{"_id":"f4beeda8b37fc4bf51eb8ab93eae0196","slug":"heavy-winter-falling-on-children-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्दियां बच्चों पर पड़ रहीं भारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्दियां बच्चों पर पड़ रहीं भारी
लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 10 Jan 2016 05:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में सर्दियां बच्चों पर भारी पड़ रही हैं। बच्चे ब्रांकोलाइटिस, कोल्ड डायरिया और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। हालत यह है कि जिला अस्पताल में डायरिया, निमोनिया और ब्रांकोलाइटिस से पीड़ित 14 बच्चे भर्ती हैं। इसमें लगभग दस को डायरिया और निमोनिया है। इसके अलावा अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन डायरिया और निमोनिया के 15 से 20 तब बच्चे आते हैं।
जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड इस समय बीमार बच्चों से भरा है। इसमें सबसे ज्यादा बच्चे डायरिया और निमोनिया से पीड़ित हैं। इसमें लगभग छह बच्चों को रविवार को भर्ती कराया गया। रविवार को जिला अस्पताल में डायरिया से पीड़ित थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम मिठना बोझी निवासी कलामुद्दीन की एक वर्ष की पुत्री महक, कोतवाली सदर क्षेत्र के ही ग्राम सहजनी निवासी राकेश शुक्ला का दो वर्षीय पुत्र शुभम शुक्ला, थाना क्षेत्र सिंगाही के ग्राम नौरंगाबाद निवासी मंजीत सिंह का दो वर्षीय पुत्र अंशप्रीत सिंह, बांकेगंज क्षेत्र के ग्राम भाबदा निवासी वीरेंद्र सिंह का चार वर्षीय पुत्र श्यामू, थाना क्षेत्र खीरी के ग्राम सरखनपुर निवासी मनोज का दो माह का पुत्र सूरज तथा निमोनिया से पीड़ित थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम टीकर निवासी संदीप का एक वर्ष का पुत्र शिवाजीराव, सीतापुर जिले के ग्राम नेपालापुर निवासी सगीर की पांच वर्षीय पुत्री अल्तमश तथा ग्राम ढुसुरू निवासी अरुण कुमार के पुत्र हर्षित को िजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनके अलावा कई बच्चे ब्रांकोलाइटिस और बुखार से पीड़ित हैं, जिन्हें भी भर्ती कराया गया है।
जिला अस्पताल के डॉ.आईबी त्रिपाठी ने बताया कि सर्दी लगने से बच्चे को उल्टी और दस्त शुरू हो जाते हैं इसमें खांसी ओर तेज बुखार भी आ जाता है परेशानी अधिक बढ़ जाने पर बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो जाती है। ऐसी स्थिति में बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल या प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
विज्ञापन
डॉ.आईबी त्रिपाठी ने बताया कि सर्दियों में बच्चों को सर्दी से बचाना चाहिए, जहां तक आवश्यक हो उन्हें ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक न दें। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं तथा जिस कमरे में बच्चों को रखें वहां का तापमान गर्म होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में निमोनिया और डायरिया से संबंधित सभी दवाएं उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड इस समय बीमार बच्चों से भरा है। इसमें सबसे ज्यादा बच्चे डायरिया और निमोनिया से पीड़ित हैं। इसमें लगभग छह बच्चों को रविवार को भर्ती कराया गया। रविवार को जिला अस्पताल में डायरिया से पीड़ित थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम मिठना बोझी निवासी कलामुद्दीन की एक वर्ष की पुत्री महक, कोतवाली सदर क्षेत्र के ही ग्राम सहजनी निवासी राकेश शुक्ला का दो वर्षीय पुत्र शुभम शुक्ला, थाना क्षेत्र सिंगाही के ग्राम नौरंगाबाद निवासी मंजीत सिंह का दो वर्षीय पुत्र अंशप्रीत सिंह, बांकेगंज क्षेत्र के ग्राम भाबदा निवासी वीरेंद्र सिंह का चार वर्षीय पुत्र श्यामू, थाना क्षेत्र खीरी के ग्राम सरखनपुर निवासी मनोज का दो माह का पुत्र सूरज तथा निमोनिया से पीड़ित थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम टीकर निवासी संदीप का एक वर्ष का पुत्र शिवाजीराव, सीतापुर जिले के ग्राम नेपालापुर निवासी सगीर की पांच वर्षीय पुत्री अल्तमश तथा ग्राम ढुसुरू निवासी अरुण कुमार के पुत्र हर्षित को िजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनके अलावा कई बच्चे ब्रांकोलाइटिस और बुखार से पीड़ित हैं, जिन्हें भी भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के डॉ.आईबी त्रिपाठी ने बताया कि सर्दी लगने से बच्चे को उल्टी और दस्त शुरू हो जाते हैं इसमें खांसी ओर तेज बुखार भी आ जाता है परेशानी अधिक बढ़ जाने पर बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो जाती है। ऐसी स्थिति में बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल या प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
विज्ञापन
डॉ.आईबी त्रिपाठी ने बताया कि सर्दियों में बच्चों को सर्दी से बचाना चाहिए, जहां तक आवश्यक हो उन्हें ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक न दें। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं तथा जिस कमरे में बच्चों को रखें वहां का तापमान गर्म होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में निमोनिया और डायरिया से संबंधित सभी दवाएं उपलब्ध हैं।