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बर्फीली हवा के थपेड़ों से कांप गया जिला
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 19 Jan 2015 06:52 PM IST
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मौसम के तेवर लगातार तल्ख होते जा रहे हैं। सोमवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और बर्फीली हवाओं का दौर जारी रहा। इसके चलते पारा और नीचे लुढ़क गया। सर्द हवा के कारण गलन बढ़ गई। सोमवार को चौथे दिन भी धूप नहीं निकली। दिसंबर के पहले सप्ताह से खराब हुए मौसम में सुधार नहीं हुआ है बल्कि शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 13.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 03.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह से आसमान में बादल छाए रहने से सोमवार को भी सूरज के दर्शन नहीं हुए। लोग धूप को तरस गए। दिनभर बर्फीली हवाओं का दौर जारी रहा, जिससे गलन बढ़ गई। इसके चलते पूरे दिन लोग हीटरों और अलाव के सहारे चिपके रहे। सड़कों पर सन्नाटा और ज्यादा बढ़ गया। बाजार बंदी का दिन होने के कारण शहर की मुख्य सड़कें दोपहर में भी वीरान नजर्र आइं।
तापमान में लगातार गिरावट से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कड़ाके की ठंड के कारण बाहर से आने वाले मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। रेडीमेड कपड़ों की बिक्री सबसे ज्यादा प्रभावित है। बसंत पंचमी नजदीक आने के कारण लोग इसे मौसम का उतार मान रहे हैं। इसलिए गर्म कपड़े खरीदने से परहेज कर रहे हैं। उधर ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है इसके चलते लोग गर्मियों के कपड़े भी नहीं खरीद पा रहे हैं।
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लगातार शीतलहर के बढ़ते प्रकोप से बीमारों और बुजुर्गों की परेशानियां बढ़ गई हैं। उधर महिलाओं को इस सर्दी से बच्चों को बचाना मुश्किल हो रहा है। सर्दी के कारण बसों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या भी कम हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र से शहर में आने वाले लोगों की संख्या कम होने से शहर के व्यापार पर असर पड़ रहा है।
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सोमवार को अधिकतम तापमान 13.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 03.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह से आसमान में बादल छाए रहने से सोमवार को भी सूरज के दर्शन नहीं हुए। लोग धूप को तरस गए। दिनभर बर्फीली हवाओं का दौर जारी रहा, जिससे गलन बढ़ गई। इसके चलते पूरे दिन लोग हीटरों और अलाव के सहारे चिपके रहे। सड़कों पर सन्नाटा और ज्यादा बढ़ गया। बाजार बंदी का दिन होने के कारण शहर की मुख्य सड़कें दोपहर में भी वीरान नजर्र आइं।
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तापमान में लगातार गिरावट से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कड़ाके की ठंड के कारण बाहर से आने वाले मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। रेडीमेड कपड़ों की बिक्री सबसे ज्यादा प्रभावित है। बसंत पंचमी नजदीक आने के कारण लोग इसे मौसम का उतार मान रहे हैं। इसलिए गर्म कपड़े खरीदने से परहेज कर रहे हैं। उधर ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है इसके चलते लोग गर्मियों के कपड़े भी नहीं खरीद पा रहे हैं।
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लगातार शीतलहर के बढ़ते प्रकोप से बीमारों और बुजुर्गों की परेशानियां बढ़ गई हैं। उधर महिलाओं को इस सर्दी से बच्चों को बचाना मुश्किल हो रहा है। सर्दी के कारण बसों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या भी कम हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र से शहर में आने वाले लोगों की संख्या कम होने से शहर के व्यापार पर असर पड़ रहा है।