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सीएमएस साहब! नौकरी करनी है या नहीं, प्रमुख सचिव से बात करूं क्या
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के निरीक्षण में डेंटल सर्जन द्वारा ऑपरेशन न किए जाने और डेंटल चेयर खराब देखकर मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम का मूड ऑफ हो गया। डेंटल सर्जन को फटकार लगाते हुए सीएमएस से नौकरी करने की इच्छा तक पूछ डाली। मंडलायुक्त का इतना ज्यादा गुस्सा देखकर वहां मौजूद डॉक्टर और अधिकारी सकपका गए।
मंडलायुक्त करीब 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। लगभग 55 मिनट के निरीक्षण में अस्पताल प्रशासन उनके निशाने पर रहा। अस्पताल पहुंचकर वह सीधे इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। वहां पर ईएमओ डॉ. एसके सिंह से मरीजों की संख्या की जानकारी ली। साथ ही उन्हें गुटका, पान का सेवन न करने की नसीहत दी। फार्मासिस्ट अखिलेश शर्मा से उन्होंने पूछा कि अलग-अलग रंग के डस्टविन क्या अभिप्राय है। मगर, वह जवाब नहीं दे सके। इस पर उन्होंने डस्टबिन रखे जाने वाले स्थान पर बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद वह दंत चिकित्सक के रूम में पहुंचे। डॉक्टर से मुखातिब न होकर वह सीधे ऑपरेशन रूम पहुंच गए। वहां पर अव्यवस्थाएं देख उनका मूड बिगड़ गया। अव्यवस्थित डेंटलचेयर देख जब उन्हें इसके खराब होने की जानकारी मिली तो उनका गुस्सा और बढ़ गया। वहीं ऑपरेशन के बारे में पूछने पर डेंटल सर्जन भीमेंदु गौतम ने उन्हें निराश किया। इस पर वह भड़क उठे। उन्होंने सीएमएस से पूछ लिया कि नौकरी करनी है कि नहीं। उन्होंने कहा कि डेंटलचेयर खरीदो, जिससे मरीजों का लाभ मिल सके। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज झब्बू, गुड्डू अवस्थी और आजाद खां से दवाएं आदि की जानकारी की। निरीक्षण के वक्त डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ रवि रजंन, सीएमएस डॉ. आरके वर्मा, फार्मासिस्ट विमल कुमार, अनिल कुमार, रमाकांत पांडे आदि मौजूद रहे।
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मंडलायुक्त करीब 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। लगभग 55 मिनट के निरीक्षण में अस्पताल प्रशासन उनके निशाने पर रहा। अस्पताल पहुंचकर वह सीधे इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। वहां पर ईएमओ डॉ. एसके सिंह से मरीजों की संख्या की जानकारी ली। साथ ही उन्हें गुटका, पान का सेवन न करने की नसीहत दी। फार्मासिस्ट अखिलेश शर्मा से उन्होंने पूछा कि अलग-अलग रंग के डस्टविन क्या अभिप्राय है। मगर, वह जवाब नहीं दे सके। इस पर उन्होंने डस्टबिन रखे जाने वाले स्थान पर बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद वह दंत चिकित्सक के रूम में पहुंचे। डॉक्टर से मुखातिब न होकर वह सीधे ऑपरेशन रूम पहुंच गए। वहां पर अव्यवस्थाएं देख उनका मूड बिगड़ गया। अव्यवस्थित डेंटलचेयर देख जब उन्हें इसके खराब होने की जानकारी मिली तो उनका गुस्सा और बढ़ गया। वहीं ऑपरेशन के बारे में पूछने पर डेंटल सर्जन भीमेंदु गौतम ने उन्हें निराश किया। इस पर वह भड़क उठे। उन्होंने सीएमएस से पूछ लिया कि नौकरी करनी है कि नहीं। उन्होंने कहा कि डेंटलचेयर खरीदो, जिससे मरीजों का लाभ मिल सके। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज झब्बू, गुड्डू अवस्थी और आजाद खां से दवाएं आदि की जानकारी की। निरीक्षण के वक्त डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ रवि रजंन, सीएमएस डॉ. आरके वर्मा, फार्मासिस्ट विमल कुमार, अनिल कुमार, रमाकांत पांडे आदि मौजूद रहे।
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