहेगी। इसका समय भी तय नहीं होता। कोई 20 तो कोई बस 40 मिनट तक खड़ी रहती है। चालकों की मनमानी से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय खर्च करना पड़ता है।
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हाल ही में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक हरदोई ने सीतापुर, लखीमपुर, गोला, कन्नौज व हरदोई के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र जारी कर निगम की बसों को अनुबंधित ढाबों पर ही रोके जाने की हिदायत दी थी। निर्देशों के अनदेखी पर चालक परिचालक के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। इस पत्र में लखनऊ-सीतापुर-बरेली रूट के अनुबंधित ढाबों का जिक्र किया गया। साथ ही मनचाहे ढाबों पर बस खड़ी करने से संबंधित शिकायतों के बारे में भी बताया गया।
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आरएम ने कहा कि बसों का ठहराव अनुबंधित ढाबों पर ही किया जाए। अनदेखी करने वालों कर्मियों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाए। बस चालकों से अनुबंधित ढाबे की पार्किंग रसीद भी ली जाए। आरएम के निर्देशों के बाद भी चालक मैगलगंज के पास बसों को मनमाने तरीके से खड़ा कर रहे हैं। जहां मन होता है बस रोक देते हैं। शुक्रवार की शाम भी कई बसें अलग-अलग ढाबों पर नजर आईं, जबकि इस रूट पर महज दो अनुबंधित ढाबे ही हैं।
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यात्री होते परेशान, चालक-परिचालक नहीं देते ध्यान
मनमाने तरीके से ढाबों पर बस खड़ी किए जाने से यात्रियाें को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बस कितनी देर तक खड़ी रहेगी। इसका समय भी तय नहीं होता। कोई 20 तो कोई बस 40 मिनट तक खड़ी रहती है। चालकों की मनमानी से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय खर्च करना पड़ता है।