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भारी बारिश से फिर उफनाई शारदा
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां।
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:29 PM IST
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sharda
- फोटो : amar ujala
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- खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर पहुंची नदी
- कई गांवों का खेतिहर इलाका बाढ़ की चपेट में
भारी बारिश होने के बाद एक बार फिर से शारदा उफना गई है और खतरे के निशान से करीब 80 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी है। इससे निचले गांवों में तो पानी भरा हुआ ही साथ कई गांवों का खेतिहर इलाका बुरी तरह से प्रभावित है।
शारदा नदी खतरे के निशान 153.620 सेमी से 80 सेमी ऊपर 154.420 सेमी पर बनी हुई है। नदी के समीपवर्ती निचले गांवों में जलभराव है, तो वहीं कई दर्जन गांवों का खेतिहर इलाका बुरी तरह से बाढ़ के पानी से प्रभावित है। इससे फसलों के खराब होने की पूरी संभावनाएं हैं और इसके कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। बता दें कि बाढ़ का पानी सिर्फ गांवों में कम हो पाता है लेकिन खेतिहर इलाके में जब तक पानी कम होने का नाम लेता है तब तक फिर से बाढ़ आ जाती है इससे लगातार फसलें डूबी हुईं हैं। जिससे फसलों के पूरी तरह खराब होने की संभावनाएं बढ़ गईं हैं।
सुहेली भी उफनाई, चौखड़ा फार्म मार्ग पर चल रहा है पानी
मझगईं। भारी बरसात के चलते सुहेली नदी उफना गई है और उसके उफान के चलते चौखड़ा फार्म के रास्तों पर एक से दो फिट पानी चलने लगा है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शारदा का जलस्तर बढ़ने से नयापुरवा, लियाकत पुरवा, खालेपुरवा गांव में बाढ़ का पानी भर गया और विशुनूपुर गुरुद्वारा के पास बाढ़ में मार्ग कट जाने से रास्ता तालाब बन गया। नयापुरवा के ग्रामीणों ने बताया कि उनके कई घर नदी में समा गए हैं। कई एकड़ जमीन कट गई मगर अभी तक उनको कोई सरकारी इमदाद नहीं मिली है। इससे यह लोग दाने दाने को मोहताज हैं।
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- कई गांवों का खेतिहर इलाका बाढ़ की चपेट में
भारी बारिश होने के बाद एक बार फिर से शारदा उफना गई है और खतरे के निशान से करीब 80 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी है। इससे निचले गांवों में तो पानी भरा हुआ ही साथ कई गांवों का खेतिहर इलाका बुरी तरह से प्रभावित है।
शारदा नदी खतरे के निशान 153.620 सेमी से 80 सेमी ऊपर 154.420 सेमी पर बनी हुई है। नदी के समीपवर्ती निचले गांवों में जलभराव है, तो वहीं कई दर्जन गांवों का खेतिहर इलाका बुरी तरह से बाढ़ के पानी से प्रभावित है। इससे फसलों के खराब होने की पूरी संभावनाएं हैं और इसके कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। बता दें कि बाढ़ का पानी सिर्फ गांवों में कम हो पाता है लेकिन खेतिहर इलाके में जब तक पानी कम होने का नाम लेता है तब तक फिर से बाढ़ आ जाती है इससे लगातार फसलें डूबी हुईं हैं। जिससे फसलों के पूरी तरह खराब होने की संभावनाएं बढ़ गईं हैं।
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सुहेली भी उफनाई, चौखड़ा फार्म मार्ग पर चल रहा है पानी
मझगईं। भारी बरसात के चलते सुहेली नदी उफना गई है और उसके उफान के चलते चौखड़ा फार्म के रास्तों पर एक से दो फिट पानी चलने लगा है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शारदा का जलस्तर बढ़ने से नयापुरवा, लियाकत पुरवा, खालेपुरवा गांव में बाढ़ का पानी भर गया और विशुनूपुर गुरुद्वारा के पास बाढ़ में मार्ग कट जाने से रास्ता तालाब बन गया। नयापुरवा के ग्रामीणों ने बताया कि उनके कई घर नदी में समा गए हैं। कई एकड़ जमीन कट गई मगर अभी तक उनको कोई सरकारी इमदाद नहीं मिली है। इससे यह लोग दाने दाने को मोहताज हैं।
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