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Lakhimpur Kheri News: जिला और महिला अस्पताल में नहीं हो रही हेपेटाइटिस की जांच

Fri, 28 Jul 2023 12:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jul 2023 12:23 AM IST
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Hepatitis test is not being done in district and women's hospital
ओपीडी के सामने लगी मरीजोें की भीड़
लखीमपुर खीरी। जिला एवं महिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की जांच नहीं हो रही है। पांच प्रकार की होने वाली जांचों में सिर्फ हेपेटाइटिस बी व सी की ही जांच होती है। इस समय यह भी बंद है। महिला अस्पताल की मशीन खराब है और जिला अस्पताल में केमिकल खत्म होने की वजह से जांच बंद है।
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हेपेटाइटिस लिवर की बीमारी है। शुरुआती दौर में इसकी अनदेखी बाद में जानलेवा तक बन जाती है। इसलिए इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। इस बीमारी के बारिश के मौसम में होने की आशंका ज्यादा रहती है, लेकिन जिला अस्पताल में जांच न होने के कारण मरीजों का परेशान होना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. आरएस मधौरिया का कहना है कि हेपेटाइटिस पांच प्रकार का होता है। ए. बी. सी. डी और ई। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस एक्यूट और क्रोनिक, दो प्रकार का होता है। एक्यूट तब होता है जब यह कम से कम छह महीने तक रहती है। वहीं क्रोनिक तब होता है, जब यह बीमारी लंबे समय तक रहती है।
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हेपेटाइटिस- कारण
1. ए और ई- यह दूषित पानी एवं भोजन का उपयोग करने से होती है।
2. बी और सी- यह संक्रमित खून चढ़ाने, संक्रमित सुई सिरिंज के प्रयोग, मां से शिशु में फैलता है।
3. डी- जो हेपेटाइटिस बी से संक्रमित होते हैं, वह हेपेटाइटिस डी से भी संक्रमित हो सकते हैं।
लक्षण
भूख कम होना, कम परिश्रम पर अधिक थकान लगना, बार-बार बुखार आना, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द रहना, उल्टियां होना, आंखों व त्वचा में पीलापन आना।
लिवर की सामान्य बीमारी से बचाव के घरेलू उपाय
शहद और गुड़ डाइट में शामिल करें। रात में सोने से पहले एक चम्मच हल्दी एक गिलास गुननुने दूध में घोलकर पीना लीवन के लिए फायदेमंद हैं। सुबह उठकर तीन चार गिलास पानी जरूर पीएं। लिवर रोगी नारियल पानी, शुद्ध गन्ने का रस का सेवन करें। सब्जियों का सूप पीएं, अमरूद, तरबूज, नाशपाती, मौसमी, अनार, सेव, पपीता, आलू बुखारा आदि का सेवन करें। सलाद, अंकुरित दाल और उबला हुआ खाना खाएं।



लिवर की बीमारियों को ऐसे पहचानें
1. त्वचा, नाखून, आंखों और यूरिन का पीला पड़ना
2. मुंह का बार-बार कड़वा होना
3. हर वक्त घबराहट और उल्टी की शिकायत रहना
4. पेट में सृजन और भारीपन का एहसास होना
5. आलस, चिड़चिड़ापन और हर वक्त नींद आना
लिवर के बारे में यह भी जानें
लिवर शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग होने के साथ पाचन तंत्र का प्रमुख हिस्सा है। दवा एवं भोजन लीवर से ही होकर गुजरता है। यह संक्रमण से लड़ता है। रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है। विषाक्त पदार्थों को हटाता है। कोलेस्ट्राल को नियंत्रित करता है। प्रोटीन बनाता है और पाचन में मदद करने के लिए पित्त को छोड़ता है। लिवर के बिना जीवित रहना नामुमकिन है।
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