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ग्रामीण डाक सेवकों की बेमियादी हड़ताल शुरू
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 10 Mar 2015 04:40 PM IST
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आल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक संघ के आह्वान पर तीन सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीण डाक सेवकों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताली ग्रामीण डाक सेवकों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सांसद अजय मिश्र टेनी और राज्यसभा सदस्य रविप्रकाश वर्मा को सौंप कर ग्रामीण डाक सेवकों का विभागीकरण कराने की मांग की है।
सांसदों को दिए गए ज्ञापन में ग्रामीण डाक सेवकों ने कहा है कि ग्रामीण डाक सेवक गांवों में डाक सेवाओं से जनता की सेवा करने वाले सेवक हैं। इन्हें विभागीय कर्मचारी की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। 21 फरवरी 2014 को डाक विभाग ने एक लिखित समझौता किया था कि यदि ग्रामीण डाक सेवकों के विषय सातवें वेतन आयोग के सुपुर्द नहीं किए तो विभाग उनके लिए उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय के जज की अध्यक्षता में वेतन समिति गठित करेगा। अब विभाग अपने वादे से मुकर कर एक विभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने पर तुला है। इसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है।
ग्रामीण डाक सेवकों की मांग है कि उनका विभागीकरण किया जाए और उन्हें सभी विभागीय सुविधाएं दी जाएं। ग्रामीण डाक सेवकों की सेवा शर्तों की संरचना के संबंध में न्यायाधीश समिति का गठन किया जाए। डाक विभाग के कारपोरेशन प्रस्ताव को टास्क फोर्स से रोका जाए।
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ग्रामीण डाक सेवकों ने मंगलवार को प्रधान डाक घर के सामने धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में अध्यक्ष तुलसी राम मिश्रा, मंत्री चंद्रकांत मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष एमएस खान, कोषाध्यक्ष केएल शर्मा, सहायक मंत्री जितेंद्र तिवारी, बालक राम वर्मा, उमेश चंद्र त्रिवेदी, कढ़िलेराम, अनुराग गुप्ता, वसीम अहमद, उपदेश शुक्ला और रिजवान अहमद आदि लोग शामिल रहे।
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सांसदों को दिए गए ज्ञापन में ग्रामीण डाक सेवकों ने कहा है कि ग्रामीण डाक सेवक गांवों में डाक सेवाओं से जनता की सेवा करने वाले सेवक हैं। इन्हें विभागीय कर्मचारी की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। 21 फरवरी 2014 को डाक विभाग ने एक लिखित समझौता किया था कि यदि ग्रामीण डाक सेवकों के विषय सातवें वेतन आयोग के सुपुर्द नहीं किए तो विभाग उनके लिए उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय के जज की अध्यक्षता में वेतन समिति गठित करेगा। अब विभाग अपने वादे से मुकर कर एक विभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने पर तुला है। इसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है।
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ग्रामीण डाक सेवकों की मांग है कि उनका विभागीकरण किया जाए और उन्हें सभी विभागीय सुविधाएं दी जाएं। ग्रामीण डाक सेवकों की सेवा शर्तों की संरचना के संबंध में न्यायाधीश समिति का गठन किया जाए। डाक विभाग के कारपोरेशन प्रस्ताव को टास्क फोर्स से रोका जाए।
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ग्रामीण डाक सेवकों ने मंगलवार को प्रधान डाक घर के सामने धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में अध्यक्ष तुलसी राम मिश्रा, मंत्री चंद्रकांत मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष एमएस खान, कोषाध्यक्ष केएल शर्मा, सहायक मंत्री जितेंद्र तिवारी, बालक राम वर्मा, उमेश चंद्र त्रिवेदी, कढ़िलेराम, अनुराग गुप्ता, वसीम अहमद, उपदेश शुक्ला और रिजवान अहमद आदि लोग शामिल रहे।