शारदा नदी में समा गया मकान: वीडियो तेजी से हो रहा वायरल, तीन अन्य घरों पर खतरा, भू-कटान होने से दहशत में लोग
नदी का विकराल रूप देखकर लोगों में दहशत है। इस सीजन में पहली बार नदी में पानी ज्यादा बढ़ा है। घोसियाना में 14 घर हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि समय रहते कटान न रुकी तो एक-एक कर अन्य घर भी नदी में समा सकते हैं।
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बारिश के चलते शारदा नदी का जल स्तर बढ़ने से भू-कटान शुरू हो गया है। सदर तहसील के जंगल नंबर 11 पंचायत के घोसियाना गांव में सोमवार को एक पक्का आशियाना नदी में समा गया। गनीमत रही कि उस वक्त घर में कोई नहीं था। नदी के निशाने पर तीन और मकान हैं। नदी में समाते मकान का वीडियो वायरल हो रहा है।
फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी में तेजी से पानी बढ़ने लगा है। इससे तटबंध के अंदर बसे लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। उन्हें विस्थापन का डर सताने लगा है। सोमवार को जंगल नं 11 के गांव घोसियाना में नूर आलम का घर नदी में समा गया। नदी कटान करती हुई वसीम, हसन और निसार के घरों की तरफ बढ़ रही है।
नदी का विकराल रूप देखकर लोगों में दहशत है। इस सीजन में पहली बार नदी में पानी ज्यादा बढ़ा है। घोसियाना में 14 घर हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि समय रहते कटान न रुकी तो एक-एक कर अन्य घर भी नदी में समा सकते हैं।
65 हजार क्यूसेक पास किया गया पानी
बनबसा बैराज से सोमवार को करीब 65 हजार क्यूसेक पानी पास किया गया। माना जा रहा है कि पहाड़ों पर होने वाली लगातार बारिश से बनबसा बैराज से पास किया जाएगा। इससे शारदा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। मझगईं थाना क्षेत्र के गांव दौलतापुर, धोबीपुरवा और हुलासीपुरवा आदि गांवों में बाढ़ का पानी खेतों में भर गया है। बताया जा रहा है कि पश्चिम दिशा से पानी आना जारी है।
रूरा सुल्तानपुर मार्ग पर आवागमन प्रभावित
बिजुआ क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बनबसा बैराज से भारी मात्रा में छोड़े गए पानी के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी का पानी सड़कों पर आ गया है। इससे सोमवार शाम रूरा सुल्तानपुर लिंक मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। लोगों को खतरे के बीच यात्रा करनी पड़ रही है। बिजुआ विकास खंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे घरों और फसलों को नुकसान पहुंचा है। नदी किनारे रहने वाले लोग सहमे हुए हैं और सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों ने बाढ़ से बचाव के लिए तत्काल उपाय करने की मांग की है।