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सर्दी और गलन ने बढ़ाई मरीजों की मुश्किलें
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-जिला अस्पताल की ओपीडी में बढ़े सांस और दिल के मरीज
लखीमुपर खीरी। मौसम के बिगड़े मिजाज से जहां एक ओर सांस और दिल के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं तो वहीं बच्चे निमोनिया, सर्दी जुकाम, बुखार और कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। बुजुर्गों को भी सांस व हृदय से संबंधी दिक्क्तें हो रहीं हैं। जिला अस्पताल में मंगलवार को करीब 1200 नए और 1500 पुराने मरीज पहुंचे, जिनमें से अधिकतर मरीज सांस, हार्ट, निमोनिया और कोल्ड डायरिया से पीड़ित थे।
फिजीशियन डॉ. आरएस मधौरिया का कहना है कि सर्दी से प्रभावित मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। जिसमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा का कहना है कि इस मौसम में बच्चों का बेहद ख्याल रखने की आवश्यकता है। उनका बिस्तर गीला न रहने दें। बच्चों को गर्म कपड़ों से पूरी तरह से ढककर रखें और सांस लेने में परेशानी, बुखार, जुकाम आदि होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
निमोनिया से एक बच्चे की मौत, चार भर्ती
लखीमपुर खीरी। निमोनिया होने पर सदर ब्लॉक के गांव में बुखार आने पर हरीरामपुरवा निवासी इंद्रजीत के पुत्र विशाल (ढाई साल), शांतीनगर निवासी दीपक के पुत्र अनिकेत (डेढ़ साल) एवं ईसानगर के परसिया निवासी राम नरेश की पुत्री अनुभवी (नौ माह), मितौली निवासी कैलाश गुप्ता की पुत्री काजल (7) एवं धौरहरा निवासी राधा मोहन की पुत्री किरन (8) को लेकर जिला अस्पताल आए। हालत गंभीर होने पर सभी को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर दिया गया। इस दौरान अनिकेत की मौत हो गई।
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नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन से मिलेगा आराम
गैर संचारी रोगों के डॉ. नादिर का कहना है कि इस मौसम में नियमित व्यायाम करने के साथ संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करना चाहिए। अल सुबह और देर रात तक घर से बाहर रहने से बचें। सर्दी में अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में सर्दी से बचाव करें और परेशानी होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
सर्दी में नसों में सिकुड़न आने से रक्त का बहाव रुकने लगता है। जिससे कई बार नसें फट तक जाती हैं, जो ब्रेन स्टोक का कारण बनती है। जिससे बचने के लिए शरीर को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढककर रखें। गुनगुना पानी पिएं। खासतौर पर बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दें। वसायुक्त भोजन से परहेज रखें, क्योंकि सर्दी में पाचन क्रिया कमजोर होने से पेट खराब होने की आंशका रहती है। ब्लड प्रेशर एवं शुगर आदि को भी निरंतर नापते रहना चाहिए।
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लखीमुपर खीरी। मौसम के बिगड़े मिजाज से जहां एक ओर सांस और दिल के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं तो वहीं बच्चे निमोनिया, सर्दी जुकाम, बुखार और कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। बुजुर्गों को भी सांस व हृदय से संबंधी दिक्क्तें हो रहीं हैं। जिला अस्पताल में मंगलवार को करीब 1200 नए और 1500 पुराने मरीज पहुंचे, जिनमें से अधिकतर मरीज सांस, हार्ट, निमोनिया और कोल्ड डायरिया से पीड़ित थे।
फिजीशियन डॉ. आरएस मधौरिया का कहना है कि सर्दी से प्रभावित मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। जिसमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा का कहना है कि इस मौसम में बच्चों का बेहद ख्याल रखने की आवश्यकता है। उनका बिस्तर गीला न रहने दें। बच्चों को गर्म कपड़ों से पूरी तरह से ढककर रखें और सांस लेने में परेशानी, बुखार, जुकाम आदि होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
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निमोनिया से एक बच्चे की मौत, चार भर्ती
लखीमपुर खीरी। निमोनिया होने पर सदर ब्लॉक के गांव में बुखार आने पर हरीरामपुरवा निवासी इंद्रजीत के पुत्र विशाल (ढाई साल), शांतीनगर निवासी दीपक के पुत्र अनिकेत (डेढ़ साल) एवं ईसानगर के परसिया निवासी राम नरेश की पुत्री अनुभवी (नौ माह), मितौली निवासी कैलाश गुप्ता की पुत्री काजल (7) एवं धौरहरा निवासी राधा मोहन की पुत्री किरन (8) को लेकर जिला अस्पताल आए। हालत गंभीर होने पर सभी को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर दिया गया। इस दौरान अनिकेत की मौत हो गई।
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नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन से मिलेगा आराम
गैर संचारी रोगों के डॉ. नादिर का कहना है कि इस मौसम में नियमित व्यायाम करने के साथ संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करना चाहिए। अल सुबह और देर रात तक घर से बाहर रहने से बचें। सर्दी में अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में सर्दी से बचाव करें और परेशानी होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
सर्दी में नसों में सिकुड़न आने से रक्त का बहाव रुकने लगता है। जिससे कई बार नसें फट तक जाती हैं, जो ब्रेन स्टोक का कारण बनती है। जिससे बचने के लिए शरीर को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढककर रखें। गुनगुना पानी पिएं। खासतौर पर बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दें। वसायुक्त भोजन से परहेज रखें, क्योंकि सर्दी में पाचन क्रिया कमजोर होने से पेट खराब होने की आंशका रहती है। ब्लड प्रेशर एवं शुगर आदि को भी निरंतर नापते रहना चाहिए।