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Lakhimpur Kheri News: कार्रवाई के डर से खाली हो गया आधा गांव

Thu, 09 May 2024 02:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 09 May 2024 02:07 AM IST
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Half the village evacuated due to fear of action
बाघ के हमले में घायल ग्रामीण-संवाद
बिजुआ। तीन लोगों को घायल करने वाले तेंदुए की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपी ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बुधवार को घटना के बाद जब गांव में वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची तो अधिकतर घर खाली मिले। कार्रवाई के डर से लगभग आधा गांव खाली हो गया। लोग घर छोड़कर फरार हो गए।
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ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत रामनगर कला शारदा नदी के नजदीक बसी है। इसी पंचायत का 90 घरों वाला मजरा रामपुर शारदा नदी के पार है। रामपुर जाने के लिए शारदा नदी पार करनी पड़ती है। बुधवार दोपहर में तेंदुए के तीन किसानों को घायल करने के बाद गांव के लोग इतने आक्रोशित हो गए कि उन्होंने खेत में घेराबंदी कर तेंदुए को मार डाला। सूचना पर वन विभाग के साथ पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। तेंदुए के शव को मौके से हटाने के बाद टीमों ने गांव में छापा मारना शुरू किया, तो अधिकांश घरों से ग्रामीण नदारद मिले।
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किशनपुर रेंज के कटैया गांव में ग्रामीण पर बाघ ने किया हमला
दूसरी घटना किशनपुर रेंज के कटैया गांव की है। जहां खेतों में काम करते समय अजय कुमार पुत्र दाताराम पर बाघ ने हमला कर घायल कर दिया। उनको बिजुआ अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद लखीमपुर रेफर कर दिया गया है। उनकी हालत गंभीर बनी है।
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भीरा रेंजर बोले-मझगई रेंज का मामला, जबर्दस्ती थोक दिया
भीरा रेंजर राजकुमार शर्मा का कहना है कि वह इस समय बाहर हैं। मामला मझगईं रेंज का है, जबर्दस्ती हम लोगों पर थोपा जा रहा है। उधर, गोला रेंजर संजीव कुमार तिवारी का कहना है कि जहां घटना हुई है, वह तीन रेंजों की सीमा है। सभी टीमें मौके पर पहुंचीं।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सजा का है प्रावधान

दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ संजय बिश्वाल ने बताया कि बाघ या तेंदुए को पीट-पीटकर मार डालने पर आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता है। इसमें पांच से सात साल तक सजा का प्रावधान है। जबकि बाघ और तेंदुए का शिकार करने के आरोपियों को 10 से 12 साल तक की सजा का प्रावधान है।



पहले भी हो चुकी हैं इस तरह की घटनाएं


2008- कतर्निया घाट से निकलकर बफरजोन की धौरहरा रेंज पहुंचे एक तेंदुए को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला।

2012- कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में 20 लोगों पर हमला घायल करने वाले तेंदुए को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डालने के बाद उसके शव को जला दिया।

2015- उत्तर निघासन रेंज के पढ़आ गांव में ग्रामीणों ने बाघ के शावक की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
अप्रैल 2018- बफरजोन की दक्षिण निघासन रेंज के सहतेपुरवा गांव में ग्रामीणों ने एक बाघिन को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डालने का प्रयास किया।

नवंबर 2018- किशनपुर सेंक्चुरी के चलतुआ में बाघ हमले में किसान देवानंद की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने झाड़ियों में छिपे बैठे बाघ को पीट-पीटकर मार डाला।
दिसंबर 2020-दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी के चलतुआ गांव में भीड़ ने एक बाघिन को ट्रैक्टर से कुचल कर मार डाला।

27 मार्च 2018- दक्षिण खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज में शिकारियों के फंदे में फंसकर बाघ की मौत।
08 मई 3024- दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मझगई रेंज में तीन लोगों पर हमला कर घायल करने वाले तेंदुए को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला।

बाघ के हमले में घायल ग्रामीण-संवाद

बाघ के हमले में घायल ग्रामीण-संवाद

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